डायबिटीज के मरीजों में शुगर का बढ़ना सेहत से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है इसलिए जरूरी है कि आप शुगर को शुरुआत से ही कंट्रोल करें। ऐसे में नीम की पत्तियों से बने जूस का सेवन बेहद मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, नीम की पत्तियों में मिलने वाले ग्लाइकोसाइड्स और ट्राइटरपेनोइड्स, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन पत्तियों को चबाने से डायबिटीज में होने वाली कई समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है जैसे स्किन से जुड़ी बीमारियां। इसके अलावा नीम की पत्तियों का जूस पीना शुगर की कई समस्याओं में मददगार है, जानते हैं इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से।
नीम का जूस पीने से शुगर कम होती है?
डॉ. किरण कहती हैं कि नीम की पत्तियों में एंटी डायबिटीक गुण पाए जाते हैं जो कि शुगर के मरीजों में इंसुलिन लेवल को कंट्रोल करने के साथ शुगर मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। इन पत्तियों का जूस पीने से शुगर को पूरी तरह से पचाने में मदद मिलती है और शुगर खून में जाकर नहीं मिलता, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा भी डायबिटीज में नीम जूस पीने के कई फायदे हैं जैसे-
इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है
डॉ. किरण कहती हैं कि नीम की पत्तियों का जूस पीना, इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मददगार है। इन पत्तियों के अर्क में फ्लेवोनॉइड्स, ग्लाइकोसाइड्स और टेरपेनॉइड्स जैसे एक्टिव इंग्रोडिएंट्स होते हैं जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं, यानी इंसुलिन की कम मात्रा में भी शुगर तेजी से पचता है, जिससे शुगर मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
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फास्टिंग शुगर में भी कमी आती है
डॉ. किरण कहती हैं कि दरअसल, नीम का जूस फास्टिंग शुगर को कंट्रोल करने में मददगार है। दरअसल, खाली पेट नीम की पत्तियों का जूस पीने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है जो कि पेनक्रियाज की एजिंग को रोकते हैं, इनके सेल्स को हेल्दी रखते हैं और इनका कामकाज बेहतर बनाते हैं जिससे फास्टिंग शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
स्किन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार
डायबिटीज में नीम का जूस पीना स्किन की समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों में त्वचा से जुड़ी बीमारियों के होने का डर ज्यादा होता है। ऐसे में नीम की पत्तियों में मिलने वाला एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन में इंफेक्शन को रोकता है और किसी भी प्रकार के घाव को होने से या बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के घाव की हीलिंग में भी मदद मिलती है।
क्या कहती है स्टडी?
Dove Medical Press में प्रकाशित इस स्टडी की मानें, तो नीम के अर्क ने ब्लड शुगर (PPBS), फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS), HbA1c और इंसुलिन रेजिस्टेंस (HOMA-IR) को काफी हद तक कम किया। इससे एंडोथेलियल फंक्शन में सुधार हुआ, जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव कम हुआ और सूजन के मार्कर जैसे hsCRP और IL-6 घटे। इससे पेनक्रियाज का कामकाज बेहतर हुआ, शुगर मेटाबॉलिज्म बेहतर हुआ और शुगर कंट्रोल करने में मदद मिली।
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डायबिटीज में कब और कैसे पिएं नीम का जूस?
इस सवाल पर डॉ. किरण कहती हैं कि डायबिटीज के मरीजों को सुबह खाली पेट 5 से 10 नीम की पत्तियों का जूस बनाकर पीना चाहिए। इससे शरीर का इंसुलिन लेवल बेहतर होता है और शुगर मेटाबॉलिज्म में भी तेजी आती है। साथ ही सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर के बाकी अंगों को भी फायदा होता है और आप एक साथ कई मेटाबॉलिक बीमारियों से बच सकते हैं। साथ ही आप यह कर सकते हैं कि ग्रीन जूस बनाएं जिसमें नीम की पत्तियों को शामिल करें। इस जूस को पीने से शुगर कंट्रोल में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष:
अंत में डॉ. किरण कहती हैं कि डायबिटीज में आपको नीम जूस पीना है तो भी आप इसे एक संतुलित मात्रा में पिएं। आप दिनभर में मात्र 1 गिलास ही जूस पिएं और ज्यादा मात्रा में जूस पीने से बचें। अगर आपको लग रहा है कि जितना ज्यादा जूस पिएंगे उससे उतनी तेजी से शुगर कंट्रोल में रहेगा तो आप गलत है। अगर आप ज्यादा मात्रा में नीम का जूस पिएंगे, तो शरीर में इसकी टॉक्सिसिटी हो सकती है। इसका गहरा असर आपकी किडनी और लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकता है इसलिए नीम का जूस पिएं, लेकिन 1 गिलास से ज्यादा नहीं।
इसके अलावा प्रेग्नेंसी में शुगर कंट्रोल करने के लिए नीम का जूस बिल्कुल भी न लें। अगर आप स्तनपान कराने वाली मां हैं तो भी आपको इसके सेवन से बचना चाहिए। साथ ही जिन लोगों की किडनी और खून पतला करने से जुड़ी कोई भी दवा चल रही है उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए। साथ ही अगर आपको नीम जूस पीने के बाद शरीर में कोई दिक्कत महसूस होती है तो एक्सपर्ट से बात करें फिर इसका सेवन करें। इस तरह से आप सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचे रहेंगे।
FAQ
क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?
अगर आप लो फैट मिल्क लेते हैं तो इससे शुगर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर आप हाई फैट मिल्क लेते हैं तो इससे आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है।क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?
अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों जैसे फल, सब्जी और अनाज को शामिल करें तो इससे शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
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Current Version
Oct 26, 2026 12:44 IST
Modified By : Pallavi Kumari Oct 26, 2026 12:44 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta
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