अक्सर ड्राई स्किन वालों को डैंड्रफ की समस्या होती है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए त्रिफला पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, कई लोगों को यह कंफ्यूजन होती है कि डैंड्रफ दूर करने के लिए त्रिफला पानी से सिर धोना सही है या नहीं?
Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana बताते हैं, "आयुर्वेद में त्रिफला का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। बालों के लिए इसे काफी उपयोगी माना जाता है। इसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है, जो कि बालों की डैंड्रफ जैसी समस्या से राहत दिलाने में मदद करती है। इसका उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। त्रिफला के पानी से हेयर वॉश करने से डैंड्रफ से राहत मिलने में मदद मिलती है। हालांकि, इसे सप्ताह में एक बार यूज करना काफी होता है।"
त्रिफला का पानी कैसे बनाएं?
- लगभग 1 लीटर पानी में 2 से 3 चम्मच त्रिफला पाउडर मिक्स करें।
- अब इस पानी को धीमी आंच पर उबाल आने तक गर्म करें।
- 15 से 20 मिनट तक उबाल आने के बाद गैस को बंद कर दें।
- ठंडा होने पर पानी को छलनी की मदद से छान लें।
- त्रिफला के तैयार पानी को अपने सिर और बालों पर लगाकर हल्के हाथों से सिर की मसाज करें।
- 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें। अंत में माइल्ड शैंपू से बाल धो लें।
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डैंड्रफ दूर करने के लिए त्रिफला के फायदे
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स्कैल्प के लिए फायदेमंद
डैंड्रफ के कारण स्कैल्प को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। अक्सर डैंड्रफ की वजह से बालों में खुजली होती रहती है। बार-बार खुजलाने के कारण स्कैल्प में खरोंच लग जाती है, जिसमें जलन या घाव हो जाता है। डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं त्रिफला एक बेहतरीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का मिश्रण है, जो आंवला, बहेड़ा और हरड़ से मिलकर बनता है। यह स्कैल्प को स्वस्थ रखने और डैंड्रफ या पपड़ी को रिमूव करने में मदद करता है।
सीबम प्रोडक्शन में कमी
Indian Journal of Dermatology - IJD के अनुसार, प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मालासेजिया (Malassezia), फंगस, सीबम के अधिक उत्पादन के कारण होता है। वहीं, अगर आप त्रिफला के पानी से सिर धोते हैं, तो इसकी वजह से सीबम का उत्पादन कम होता है, जिससे डैंड्रफ की समस्या में कमी आती है।
बालों के झड़ने में कमी
डैंड्रफ की वजह से अक्सर लोगों को हेयर फाॅल जैसी समस्या से गुजरना पड़ता है। साल 2025 में International Journal of Physiology, Pathophysiology and Pharmacology - IJPPP में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, त्रिफला में प्रचुर मात्रा में गैलिक एसिड फ्लेवोनोइड्स और फिनोलिक यौगिक मौजूद होते हैं, जो इसे शक्तिशाली औषधीय गुण प्रदान करते हैं। यह ऑक्सिडेटिव तनाव को भी कम करता है, जो कि कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद करता है। इससे हेयर फाॅल भी कम होता है।
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बरतें जरूरी सावधानी
- पैच टेस्ट करना न भूलेंः अगर आप डैंड्रफ से राहत के लिए पहली बार त्रिफला पानी का उपयोग कर रहे हैं, तो बेहतर है कि पहले पैच टेस्ट ले लें।
- पैच टेस्ट कैसे लेंः एलर्जी या रिएक्शन की जांच करने के लिए, तैयार त्रिफला पानी की थोड़ी सी मात्रा अपनी कोहनी के अंदरूनी हिस्से पर या कान के पीछे लगाकर देखें।
- लक्षणों पर गौर करेंः अगर पैच टेस्ट करने के दौरान आप महसूस करें कि कुछ देर में स्किन रेड हो रही है या आपको खुजली हो रही है, तो इसे न लगाएं।
- ड्राईनेस का रखें ध्यानः त्रिफला से बालों के ड्राई होने का रिस्क रहता है। इसलिए, जिन लोगों के बाल पहले से ही ड्राई हैं, तो उन्हें पानी में नारियल या तिल के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर यूज करना चाहिए। इससे बाल ड्राई नहीं होंगे।
एक्सपर्ट की सलाह
यूं तो आयुर्वेद में सालों से त्रिफला के पानी का इस्तेमाल स्कैल्प को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। इससे डैंड्रफ की समस्या से भी राहत मिलती है। इसके बावजूद, यह ध्यान रखा जाना जरूरी है कि अगर स्कैल्प पर चोट है, खुला घाव है, स्किन अतिरिक्त शुष्क है या किसी को एलर्जी है। ऐसे में इसका उपयोग न करें। इसके साथ-साथ यह भी ध्यान रखें कि कहीं आपको फंगल इंफेक्शन तो नहीं है? इस तरह की तमाम कंडीशन में त्रिफला के इस्तेमाल से पहले डाॅक्टर की सलाह लेना आवश्यक होता है।
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निष्कर्ष
डैंड्रफ की समस्या किसी को भी हो सकती है। खासकर, जो अपने बालों की नियमित सफाई नहीं रखते हैं या सिर में अधिक पसीना आता है। ऐसे में डैंड्रफ जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए त्रिफला का पानी इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, आपको डैंड्रफ की समस्या क्यों हो रही है, पहले यह जान लें। सही कारण जानकर सटीक इलाज करना अधिक फायदेमंद और कारगर होता है।
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FAQ
क्या त्रिफला के पानी से रोजाना बाल धोने से स्कैल्प के प्राकृतिक pH स्तर पर असर पड़ता है?
हां, त्रिफला स्वभाव से कसैला और हल्का एसिडिक होता है। रोजाना इसका उपयोग करने से स्कैल्प का प्राकृतिक तेल पूरी तरह से खत्म हो सकता है, जिससे स्कैल्प रूखी हो जाती है। इसे हफ्ते में केवल 1 से 2 बार इस्तेमाल करना ही पर्याप्त है।क्या कलर या केमिकली ट्रीटेड बालों पर त्रिफला पानी का इस्तेमाल करना सेफ होता है?
नहीं, ऐसे बालों पर त्रिफला पानी का अधिक इस्तेमाल करने से बाल और अधिक ड्राई हो सकते हैं।
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Sep 16, 2026 10:21 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma