सर्दियां आने के साथ, हड्डियों में दर्द बढ़ जाता है। दरअसल, सर्दियों में जैसे-जैसे तापमान में गिरावट में आती है, जोड़ों में जकड़न की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से ही गठिया की समस्या होती है, उनके लिए बथुआ का जूस पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि बथुआ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि हड्डियों की सूजन को दूर करने के साथ यूरिक एसिड को कम करने में मददगार है। इसके अलावा भी बथुआ का जूस पीने के क्या फायदे हैं? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट से।
गठिया के दर्द में बथुआ का जूस कैसे काम करता है?
गठिया के दर्द में बथुआ का जूस पीना हर प्रकार से फायदेमंद माना जाता है। डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि बथुआ गर्म होता है। इसका एंटी इंफ्लेमेटरी गुण, जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करने में मददगार है। इससे अलावा इसका वात शामक गुण, गठिया के दर्द को कम करने में मददगार है। साथ ही, बथुआ सा जूस शरीर में उन कारकों को कम करता है जिससे गठिया का दर्द बढ़ता है जैसे-
जोड़ों और हड्डियों को आराम देता है
जोड़ों और हड्डियों को आराम दिलाने में बथुआ जूस बेहद फायदेमंद है। बथुआ कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन K से भरपूर है, जो हड्डियों के घनत्व और उनकी संरचनात्मक सेहत को मजबूत बनाता है। इसके अलावा गठिया में हड्डियों के सिरों पर मौजूद चिकनी सुरक्षात्मक परत समय के साथ घिसने या नष्ट होने लगती है और जब आप बथुआ का जूस पीते हैं, तो इस समस्या में कमी आती है। इसके अलावा, बथुआ का जूस कार्टिलेज की रगड़ को कम करती है, जिससे गंभीर दर्द और सूजन में कम होती है।
साल 2014 में Journal of Ethnopharmacology में प्रकाशित यह स्टडी बताती है कि Chenopodium album यानी बथुआ का एसीटोन एक्सट्रैक्ट (ACCA) एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-अर्थराइटिक (गठिया रोधी) गुणों से भरपूर है। एसीटोन एक्सट्रैक्ट की मुख्य गठिया रोधी गतिविधि इसकी NFκB प्रोटीन को बाधित (inhibit) करने की क्षमता से जुड़ी हुई है, जिस वजह से यह गठिया के दर्द को कम करने में मददगार है।
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यूरिक एसिड कंट्रोल करने में मददगार
अगर किसी का यूरिक एसिड बढ़ा रहता है, तो उसमें गठिया की दिक्कत बढ़ जाती है। दरअसल, होता यह है कि यूरिक एसिड बढ़ने से हड्डियों के किनारों पर छोटे-छोटे अतिरिक्त उभार बन जाते हैं, जिन्हें बोन स्पर्स (Bone spurs) कहते हैं। जब आप बथुआ का जूस पीते हैं, तो यह यूरिक एसिड की समस्या को कम करने में मददगार है। यह किडनी के काम में मदद करता है ताकि जमा हुआ यूरिक एसिड और टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें, जिससे गाउट से जुड़े जोड़ों के दर्द और सूजन के बार-बार होने की संभावना कम हो सकती है।
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ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मददगार
गठिया के दर्द में ब्लड सर्कुलेशन को कम करने में मददगार है। डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि बथुए का रस ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है, जिससे ठंड के मौसम में हाथ-पैरों की अकड़न और दर्द से राहत मिल सकती है। इसके अलावा PubMed में प्रकाशित यह स्टडी बताती है कि बथुआ में आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो कि ब्लड वेसेल्स को आराम देने के साथ इम्हें फैलाने में मदद करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि इसके सेवन से शरीर में गर्मी बनी रहती है जिससे गठिया के दर्द और सूजन में कमी आ सकती है।
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गठिया में कैसे करें बथुआ के जूस का सेवन?
गठिया में बथुआ का जूस पीना बेहद आसान है। इसके लिए आपको करना यह बथुआ को उबाल लें और इसे पीस लें। इसके बाद पीसे हुए बथुआ को छान लें और इसमें हल्का सा नमक मिलाएं और इसका सेवन करें। हालांकि, आप यह भी कर सकते हैं कि बथुआ के पत्तियों को पीस लें और इसे छानकर नमक डालकर ग्रीन जूस की तरह पिएं।
निष्कर्ष:
अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि सर्दियों में मिलने वाली यह हरी सब्जी, खून की मात्रा से लेकर रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य तक हर चीज पर सकारात्मक असर डालती है, जिससे आपके पूरे शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति सुचारू रूप से होती है। इससे जोड़ों में गर्मी बनी रहती है, ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है और गठिया के दर्द से बचाव होता है।
FAQ
बथुआ खाने से कौन सी बीमारी दूर होती है?
बथुआ खाने से एनीमिया की बीमारी दूर हो सकती है। इसके अलावा बथुआ खाने से शरीर की कमजोरी दूर हो सकती है।बथुआ का रायता खाना कैसे फायदेमंद है?
बथुआ का रायता खाने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके अलावा इसका सेवन पेट को ठंडा रखता है और एसिडिटी से बचाता है।
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Nov 02, 2026 15:22 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
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