Fri Sep 11, 2026 | 09:01 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

दिसंबर की ठंड में कमजोर हो सकती है इम्यूनिटी, एक्‍सपर्ट के बताए 5 तरीकों से करें बचाव

द‍िसंबर में शरीर की इम्‍यून‍िटी को कमजोर होने से बचाने के ल‍िए एक्‍सपर्ट के बताए कुछ आसान उपायों की मदद ले सकते हैं जैसे व‍िटाम‍िन-डी को प्राथम‍िकता देना, आंवला, हल्‍दी, खट्टे फल वगैरह को डाइट में शाम‍िल करना।

सर्दि‍यों के मौसम में कमजोर इम्‍यूनि‍टी का खतरा बढ़ जाता है। जैसे-जैसे द‍िसंबर में तापमान ग‍िरता है, वायरल इंफेक्‍शन, फ्लू, सर्दी-जुकाम और थकान जैसी समस्‍याएं बढ़ने लगती हैं। ठंडी हवा, धूप की कमी, ज्‍यादातर समय अंदर रहने से और कम शारीर‍िक गत‍िव‍िधि‍यों के कारण ठंड में बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ आसान उपायोंं की मदद से द‍िसंबर की ठंड और कमजोर इम्‍यून‍िटी से बच सकते हैं। इन उपायों को व‍िस्‍तार से आगे जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. विटामिन-डी एक्सपोजर को प्राथमिकता दें- Prioritise Vitamin D Exposure

  • सर्दि‍यों में कमजोर इम्‍यून‍िटी से बचने के ल‍िए व‍िटाम‍िन-डी पर फोकस करना न भूलें।
  • रोज सुबह 15 से 20 म‍िनट धूप में बैठें, इससे इम्‍यून सेल्‍स एक्‍ट‍िव होते हैं।
  • एक्‍सपर्ट की सलाह पर व‍िटाम‍िन-डी सप्‍लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं।

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2. गट हेल्थ को मजबूत करें: अदरक, लहसुन, हल्दी का सेवन करें- Strengthen Gut Health With These Spices

ठंड में सर्दी-जुकाम और वायरल इंंफेक्‍शन से बचने के ल‍िए क‍िचन के हेल्‍दी मसाले जैसे हल्‍दी, लहसुन, अदरक को डाइट में शाम‍िल करें। Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोब‍ियल गुण मौजूद होते हैं। ये गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं और इम्‍यून‍िटी को सपोर्ट करते हैं।

3. स‍िट्रस फलों का सेवन बढ़ाएं- Include Citrus Fruits In Diet

संतरा, मौसमी, नींबू और कीवी जैसे स‍िट्रस फलों में व‍िटाम‍िन-सी की भरपूर मात्रा होती है।Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि द‍िसंबर की ठंड से बचने और इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने के ल‍िए व‍िटाम‍िन-सी से भरपूर फलों का सेवन करें। स‍िट्रस फल खाने से सर्दी-खांसी होने की संभावना कम होती है, लेक‍िन रात को खट्टे फल खाने से बचें।

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4. सर्दि‍यों में रोज आंवला खाएं- Include Amla In Daily Winter Diet

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  • सर्दि‍यों में शरीर को स्‍वस्थ रखने के ल‍िए आंवला का सेवन करें।
  • आंवला में व‍िटाम‍िन-सी और एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स जैसे गुण पाए जाते हैं।
  • यह शरीर को वायरल इंफेक्‍शन, फ्री-रेड‍िकल डैमेज और मौसमी बीमार‍ियों से बचाने में मदद करता है।
  • सुबह खाली पेट आंवला खाना बहुत असरदार माना जाता है।

5. हाथों की साफ-सफाई पर ध्यान दें- Follow Proper Hand Hygiene

  • सर्दि‍यों में बैक्‍टीर‍ियल और वायरल इंफेक्‍शन से बचने के ल‍िए हाथों की सफाई पर गौर करें।
  • न‍ियम‍ित हैंडवॉश करने से इंफेक्‍शन का खतरा कई गुना कम हो जाता है।
  • बाहर से आने के बाद, खाने से पहले, खांसने-छींंकने के बाद हाथों की सफाई जरूरी है।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्दि‍यों में हाथों की सफाई पर गौर करें, रोज आंंवला खाएंं, स‍िट्रस फल खाएं, अदरक, लहसुन, हल्दी का सेवन करें। इससे द‍िसंबर की ठंड में अपनी इम्‍यून‍िटी को मजबूत बना पाएंगे।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 11, 2025 16:59 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 11, 2025 16:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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