कद्दू के फूल की सब्जी और पकौड़ी को लोग खूब पसंद करते हैं। गांव देहात में लोग इसे अलग अलग रेसिपी के साथ बनाकर खाते हैं। हालांकि ज्यादातर लोगों ने इसके फायदों पर कभी ध्यान नहीं दिया जबकि इसमें मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई समस्याओं से बचा सकते हैं। ये जहां शुगर मैनेज करने में मददगार है वही ये पेट की डाइजेस्टिव एंजाइम्स को भी बढ़ावा देने वाला है। सके अलावा भी कई ऐसे नैचुरल इंग्रेडिएंट्स हैं जो इस देसी सब्जी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं जिसके बारे में हमने जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की।
1. इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
डाइट एक्सपर्ट अर्चना जैन कहती हैं कि कद्दू के फूल में विटामिन सी होने के साथ एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिससे इम्यून टिश्यू को बढ़ावा मिलता है और मौसमी बीमारियों से बचने की क्षमता मिलती है। कद्दू के फूलों में खासकर विटामिन C और जिंक होते हैं, जो इम्यून सेल्स को हेल्दी रखने में मददगार है। इसके अलावा ये व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ावा देने में मददगार है जिससे सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।
2. एंटी इंफ्लेमेटरी है
कद्दू के फूलों में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मददगार है। इतना ही नहीं ये उन स्थितियों में भी मददगार है जिनमें शरीर में सूजन की समस्या हो जाती है जैसे कि हार्मोनल असंतुलन से या पीरियड्स के पहले PMS के लक्षणों के रूप में।
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3. डाइजेशन कम करने में मददगार
कद्दू के फूलों में फाइबर और रफेज होता है जिसे खाना पाचन क्रिया को तेज करने के साथ इसे नियमित करने में मददगार है। ये प्रीबायोटिक की तरह काम करता है जिसे खाने से गट बैक्टीरिया को बढ़ावा मिलता है। इसका फाइबर और रफेज, कब्ज कम करने के साथ पेट फूलने और अपच की समस्या में भी मददगार है। इसके अलावा इस सब्जी के फूल में डाइजेस्टिव एन्जाइम को बढ़ावा देने की क्षमता है जिससे डाइजेशन अच्छा होता है। साथ ही ये लो कैलोरी फूड वेट लॉस में मददगार है।
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4. स्किन के लिए फायदेमंद
कद्दू के फूलों में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की मरम्मत को बढ़ावा देते हैं। विशेष रूप से विटामिन सी जो कोलेजन बूस्ट है और त्वचा में लचीलापन लाता है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को शांत करने के साथ रेडनेस को कम करते हैं। इन फूलों के अर्क को त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बों में कमी आती है और त्वचा की रंगत सही रहती है।
अलग-अलग कद्दू के फूलों को खाने के हैं अलग फायदे
साल 2026 में Foods जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें तो अलग-अलग कद्दू के फूलों को खाने के अलग-अलग फायदे हैं। जैसे बटरनट स्क्वैश (Butternut squash) कद्दू को सबसे ज्यादा पोषक तत्वों वाला कद्दू माना जाता है। इसके फूलों में प्रोटीन, जरूरी अमीनो एसिड और कैल्शियम की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा अपने यहां मिलने वाले बड़े साइज के कद्दू में विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन (β-carotene) सबसे ज्यादा पाया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट हैं जो कि शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
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कद्दू के फूलों का सेवन कैसे करें?
डाइट एक्सपर्ट अर्चना जैन कहती हैं कि कद्दू के फूलों को खाने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप इसका हेल्दी सा चोखा बना लें। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी है बस आपको
- कद्दू के फूलों को उबालना है और इन्हें मैश कर लेना है।
- इसमें आपको सरसों तेल और नमक मिलाना है।
- इसमें बारीक कटी प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें।
- सबको मिलाएं और खा लें।
इसके अलावा कुछ लोग कद्दू के फूलों को भूनकर इसकी भाजी बना लेते हैं। कुछ लोग इसकी पकौड़ी बनाकर खाते हैं तो कुछ इसकी सब्जी बनाकर खाते हैं। आप इसकी कोई भी रेसिपी ट्राई करें लेकिन इसमें तेल की मात्रा का ध्यान रखें।
निष्कर्ष:
अंत में बस इसी बात का ध्यान रखें कि कद्दू के फूलों का सेवन करने के बाद अगर आपको कोई एलर्जी के लक्षण महसूस होते हैं या ब्लड शुगर में कोई बड़ा बदलाव नजर आता है तो इसे खाना बंद कर दें और एक्सपर्ट से बात करें। इसके अलावा प्रेग्नेंसी और पेट से जुड़ी कोई भी समस्या हो तो इसे खाने से बचें क्योंकि इसके तमाम फायदों को लेकर अभी भी विस्तार से रिसर्च होना बाकी है।
FAQ
1 दिन में कद्दू के बीज कितने खाने चाहिए?
एक दिन में आपको 20 ग्राम से ज्यादा कद्दू के बीज नहीं खाना चाहिए। आपको इसे भिगोकर और भूनकर खाना चाहिए जो कि शरीर तो तमाम प्रकार के लाभ पहुंचाने में मददगार है।सुबह खाली पेट कद्दू के बीज खाने से क्या होता है?
सुबह खाली पेट कद्दू के बीज खाने से शरीर को एनर्जी मिलने के साथ मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है और पाचन में सुधार होता है। इसके अलावा ये महिलाओं में हार्मोनल हेल्थ को भी सही रखने में मददगार है।
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Sep 08, 2026 20:36 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Archana Jain