Thu Oct 8, 2026 | 03:17 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या पैकेज्ड फ्रूट जूस सच में करते हैं शरीर को हाइड्रेट? गर्मियों में पीने से पहले जान लें सच्चाई

गर्मियों में लोग खुद को हाइड्रेट रखने के लिए पैकेज्ड फ्रूट जूस का सहारा लेते हैं, लेकिन पैक्ड जूस में कई तरह के हानिकारक प्रिजर्वेटिव और केमिकल्स भी मिले होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या पैकेज्ड फ्रूट जूस सच में करते हैं शरीर को हाइड्रेट? गर्मियों में पीने से पहले जान लें सच्चाईक्या पैकेज्ड फ्रूट जूस सच में करते हैं शरीर को हाइड्रेट? गर्मियों में पीने से पहले जान लें सच्चाई

गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है। तेज धूप, बढ़ता तापमान और ज्यादा पसीना शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स को तेजी से कम कर देते हैं। ऐसे में लोग अक्सर ठंडी ड्रिंक्स पीते हैं, जिनमें पैकेज्ड फ्रूट जूस सबसे फेमस विकल्पों में से एक है। यह आसानी से उपलब्ध होता है और इसे हेल्दी ड्रिंक मानकर कई लोग रोजाना इसका सेवन करते हैं लेकिन क्या पैकेज्ड फ्रूट जूस वाकई शरीर को उतनी ही अच्छी तरह हाइड्रेट करते हैं जितना हम सोचते हैं? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

क्या पैकेज्ड फ्रूट जूस शरीर को हाइड्रेट करते हैं?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि पैकेज्ड फ्रूट जूस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के प्रोसेस से गुजारा जाता है। इनमें प्रिजर्वेटिव्स, ज्यादा शुगर और फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर मामलों में असली फलों की मात्रा बहुत कम होती है और अधिकतर हिस्सा पानी और शुगर का होता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि ऐसे जूस देखने में भले ही हेल्दी लगते हों, लेकिन इनका न्यूट्रिशन प्रोफाइल ताजे फलों या घर के बने जूस जैसा नहीं होता।

पैकेज्ड फ्रूट जूस कुछ हद तक शरीर को हाइड्रेशन प्रदान करते हैं, जिससे तुरंत ठंडक महसूस हो सकती है लेकिन हाइड्रेशन का मतलब सिर्फ पानी देना नहीं है, बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी है। इन जूस में अक्सर शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में पानी के सही अवशोषण को प्रभावित कर सकती है। इसलिए यह लंबे समय तक हाइड्रेशन बनाए रखने में उतने प्रभावी नहीं होते जितना पानी, नारियल पानी या ताजे फलों का रस होता है।

इसे भी पढ़ें: वजन घटाने के लिए स्मूदी बेहतर है या फ्रूट जूस? एक्सपर्ट से जानें

पैकेज्ड जूस का नुकसान

गर्मी में शरीर पहले से ही डिहाइड्रेशन की स्थिति में होता है और ऐसे में ज्यादा शुगर वाले जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा, यह शरीर में कैलोरी बढ़ाकर वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, लगातार पैकेज्ड जूस पीने से बच्चों और वयस्कों दोनों में मोटापा और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

are packaged fruit juices hydratingare packaged fruit juices hydrating

इसे भी पढ़ें: बच्चों की सेहत खराब कर सकता है गली-नुक्कड़ों में मिलने वाला फ्रूट जूस, डॉक्टर से जानें इसे पीने के नुकसान

गर्मियों में हाइड्रेशन के लिए क्या पिएं?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि गर्मियों में पानी सबसे अच्छा हाइड्रेशन का सोर्स है। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और सादा घर का बना सत्तू शरबत भी बहुत फायदेमंद हैं। ये सभी शरीर को नेचुरल तरीके से ठंडक और जरूरी मिनरल्स प्रदान करते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नेचुरल ड्रिंक्स ही सबसे हेल्दी होती हैं।

निष्कर्ष

पैकेज्ड फ्रूट जूस तुरंत ठंडक का एहसास दे सकते हैं, लेकिन ये शरीर को लंबे समय तक सही तरीके से हाइड्रेट नहीं करते। इनमें मौजूद शुगर और एडिटिव्स स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं। नेचुरल और ताजे विकल्प ही शरीर को सही मायने में हाइड्रेट और हेल्दी रखते हैं।

All Image Credit- Freepik

FAQ

  • क्या पैकेज्ड फ्रूट जूस रोज पीना ठीक है?

    रोजाना इसका सेवन करने से शुगर और कैलोरी बढ़ सकती है। पैकेज्ड फ्रूट जूस का सेवन रोजाना बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • क्या पैकेज्ड जूस बच्चों के लिए सुरक्षित हैं?

    पैकेज्ड जूस बच्चों के लिए सीमित मात्रा में ठीक हैं, लेकिन बेहतर है कि बच्चों को ताजे फल दिए जाएं।
  • क्या पैकेज्ड जूस वजन बढ़ाते हैं?

    पैकेज्ड जूस का ज्यादा सेवन करने पर इनमें मौजूद शुगर वजन बढ़ा सकती है।

Read Next

→ कहीं आप गलत तरीके से तो नहीं खा रहे ये हेल्दी फूड्स? आयुर्वेद के अनुसार पड़ सकते हैं बीमार

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Apr 28, 2026 17:33 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Apr 28, 2026 17:33 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain