Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कौन-कौन से सप्लीमेंट्स लेना है फायदेमंद? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें

बाजार में सप्‍लीमेंट्स के कई ब्रैंड्स इम्‍यून‍िटी बढ़ाने का क्‍लेम करते हैं, लेक‍िन इन्‍हें खाकर कोई फायदा नहीं म‍िलता। डॉक्‍टर से जानें इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने के ल‍िए कौन से सप्‍लीमेंट्स वाकई असरदार हो सकते हैं?

शरीर को कई तरह के खतरों से बचाने के ल‍िए शरीर में इम्‍यून‍ स‍िस्‍टम मौजूद होता है। हमारा इम्‍यून स‍िस्‍टम शरीर को कीटाणुओं और अन्‍य हान‍िकारक तत्‍वों से बचाने का काम करता है। यह इंफेक्‍शन और चोट के बाद शरीर की र‍िकवरी में भी अहम भूम‍िका न‍िभाता है। इम्‍यून स‍िस्‍टम को हेल्‍दी डाइट, एक्‍सरसाइज, पर्याप्‍त नींद और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल से मजबूत रखा जा सकता है, लेक‍िन जब शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी होती है या डाइट कमजोर होती है, तो इम्‍यून‍िटी भी कमजोर हो जाती है और व्‍यक्‍त‍ि को बार-बार बीमारियां या इंफेक्‍शन होने लगते हैं। इससे बचने के ल‍िए लोग कई बार आसान रास्‍ता चुनते हैं और बाजार में म‍िलने वाले सप्‍लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं, लेक‍िन व‍िज्ञापन में क‍िए गए बड़े-बड़े वादे अक्‍सर खोखले साब‍ित होते हैं और इनसे इम्‍यून‍िटी मजबूत नहीं होती। हालांक‍ि, कुछ ऐसे सप्‍लीमेंट्स भी हैं जो इम्‍यून‍िटी को सपोर्ट करते हैं और शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे कुछ सप्‍लीमेंट्स के बारे में जानने के ल‍िए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant Gastroenterologist, Liver Specialist & Advanced Therapeutic Endoscopist & Endosonologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

मजबूत इम्‍यून‍िटी के ल‍िए हेल्‍दी डाइट, पर्याप्‍त नींद और एक्‍सरसाइज जरूरी है

Dr. Naveen Polavarapu ने कहा, ''सप्‍लीमेंट्स हेल्‍दी डाइट की जगह नहीं ले सकते। पोषक तत्‍वों से भरपूर बैलेंस्‍ड डाइट, पर्याप्‍त नींद और रेगुलर एक्‍सरसाइज की मदद से इम्‍यून फंक्‍शन को सपोर्ट क‍िया जा सकता है। हालांक‍ि, कुछ सप्‍लीमेंट्स हैं जि‍न्‍हें मरीजों को कमजोर इम्‍यून‍िटी के दौरान सीधे तौर पर तो नहीं द‍िया जाता है, लेक‍िन ये सप्‍लीमेंट्स इम्‍यून‍िटी को सपोर्ट करने और पोषक तत्‍वों की कमी को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

1. व‍िटाम‍िन डी

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व‍िटाम‍िन सी, डी और ज‍िंक इम्‍यून‍िटी सपोर्ट करने के ल‍िए सबसे मुख्‍य सप्‍लीमेंट्स माने जाते हैं। इन तीनों में भी व‍िटाम‍िन डी ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है क्‍योंक‍ि कई लोगों में इसकी कमी पाई जाती है। कुछ स्‍टडीज में बताया गया है क‍ि व‍िटाम‍िन डी सप्‍लीमेंट लेने से कुछ लोगों में सांस से जुड़े इंफेक्‍शन का खतरा कम हो सकता है। साल 2023 में Experimental And Molecular Pathology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के अनुसार, व‍िटाम‍िन डी इम्‍यून‍ सेल्‍स की गत‍िव‍िधि‍ और उनके बीच होने वाली सिग्नलिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांक‍ि, कमजोर इम्‍यून‍िटी में डॉक्‍टर व‍िटाम‍िन डी सप्‍लीमेंट नहीं देते हैं, लेक‍िन इसकी कमी से बीमार‍ियां जैसे ऑस्टियोपोरोसिस या हाइपोकैल्सीमिया हो सकती हैं।

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2. व‍िटाम‍िन सी

व‍िटाम‍िन सी की बात करें, तो यह शरीर की इम्‍यून कोश‍िकाओं को ठीक से काम करने में मदद करता है। ज‍िन लोगों को सर्दी-जुकाम बार-बार होता है और शरीर में व‍िटाम‍िन सी की कमी है, उनके ल‍िए व‍िटाम‍िन सी सप्‍लीमेंट मददगार साब‍ित हो सकता है। साल 2025 में Nutrition में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सर्दी-जुकाम, फ्लू वगैरह के इलाज में व‍िटाम‍िन सी शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।

3. ज‍िंक

शरीर में इम्यूनिटी से जुड़े एंजाइम को ठीक करने में ज‍िंक भी मदद कर सकता है। सर्दी-जुकाम के लक्षण शुरू होने पर ज‍िंक लेने से बीमारी की अवध‍ि कुछ लोगों में कम हो सकती है। Mayo Clinic के मुताबि‍क, ज‍िंक इम्‍यून‍ स‍िस्‍टम और मेटाबॉल‍िज्‍म को ठीक से काम करने में मदद करता है। ज‍िंक, शरीर के घाव जल्‍दी भरने में मदद करता है।

4. प्रोबायोट‍िक्‍स

प्रोबायोटिक्स को भी आंतों से जुड़ी इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद बताया गया है। साल 2023 में Cells में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी र‍िव्‍यू के अनुसार, प्रोबायोटिक्स इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि प्रोबायोटिक्स आंतों में मौजूद गट माइक्रोबायोटा और इम्‍यून‍ सेल्‍स के कनेक्‍शन को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

5. सेलेन‍ियम

इसके अलावा, सर्दी-जुकाम और फ्लू के मौसम में शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सेलेनियम की भूमिका को भी फायदेमंद माना जाता है। साल 2011 में Antioxidants & Redox Signaling में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी र‍िव्‍यू के मुताब‍िक, सेलेनियम की कमी होने से ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस बढ़ सकता है ज‍िससे इम्‍यून‍ स‍ेल्‍स की कार्यक्षमता प्रभाव‍ित हो सकती है।

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पोषक तत्‍वों की कमी होने पर ही सप्‍लीमेंट्स लेना बेहतर है

Dr. Naveen Polavarapu ने कहा, ''सप्लीमेंट्स का सबसे ज्यादा फायदा तब हो सकता है जब शरीर में किसी पोषक तत्‍व की कमी हो। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हैं, तो अतिरिक्त सप्लीमेंट लेने से बचना चाह‍िए। अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं या क‍िसी क्रोन‍िक बीमारी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह के बगैर सप्लीमेंट न लें।

  • CDC के मुताब‍िक, इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने के ल‍िए डाइट में सब्‍ज‍ियां, फल, प्रोटीन, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, हेल्‍दी फैट्स, साबुत अनाज को शाम‍िल कर सकते हैं।
  • खाने में प्रोसेस्‍ड फूड्स, नमक और चीनी को कम लेना चाह‍िए।
  • अगर आपको लगता है कि न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स की जरूरत है, तो इन्हें लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट, पर्याप्‍त नींद और एक्‍सरसाइज जरूरी है। सप्‍लीमेंट्स हेल्‍दी डाइट की जगह पूरी तरह से नहीं ले सकते। ज‍िन लोगों में पोषक तत्‍वों की कमी होती है और इम्‍यून‍िटी कमजोर होती है उनके ल‍िए व‍िटाम‍िन सी, डी, ज‍िंक, प्रोबायोटि‍क्‍स और सेलेन‍ियम जैसे सप्‍लीमेंट्स फायदेमंद साब‍ित हो सकते हैं। हालांक‍ि, ये सभी सप्‍लीमेंट्स इम्‍यून सेल्‍स को सपोर्ट करते हैं, सीधे इम्‍यून‍िटी नहीं बढ़ाते इसल‍िए डॉक्‍टर की सलाह के बगैर इनका सेवन करने से बचें।

FAQ

  • क्‍या बार-बार सर्दी-जुकाम होना कमजोर इम्‍यून‍िटी का संकेत है?

    जरूरी नहीं है। बार-बार सर्दी-जुकाम के पीछे वायरल इंफेक्‍शन या गंभीर संक्रमण भी हो सकता है। इसका खतरा बच्‍चों और बुजुर्गों में ज्‍यादा होता है।
  • इम्‍यून‍िटी कमजोर लगने पर डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

    अगर बार-बार इंफेक्‍शन हो रहा हो, इंफेक्‍शन या बीमारी लंबे समय तक बनी रहे, घाव ठीक होने में ज्‍यादा समय लगे, अक्‍सर थकान या कमजोरी महसूस होती हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 10, 2026 14:55 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 10, 2026 14:55 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu

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