Thu Oct 15, 2026 | 08:07 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

क्या वाकई ग्रीन जूस पीना सेहत के लिए फायदेमंद? डायटिशियन से समझें किन्हें इससे दूर रहना चाहिए

ग्रीन जूस जिसमें कई तरह के हरी सब्जियों को मिलाकर जूस बना दिया जाता है और इसे हेल्दी जूस के तौर पर प्रचारित किया जाता है। क्या सच में यह ग्रीन जूस हेल्दी होता है? क्या इस जूस को हर कोई पी सकता है? जानने के लिए यह लेख जरूर पढ़ें।
क्या वाकई ग्रीन जूस पीना सेहत के लिए फायदेमंद? डायटिशियन से समझें किन्हें इससे दूर रहना चाहिएक्या वाकई ग्रीन जूस पीना सेहत के लिए फायदेमंद? डायटिशियन से समझें किन्हें इससे दूर रहना चाहिए

पार्क के बाहर एक्सरसाइज करने के बाद ग्रीन जूस पीते हुए कई लोगों को देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर लगातार ग्रीन जूस के फायदों के बारे रील्स देखकर लोगों में सुबह वर्कआउट के बाद ग्रीन जूस पीने (green juice after workout) होड़ सी लग गई है। हालांकि, कई लोग ग्रीन जूस में पालक, खीरा, आंवला और पुदीना मिलाकर देते हैं, लेकिन समस्या यह है कि लोग इसे वजन घटाने और डिटॉक्स जूस मानने लगे हैं। क्या सच में ग्रीन जूस पीने से सेहत को फायदा मिलता है? इस बारे में हमने Meena Kumari, Chief Dietician, Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने कहा, “ग्रीन जूस से शरीर को कुछ विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट मिल सकते हैं, लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूं कि इसे वजन घटाने या डिटाॉक्स का फार्मूला मान लेना गलत है। हालांकि, जूस बनाने के तरीके, उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी मात्रा से भी फर्क पड़ता है। इसलिए कुछ लोगों को इसे पीने से पहले खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है।”

क्या ग्रीन जूस पीना सच में फायदेमंद है?

Meena Kumari कहती हैं, “हरी सब्जियों से बना जूस शामिल करने पर न्यूट्रिशन मिल जाते हैं, क्योंकि इसमें पालक, धनिया, खीरा, आंवला और पुदीना जैसी कई हेल्दी चीजें इस्तेमाल की जाती है, लेकिन सबसे जरूरी है कि जूस पीना और हरी सब्जियां खाने में फर्क होता है। जब हरी सब्जियों का जूस निकाला जाता है, तो गूदा अलग कर दिया जाता है। इस वजह से फाइबर की मात्रा लगभग न के बराबर रह जाती है। इसलिए जितना पोषण सब्जी खाने से मिल सकता है, उतना जूस से नहीं मिलता। इसके अलावा, हरी सब्जियों में मिट्टी, धूल या बैक्टीरिया होने के रिस्क रह सकता है। जब इनका कच्चे में ही जूस निकाल लिया जाता है, तो इसके संक्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है।”

Journal of the American College of Nutrition के मुताबिक, ग्रीन जूस का मेटाबॉलिज्म पर प्रभाव देखने के लिए स्टडी की गई। इस स्टडी में दो महीने तक सोमवार से लेकर शुक्रवार को सुबह 8 से 9 बजे के बीच 300 ml ग्रीन जूस दिया गया। इसमें ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, लिवर और किडनी के फंक्शन, वजन और मेंटल हेल्थ के लेवल को भी चेक किया गया। 60 दिन के बाद जब पाया गया कि ग्रीन जूस पीने से मेटाबोलिक फंक्शन में कोई खास सुधार नहीं हआ।

दिनभर में कितना ग्रीन जूस पीना ठीक है?

Chief Dietician Meena Kumari का कहना है, “जो लोग ग्रीन जूस पीते हैं, उन्हें इसकी मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए। एक दिन में फ्रूट जूस, वेजिटेबल जूस और स्मूदी को मिलाकर करीब 150 मिलीलीटर, यानी एक छोटे गिलास तक सीमित रखनी चाहिए। इसके अलावा, जूस बनाते समय इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।

  • जूस खाली पेट पीने के बजाय खाने के साथ ले सकते हैं।
  • ग्रीन जूस को मीठा बनाने के लिए फल डालने से बचें।
  • स्वाद को बेहतर बनाने के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में सेब या नींबू मिलाया जा सकता है।
  • ग्रीन जूस में पालक, खीरा, आंवला और पुदीने को मिलाया जा सकता है।
  • बिना वजह हरी पत्तियां मिले हुए जूस न पिएं। ये शरीर को नुकसान दे सकते हैं।
  • हरी सब्जियों का जूस निकालने से पहले उन्हें अच्छे तरीके से धोना जरूरी है।

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ग्रीन जूस किन्हें नहीं पीना चाहिए?

Meena Kumari ने बताया कि ग्रीन जूस हर किसी के लिए अच्छा नहीं होता। कई लोग इसे सुपरफूड मानकर बिना सोचे-समझे लगातार जूस पीते रहते हैं, ताकि उन्हें बीमारियां कंट्रोल या मैनेज करने में मदद मिल सके। लोग सोशल मीडिया या इंटरनेट से देखकर बिना डॉक्टर की सलाह के ग्रीन जूस लेने लगते हैं, लेकिन ग्रीन जूस हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है। इसलिए इन बीमारियों से जुड़े लोगों को ग्रीन जूस लेते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।

1. डायबिटीज

Meena Kumari ने कहा कि डायबिटीज के मरीजों को ग्रीन जूस लेने से पहले इसमें इस्तेमाल होने वाले फलों पर ध्यान देना जरूरी है। जूस में ज्यादा फल या मीठा मिलाने से ब्लड शुगर पर असर पड़ सकता है। इसलिए स्वाद बढ़ाने के लिए जूस में फल नहीं डालने चाहिए। इसके साथ जूस कितनी मात्रा में और किस समय लेना चाहिए? इसके बारे में एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।

2. किडनी स्टोन

Meena Kumari ने बताया कि पालक जैसी कुछ हरी पत्तेदार सब्जियों में ऑक्सलेट पाया जाता है। ज्यादा मात्रा में ऑक्सलेट लेने से किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी को किडनी स्टोन की दिक्कत है या फिर पहले किडनी स्टोन हो चुका है, तो रोजाना ज्यादा मात्रा में पालक वाला जूस लेना सही नहीं है। ऐसे में सब्जियों पर ध्यान देने की जरूरत है और इसे जानने के लि डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

3. किडनी की बीमारी

Meena Kumari कहती हैं, “किडनी की बीमारी वाले लोग सोचते हैं कि ग्रीन जूस डिटॉक्स करने में मदद कर सकता है, लेकिन किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को पोटैशियम की मात्रा सीमित रखने की सलाह दी जाती है। ऐसे में हरी पत्तेदार सब्जियों से बने जूस को बिना सोचे-समझे रोज पीना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे पोटैशियम का लेवल बढ़ सकता है। हालांकि, ग्रीन जूस की मात्रा किडनी की बीमारी के हर मरीज के लिए एक जैसी नहीं हो सकती है। इसलिए पौटेशियम को सीमित करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।”

4. प्रेग्नेंट और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग

Meena Kumari ने कहा, “मैं कई बार पार्क के बाहर बुजुर्गों को ग्रीन जूस पीते देखती हूं। ग्रीन जूस कच्चे फलों और सब्जियों से बना होता है, जिसमें अगर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो बैक्टीरिया इंफेक्शन बढ़ा सकते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए गंभीर बीमारियां होने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए बाहर मिलने वाले ग्रीन जूस को पीने से बचना चाहिए।

5. दांतों में संवेदनशीलता या कैविटी वाले लोग

Meena Kumari के मुताबिक, ग्रीन जूस में नींबू और दूसरे फलों का इस्तेमाल करने से उसमें एसिड और नेचुरल शुगर मौजूद हो सकती है। अगर दिनभर में थोड़ा-थोड़ा जूस पिया जाए, तो दांतों को नुकसान हो सकता है। अगर किसी के दांतों में पहले से कैविटी है, तो उन्हें खाने के साथ जूस लेना चाहिए और इसके बाद कुल्ला करना जरूरी है।

ग्रीन जूस पीते समय ध्यान रखने वाली बातें

Meena Kumari ने लोगों को सलाह दी हैं कि ग्रीन जूस पीते समय इन खास बातों का ध्यान जरूर रखें।

  • जूस में फलों की मात्रा सीमित रखें और सब्जियों ज्यादा इस्तेमाल करें।
  • अतिरिक्त चीनी मिलाने से बचें।
  • एक दिन में जूस और स्मूदी की कुल मात्रा करीब 150 मिलीलीटर तक रखें।
  • जूस को ताजा बनाकर तुरंत पी लें। लंबे समय तक रखा कच्चा जूस संक्रमित हो सकता है।
  • जूस के बजाय सब्जियां और फल काटकर खाएं, ताकि डाइट में फाइबर मिल सके।
  • डायबिटीज, किडनी स्टोन या किडनी की बीमारी के लोगों को रोजाना जूस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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निष्कर्ष
ग्रीन जूस को लेकर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की हर बात को आंख मूंदकर भरोसा न करें। अगर रोजाना ग्रीन जूस पीना है और किसी भी तरह की बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है। हालांकि, रोजाना जूस पीने के बजाय साबुत फल और सब्जियां खाना बेहतर होता है।

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FAQ

  • क्या ग्रीन जूस पीने का कोई सही समय होता है?

    सुबह खाली पेट या नाश्ते से आधा घंटा पहले ग्रीन जूस पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है। इस समय शरीर इसके पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स को सबसे तेजी से अवशोषित करता है। भोजन के तुरंत बाद इसे पीने से पाचन भारी हो सकता है।
  • क्या वजन घटाने के लिए मील रिप्लेसमेंट के रूप में केवल ग्रीन जूस पीना सही है?

    बिल्कुल नहीं। ग्रीन जूस में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और पर्याप्त कैलोरी नहीं होती है। खाना छोड़कर केवल जूस पीने से शरीर में कमजोरी, मांसपेशियों का नुकसान और मेटाबॉलिज्म धीमा होने की समस्या हो सकती है।

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Disclaimer

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 15, 2026 18:24 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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