लोग अक्सर वजन बढ़ने के लिए सिर्फ मीठा खाने या एक्सरसाइज न करने को ही जिम्मेदार मानते हैं। ऐसे में हेल्दी डाइट लेने, मीठा न खाने या एक्टिव रहने के बाद भी वजन बढ़ने या कम न होने की समस्या से परेशान लोग अपने वेट को लेकर चिंता में रहते हैं। वर्तमान में लोगों के बीच बढ़ता काम, घर, परिवार, पढ़ाई या पर्सनल लाइफ से जुड़े स्ट्रेस का असर भी लोगों की सेहत को बुरी तरह प्रभावित करता है। ऐसे में स्ट्रेस भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि आपका दिमाग और वजन आपस में जुड़े हुए हैं। तनाव सीधे तौर पर आपके शरीर के बायोलॉजिकल और हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है।
तनाव और वजन के बीच कनेक्शन
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि जब भी आप किसी तनाव से गुजरते हैं तो आपका शरीर इसे एक खतरे के रूप में देखता है। तनाव के दौरान शरीर में एड्रिनल ग्लैंड कोर्टिसोल नाम का एक स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है। कोर्टिसोल का काम शरीर को आपातकालीन स्थिति के लिए एनर्जी जमा करने का संकेत देना है।
यह हार्मोन आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है और शरीर को मैसेज देता है कि वह ज्यादा कैलोरी को फैट के रूप में जमा करे। ऐसे में कोर्टिसोल आपके पेट के आस-पास की जगह में वसा जमा करता है, जो न सिर्फ मोटापे को बढ़ाता है, बल्कि दिल की बीमारी और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को भी बढ़ाता है।
साल 2025 में Public Health में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं दोनों में ज्यादा तनाव मोटापे की ज्यादा संभावना से जुड़ा है। तनाव के कारण खान-पान की गलत आदतें पनपती हैं, जैसे कि ज्यादा खाना, अनियमित समय पर भोजन करना और फास्ट फूड का अधिक सेवन करना।
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तनाव कैसे मोटापे का कारण बनता है?
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, तनाव केवल हार्मोनल बदलाव ही नहीं लाता, बल्कि आपकी दैनिक आदतों को भी बिगाड़ देता है:
1. इमोशनल ईटिंग और क्रेविंग्स
जब शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है तो दिमाग को तुरंत एनर्जी की जरूरत महसूस होती है। इस कारण आपको मीठा, जंक फूड, ऑयली स्नैक्स या हाई-कार्बोहाइड्रेट चीजें खाने की तेज इच्छा होती है। तनाव में इंसान भूख मिटाने के लिए नहीं, बल्कि अपने मूड को बेहतर रखने के लिए खाता है, जिसे मेडिकल की भाषा में इमोशनल ईटिंग कहते हैं।
2. मेटाबॉलिज्म का धीमा होना
लगातार स्ट्रेस में रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसका मतलब है कि एक नॉर्मल व्यक्ति जितनी कैलोरी बर्न करता है, तनाव से पीड़ित व्यक्ति उसी गतिविधि में उससे कम कैलोरी बर्न कर पाता है।
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3. नींद की कमी
तनाव के कारण अनिद्रा या अधूरी नींद की समस्या हो सकती है। जब आपकी नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ जाता है और पेट भरने का अहसास कराने वाला हार्मोन लेप्टिन कम हो जाता है। इसके कारण आप अगले पूरे दिन ज्यादा खाना खाते हैं।
4. शारीरिक गतिविधियां न करना
मानसिक रूप से थका हुआ व्यक्ति शारीरिक रूप से भी थकान महसूस करता है, जिस कारण वह ज्यादा एक्टिव नहीं रह पाता है। तनाव के कारण वर्कआउट करने का मोटिवेशन कई बार पूरी तरह खत्म हो जाता है, जिससे कैलोरी बर्न होना बंद हो जाती है।
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तनाव के कारण बढ़े वजन के लक्षण
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आपका वजन स्ट्रेस के कारण बढ़ रहा है तो आपके शरीर में ये लक्षण नजर आ सकते हैं-
- पेट और कमर के निचले हिस्से में तेजी से चर्बी जमा होना।
- डाइट कंट्रोल करने के बाद वजन कम न होना।
- शाम के समय या देर रात मीठा या नमकीन खाने की क्रेविंग होना।
- सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होना।
- चिड़चिड़ापन और पाचन से जुड़ी समस्याएं होना।
स्ट्रेस के कारण बढ़ने वाला वजन कैसे कम करें?
Dr. Akshay Chugh ने बताया कि अगर आपका वजन भी स्ट्रेस के कारण बढ़ा हुआ है तो सिर्फ क्रैश डाइटिंग करने से काम नहीं चलेगा। आपको पहले अपने तनाव के लेवल को कम करना होगा। इसके लिए आप इन बातों का ध्यान रखें।
1. स्ट्रेस मैनेज करें
रोज सुबह 15 से 20 मिनट तक प्राणायाम करें या मेडिटेशन करें। ऐसा करने से शरीर में कोर्टिसोल के लेवल को तुरंत कंट्रोल करने या नीचे लाने में मदद मिलती है।
2. अच्छी नींद लें
सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल या टीवी जैसे गैजेट्स का इस्तेमाल करना बंद कर दें। सोने से पहले एक शांत माहौल बनाएं और अंधेरे कमरे में सोएं ताकि आपका शरीर रिकवर हो सके।
3. इमोशनल ईटिंग से बचें
जब भी तनाव में कुछ खाने का मन करे तो पहले 1 गिलास पानी पिएं। अपने पास जंक फूड की जगह हेल्दी फूड्स जैसे मखाना, भुना चना, फल या ड्राई फ्रूट्स रखें।
4. हल्की एक्सरसाइज करें
तनाव के समय बहुत ज्यादा हेवी वर्कआउट करने से भी कोर्टिसोल बढ़ सकता है। इसलिए 30 से 40 मिनट की ब्रिस्क वॉक, योग या स्विमिंग जैसी हल्की और आरामदायक एक्सरसाइज करें।
5. संतुलित आहार लें
अपनी थाली में प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे दालें, पनीर और अंडे व फाइबर से भरपूर फूड्स जैसे- हरी सब्जियां और सलाद की मात्रा बढ़ाएं। यह आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने और क्रेविंग्स को रोकने में मदद करता है।
निष्कर्ष
वजन कम करना सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आप क्या खा रहे हैं या कितना पसीना बहा रहे हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि आप मन से कितना शांत हैं। अगर आप लंबे समय से तनाव महसूस कर रहे हैं और वजन कंट्रोल नहीं हो रहा है तो किसी डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लें। अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखें ताकि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी उसका सही असर रहे।
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FAQ
कौन सी बीमारी के कारण वजन बढ़ता है?
हाइपोथायरायडिज्म, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और कुशिंग सिंड्रोम जैसी बीमारियां शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करती हैं, जिसके कारण मोटापा तेजी से बढ़ने लगता है।ज्यादा स्ट्रेस लेने से क्या होता है?
ज्यादा टेंशन लेने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है, जिससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
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Sep 29, 2026 10:27 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
