Tue Sep 29, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

Walking vs Cycling: वजन घटाने में क्या है ज्यादा असरदार? डायटिशियन से समझें

अगर आप भी वजन घटाने के लिए वॉक या साइकिलिंग में कंफ्यूज हैं, तो यह लेख आपके लिए खास हो सकता है। इसमें डायटिशियन ने बताया कि किन लोगों के लिए वॉकिंग बेहतर हैं, तो किन लोगों के लिए साइकिल चलाना फायदेमंद हो सकता है।  
Walking vs Cycling: वजन घटाने में क्या है ज्यादा असरदार? डायटिशियन से समझेंWalking vs Cycling: वजन घटाने में क्या है ज्यादा असरदार? डायटिशियन से समझें

आमतौर पर जब भी वजन घटाने की बात आती है, तो सबके मन में यही सवाल रहता है कि वॉकिंग करें या साइकिलिंग ? हालांकि, वॉकिंग और साइकिलिंग दोनों के ही फायदे होते हैं, लेकिन वजन घटाने के लिए इनमें से क्या ज्यादा फायदेमंद है? इस बारे में Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad ने बताया कि इन दोनों का फायदा वॉकिंग या साइकिल की गति, कितना समय, शरीर का वजन, फिटनेस लेवल और रेगुलर होने पर ज्यादा निर्भर करता है।

वॉकिंग या साइकिलिंग : दोनों में से कौन सी एक्सरसाइज ज्यादा कैलोरी बर्न करती है?

Rhitika Sharma कहती हैं, "अगर कोई वजन कम करना चाहता है, तो वॉक करना महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी देर तक और कितनी तेजी से चलते हैं। इसके साथ डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है।"

  • Mayo Clinic के अनुसार, अगर कोई रोजाना 30 मिनट तेज वॉक करता है, तो करीब 150 से ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकता है। इसलिए जितना ज्यादा चला जाएगा, उतनी ज्यादा कैलोरी बर्न होती है।

Rhitika Sharma ने कहा, "साइकिलिंग को अपनी क्षमता के अनुसार शुरू किया जा सकता है। जैसे-जैसे फिटनेस बेहतर होती है, पैडल की गति या रेजिस्टेंस बढ़ाकर वर्कआउट को ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है। इसी वजह से मध्यम से तेज गति की साइकिलिंग , समान समय की सामान्य वॉकिंग के मुकाबले ज्यादा कैलोरी खर्च कर सकती है।

  • Weight Loss Resources के अनुसार, अगर साइकिलिंग आधा घंटा की जाती है, तो इससे करीब 202 कैलोरी बर्न हो सकती हैं। इसमें कहा गया है कि साइकिलिंग करना बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

वजन घटाने के लिए वॉकिंग के फायदे और सही तरीका

Cleveland Clinic के अनुसार, टहलना या वॉकिंग करना अच्छी एक्सरसाइज माना जा सकता है। अगर लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो रोजाना वॉक करें और इसके लिए पार्क से लेकर घर के बाहर कहीं भी टहला जा सकता है।

यह लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, जिसमें घुटनों को लुब्रिकेटेड बनाए रखने में मदद करता है और अकड़न कम करता है।
अगर कोई अपने दोस्तों के साथ घूमता है, तो फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर अच्छा असर पड़ सकता है।

Rhitika Sharma का कहना है कि वॉक करते समय समतल प्लेटफॉर्म होना चाहिए, ताकि पैर मुड़ने जैसी परेशानियां न आएं। इसके अलावा, सही जूते पहनना बहुत जरूरी है, ताकि घुटनों और पैरों पर असर न पड़े।

फैट बर्न और स्टेमिना बढ़ाने में साइकिलिंग कितनी असरदार है?

American Journal of Physiology-Endocrinology and Metabolism में प्रकाशित स्टडी में एक छोटे ग्रुप ने 7 दिनों की साइकिलिंग की और इन्होंने करीब 1144 किलोमीटर साइकिल चलाई। इसमें रिसर्चर्स ने ब्लड प्रेशर, रेस्टिंग हार्ट रेट, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, इंफ्लेमेटरी मार्कर्स और बॉडी फैट के स्तर को रिकॉर्ड किया। इस स्टडी में पाया गया कि साइकिल चलाने वाले ग्रुप में लिवर फैट का स्तर काफी कम पाया गया, स्किन के नीचे जमा फैट कम हुआ और लंबे समय तक ब्लड शुगर कम दर्ज किया गया। इसमें कुल फैट मास में 9% से ज्यादा की कमी आई और लीन मसल में 1.2% की बढ़ोतरी हुई।

Rhithika Sharma ने बताया कि साइकिलिंग के दौरान क्वाड्रिसेप्स यानी जांघ के आगे वाले मसल्स की भूमिका भी काफी होती है। पैडल को नीचे की तरफ दबाते समय इन मसल्स पर ज्यादा जोर पड़ता है। इससे साथ ही हिप के ग्लूटियल मसल्स और हैमस्ट्रिंग दोनों एक्टिविटीज शरीर को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। साइकिलिंग से फैट बर्न और मसल मास में फर्क पड़ता है।

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डायटिशियन की राय: वजन घटाने के लिए क्या चुनना चाहिए?

Rhitika Sharma के मुताबिक, अगर कोई रोजाना 30 मिनट साइकिलिंग करता है, तो वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है। ये फायदे उन लोगों में देखे गए हैं, जिनका बहुत ज्यादा वजन था। साइकिल चलाने में बिताया गया समय और वजन में बदलाव के बीच एक डोज रिस्पॉन्स कनेक्शन बताया गया है। जैसे-जैसे साइकिल चलाने का समय बढ़ा, वजन घटने के फायदे में भी बढ़ोतरी हुई है। अगर किसी को आर्थराइटिस की समस्या है, तो पैदल चलने के बजाय साइकिल चलाना बेहतर रहता है।

वह कहती हैं कि अगर आपके पास एक्सरसाइज के लिए कम समय है और आप अच्छी इनटेंसिटी की साइकिल है, तो ज्यादा कैलोरी बर्न हो सकती है। वहीं अगर कोई शुरुआत कर रहा है और जोड़ों पर कम इम्पैक्ट की एक्टिविटी करना चाहता है, तो वॉकिंग करना अच्छा समाधान है।

निष्कर्ष
Rhitika Sharma सलाह देती हैं कि वजन कम करने के लिए चाहे वॉक करें या फिर साइकिल चलाएं, लेकिन सबसे जरूरी है कि इसे रेगुलर करें और डाइट पर खास ध्यान दें। सिर्फ साइकिलिंग या वॉक करने से ही वजन कम नहीं होगा, बल्कि वजन कम करने में डाइट की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर कोई वॉक और साइकिलिंग दोनों करना चाहता है, तो दोनों को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इससे वर्कआउट में वैरायटी आ सकती है और ज्यादा फायदा मिल सकता है।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या रोजाना 10,000 कदम चलना एक घंटे साइकिल चलाने के बराबर फैट बर्न कर सकता है?

    लगभग 10 हजार कदम चलने में 300 से 400 कैलोरी बर्न होती है, जो करीब 45 से 60 मिनट की मध्यम गति वाली साइकिलिंग के बराबर ही फैट बर्न करती है।
  • क्या इंडोर ट्रेडमिल या स्टेशनरी साइकिल भी उतनी ही असरदार होती है?

    इंडोर एक्सरसाइज बाइक या ट्रेडमिल भी आउटडोर जितनी ही कैलोरी बर्न करती है। इसमें स्पीड और रेजिस्टेंस को एडजस्ट करके फैट बर्न करने के और बढ़ाया जा सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 29, 2026 19:23 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma