खराब लाइफस्टाइल, डाइट और स्ट्रेस का असर डाइजेशन पर सबसे ज्यादा नजर आता है। दरअसल, इन तीनों ही चीजों की वजह से आपके आंतों की सेहत प्रभावित रहती है और कई बार स्लो हो जाती है। इससे कब्ज की समस्या हो जाती है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि आप कुछ ऐसा खाएं जो मेटाबॉलिज्म तेज करे और कब्ज की समस्या में कमी लाए जैसे ओट्स और दलिया। ये दोनों ही मोटे अनाज में आते हैं और इनमें फाइबर की अच्छी मात्रा देखी जा सकती है। ये फाइबर आंतों की गति तेज करता है जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है, मल मुलायम होता है और कब्ज की समस्या में कमी आती है पर सवाल ये है कि दलिया और ओट्स में से बेहतर विकल्प कौन सा है? जानते हैं इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें।
कब्ज में ओट्स खाना कैसे फायदेमंद है?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि ओट्स को 'एवेना सैटिवा' (Avena Sativa) कहा जाता है जो कि कार्ब्स और घुलनशील फाइबर से भरपूर है। यह पानी को अवशोषित करके एक नरम जेल बनाता है और आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है। British Journal of Nutrition के अनुसार जब आप ओट्स खाते हैं तो इसका घुलनशील फाइबर आंतों में जमा मल से जुड़कर एक जेल तैयार करता है जिससे मल त्याग आसान हो जाता है। इसके अलावा आंतों में जमा फैट को भी कम करता है जिससे आंतों की गति और तेज हो जाती है, मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और कब्ज की समस्या में कमी आती है।
कब्ज में दलिया खाना कैसे फायदेमंद है?
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि दलिया में इंसॉलिबल फाइबर होता है जो कि पानी में नहीं घुल सकता है और कब्ज की समस्या में बेहद कारगर तरीके से काम करता है। इसका अघुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो कि मल को गाढ़ा बनाता है, भोजन को आंतों से तेजी से गुजरने में मदद करता है और पाचन तंत्र को साफ करता है। दलिया मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का अच्छा स्रोत है जो कि वेट लॉस में तेजी से मददगार है। यह धीरे-धीरे पचता है, इसलिए पेट को भरा हुआ रखने में मदद करता है जिससे भूख कंट्रोल होती है और वेट लॉस में मदद मिलती है। दलिया मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का अच्छा स्रोत है इसलिए यह वजन कम करने में मदद करता है। दलिया मिनरल्स का अच्छा स्रोत है और धीरे-धीरे पचता है, इसलिए पेट को भरा हुआ रखने में मदद करता है। दलिया में फैट की मात्रा कम होती है।
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दलिया या ओट्स, कब्ज की समस्या में क्या खाएं?
ओट्स |
दलिया |
| घुलनशील फाइबर से भरपूर है | फाइबर घुलनशील नहीं है |
| ये मल को जेली टैक्सचर देता है जिससे पेट जल्दी साफ नहीं हो पाता है। | ये मल में थोक जोड़ता है जिससे ये भारी हो जाए और आसानी निकल जाए। |
| मेटाबॉलिज्म तेज होता है | मल कठोर नहीं होता और कब्ज की दिक्कत नहीं होती। |
दलिया है बेहतर विकल्प
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि अगर आपको कब्ज की दिक्कत है तो स्थिति में आपको दलिया खाना चाहिए। ये ज्यादा बेहतर विकल्प है क्योंकि ये ठोस मल को साफ करने में मददगार है, साथ ही आंतों को रेगुलेट करती है जिससे बॉवेल मूवमेंट में भी तेजी आती है और कब्ज की समस्या कम हो जाती है। दलिया में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और विटामिन बी होते हैं, जो पेट भरा हुआ महसूस कराने, पाचन और शरीर को लगातार एनर्जी देने में मदद करते हैं। जब इसे सब्जियों, दालों, दूध या नट्स के साथ मिलाकर खाया जाता है तो ये उन लोगों के लिए फायदेमंद हो जाता है जो वेट लॉस करना चाहते हैं।

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कब्ज में दलिया कैसे और कब खाएं?
कब्ज में दलिया खाने का सबसे आसान तरीका है कि आप इसे सब्जियों के साथ बनाएं और खाएं। इसे इस तरह से बनाएं कि इसमें रफेज और फाइबर बना रहे और आंतों की गति तेज हो और वेट लॉस में तेजी हो। आप दलिया को दूध और दाल दोनों के साथ बना सकते हैं। आप इसे नाश्ते में खाएं ताकि दिनभर पेट भरा रहे, मेटाबॉलिज्म तेज हो और कब्ज की समस्या कंट्रोल रहे।
निष्कर्ष:
अंत में न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि भले ही दलिया बेहतर ऑप्शन है लेकिन सही तरीके से बनाया गया ओट्स भी पेट के लिए फायदेमंद है और वेट लॉस में मददगार है। ओट्स बनाने के लिए कभी भी इसे रात में भिगोकर रख दें और फिर इसे सुबह खाएं। इससे ओट्स का फाइबर बढ़ जाता है और ये कब्ज कम करने में मददगार है।
FAQ
क्या मैं दलिया और ओट्स एक साथ खा सकती हूं?
इस सवाल का जवाब है हां, आप इन दोनों को मिलाकर सब्जियों के साथ घी डालकर एक टेस्टी डिश की तरह खा सकते हैं। इसके अलावा आप इन दोनों को मिलाकर दूध और ड्राई फ्रूट वाली रेसिपी भी तैयार कर सकते हैं।क्या मैं वजन घटाने के लिए रोजाना ओट्स खा सकती हूं?
वजन घटाने के लिए आप रोजाना ओट्स खा सकते हैं बस कोशिश करें कि बिना तेल मसाले के हेल्दी तरीके से बनाएं ताकि पेट लंबे समय तक भरा रहे और पाचन से जुड़ी समस्याओं में कमी आए।
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Aug 14, 2026 17:06 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Archana Jain