Wed Sep 23, 2026 | 08:44 AM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

पोहा, उपमा या पराठा: नाश्ते में कौन-सा विकल्प ज्यादा हेल्दी है? खुद डाइट एक्सपर्ट ने बताया

Poha Vs Upma Vs Paratha: पराठों से कार्बोहाइड्रेट बढ़ सकता है हालांकि, पोहा और उपमा में आप प्रोटीन की मात्रा बढ़ा सकते हैं, लेकिन तीनों में से ब्रेकफास्ट के लिए क्या ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है, जानते हैं एक्सपर्ट की राय।
पोहा, उपमा या पराठा: नाश्ते में कौन-सा विकल्प ज्यादा हेल्दी है? खुद डाइट एक्सपर्ट ने बतायापोहा, उपमा या पराठा: नाश्ते में कौन-सा विकल्प ज्यादा हेल्दी है? खुद डाइट एक्सपर्ट ने बताया

Poha Vs Upma Vs Paratha: ज्यादातर भारतीय घरों में सुबह नाश्ते में पोहा, उपमा और पराठे खाए जाते हैं। पराठा जहां सबसे भारी नाश्ता है तो पोहा इनकी तुलना में हल्का। हालांकि, उपमा पेट भरने के साथ शरीर को एनर्जी देने वाला नाश्ता भी हो सकता है। Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं कि पोहा, उपमा और पराठे - ये सभी एक संतुलित नाश्ते का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू (पोषक तत्व) काफी हद तक इनमें इस्तेमाल होने वाली चीजों, पकाने के तरीके, मात्रा और इनके साथ परोसी जाने वाली चीजों पर निर्भर करती है इसलिए यह कहना इतना आसान नहीं कि इनमें से क्या ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है।

नाश्ते में पोहा, उपमा और पराठे में कौन-सा विकल्प ज्यादा संतुलित है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि सादे पोहे या उपमे में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है और प्रोटीन कम हो सकता है, जब तक कि इनमें मटर, मूंगफली, अंकुरित अनाज, दालें, सब्जियां या प्रोटीन से भरपूर कोई चीज न मिलाई जाए। वहीं, पराठों से कार्बोहाइड्रेट और कुछ मात्रा में प्रोटीन तो मिल सकता है, लेकिन अगर इन्हें ज्यादा तेल, मक्खन या घी में बनाया जाए, तो इनमें कैलोरी और फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है।

विशेषता पोहा (Poha) उपमा (Upma) पराठा (Paratha)
मुख्य पोषक तत्व मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट और कुछ मात्रा में प्रोटीन
कैलोरी और फैट कम कैलोरी वाला कैलोरी और फाइबर (सब्जियों व सांभर के साथ) ज्यादा तेल/मक्खन से उच्च कैलोरी और फैट, वजन बढ़ाने वाला
प्रोटीन और विटामिन कम (बिना मूंगफली/सब्जी के) पोहे की तुलना में ज्यादा प्रोटीन और विटामिन-बी कुछ मात्रा में प्रोटीन
पाचन और प्रकृति हल्का और आसानी से पचने वाला ज्यादा एनर्जी देने वाला भारी (भारतीय घरों में आमतौर पर ज्यादा फैट से बनता है)
किसके लिए फायदेमंद वेट लॉस, शुगर कंट्रोल और हल्का नाश्ता चाहने वालों के लिए ज्यादा एनर्जी (ऊर्जा) की जरूरत वाले लोगों के लिए स्वादिष्ट और भारी नाश्ते के तौर पर
संतुलित (हेल्दी) कैसे बनाएं? सब्जियां, थोड़ी मूंगफली और दही (या अन्य प्रोटीन) मिलाकर सब्जियां, मटर, दाल, स्प्राउट्स और दही/सांभर के साथ खाकर साबुत अनाज का आटा, सब्जियों की भरावन, कम तेल/घी और दही के साथ खाकर

नाश्ते में पोहा कितना हेल्दी?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि पोहे को सब्जियों और थोड़ी मात्रा में मूंगफली के साथ बनाकर और दही या प्रोटीन के किसी और अच्छे सोर्स के साथ खाकर ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है। यह हल्का होता है, आसानी से पचने के साथ कम कैलोरी वाला भी है। जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं, शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं या एनर्जी देने वाला हल्का नाश्ता खाना चाहते हैं वो पोहा खा सकते हैं।

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नाश्ते में उपना कितना हेल्दी?

डाइट एक्सपर्ट एडविना आगे उपमा पर चर्चा करते हुए कहती हैं कि उपमा को सब्जियों, मटर, दालों या स्प्राउट्स के साथ बेहतर बनाया जा सकता है और दही के साथ खाया जा सकता है। कुछ लोग इसे सांभर के साथ भी खाते हैं जो कि नाश्ते में आपके शरीर में कैलोरी और फाइबर की मात्रा बढ़ाने का काम करती है। पोहे की तुलना में इसमें प्रोटीन और विटामिन-बी ज्यादा होोता है इसलिए ये ज्यादा एनर्जी पाने के लिए खा सकते हैं।

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नाश्ते में पराठा कितना हेल्दी?

पराठे की चर्चा करने पर डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि पराठे भी हेल्दी नाश्ते का हिस्सा बन सकते हैं अगर उन्हें साबुत अनाज के आटे से बनाया जाए, उनमें सब्जियां या दूसरी पौष्टिक चीजें भरी जाएं, कम फैट में पकाया जाए और दही या प्रोटीन से भरपूर किसी और चीज के साथ खाया जाए, न कि बहुत ज्यादा मक्खन, अचार या मीठे ड्रिंक के साथ। हालांकि, भारतीय घरों में ये कम होता है। पराठा काफी टेस्टी और ज्यादा फैट और कैलोरी से भरपूर नाश्ते के रूप में तैयार किया जाता है। साफ शब्दों में कहें तो ये वजन बढ़ाने वाला नाश्ता हो सकता है।

पोहा है नाश्ते में सबसे ज्यादा हेल्दी ऑप्शन

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि नाश्ते में पोहा उपमा और पराठे में कौन-सा फायदेमंद है, इस लिहाज से देखा जाए तो पोहा ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है। इतना ही नहीं, एक स्टडी Annals of Food Science and Nutrition के अनुसार भी पोहा एक इंस्टेंट हाई-प्रोटीन फूड है जिसे खान सेहत के लिए फायदेमंद है। रोजाना पोहा खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है हालांकि, इससे शुगर बढ़ सकता है इसलिए डायबिटीज के मरीज को इसे खाने से बचना चाहिए। पोहा बहुत हल्का और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है इसलिए सुबह के नाश्ते के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा भी पोहा खाने के कई फायदे हैं जैसे-

  • पोहा में कार्बोहाइड्रेट होता है जो दिनभर शरीर में एनर्जी बनाए रखता है।
  • लो कैलोरी ब्रेकफास्ट ऑप्शन है लेकिन फाइबर से भरपूर है यानी इसे खाने के बाद आपको बाकी कुछ और खाने की क्रेविंग नहीं होगी।
  • पोहे में आयरन की अच्छी मात्रा भी होती है जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती।
  • पोहे को ज्यादा हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑपशन बनाने के लिए इसमें मूंगफली, मटर, गाजर और अन्य मौसमी हरी सब्जियां जरूर मिलानी चाहिए ताकि पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर मिल सके।

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निष्कर्ष:

अंत में डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि यह पूछने के बजाय कि कौन सा व्यंजन हमेशा सबसे हेल्दी होता है, पूरे नाश्ते पर ध्यान देना और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का सही कॉम्बिनेशन बनाना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और कई तरह के न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। इसलिए दही के साथ वेजिटेबल पोहा, प्रोटीन से भरपूर चीज के साथ वेजिटेबल उपमा या दही के साथ मीडियम साइज का वेजिटेबल पराठा - ये सभी अच्छे विकल्प हो सकते हैं, जो व्यक्ति की कैलोरी की जरूरतों, खाने की पसंद, एक्टिविटी लेवल और हेल्थ से जुड़े लक्ष्यों पर निर्भर करते हैं।

FAQ

  • पोहा खाने से वजन बढ़ता है?

    पोहा खाने से वजन नहीं बढ़ता है। ये हेल्दी और हल्का होता है और इसमें कार्ब्स हैं लेकिन ये वजन नहीं बढ़ाते।
  • उपमा खाने से क्या फायदा होता है?

    उपमा खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और पेट भी ठीक रहता है। इसे खाने से एसिडिटी और ब्लोटिंग की दिक्कत नहीं होती।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 23, 2026 07:17 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

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