Mon Oct 26, 2026 | 03:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

नीम का जूस पीने से शुगर कम होती है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें बढ़ते-घटते शुगर लेवल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में शुगर कंट्रोल करने के लिए नीम का जूस पीना फायदेमंद हो सकता है, कैसे जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।
नीम का जूस पीने से शुगर कम होती है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानेंनीम का जूस पीने से शुगर कम होती है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

डायबिटीज के मरीजों में शुगर का बढ़ना सेहत से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है इसलिए जरूरी है कि आप शुगर को शुरुआत से ही कंट्रोल करें। ऐसे में नीम की पत्तियों से बने जूस का सेवन बेहद मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, नीम की पत्तियों में मिलने वाले ग्लाइकोसाइड्स और ट्राइटरपेनोइड्स, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन पत्तियों को चबाने से डायबिटीज में होने वाली कई समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है जैसे स्किन से जुड़ी बीमारियां। इसके अलावा नीम की पत्तियों का जूस पीना शुगर की कई समस्याओं में मददगार है, जानते हैं इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से।

नीम का जूस पीने से शुगर कम होती है?

डॉ. किरण कहती हैं कि नीम की पत्तियों में एंटी डायबिटीक गुण पाए जाते हैं जो कि शुगर के मरीजों में इंसुलिन लेवल को कंट्रोल करने के साथ शुगर मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। इन पत्तियों का जूस पीने से शुगर को पूरी तरह से पचाने में मदद मिलती है और शुगर खून में जाकर नहीं मिलता, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा भी डायबिटीज में नीम जूस पीने के कई फायदे हैं जैसे-

इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है

डॉ. किरण कहती हैं कि नीम की पत्तियों का जूस पीना, इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मददगार है। इन पत्तियों के अर्क में फ्लेवोनॉइड्स, ग्लाइकोसाइड्स और टेरपेनॉइड्स जैसे एक्टिव इंग्रोडिएंट्स होते हैं जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं, यानी इंसुलिन की कम मात्रा में भी शुगर तेजी से पचता है, जिससे शुगर मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

neem_juice_benefitsneem_juice_benefits

इसे भी पढ़ें: शुगर के मरीज सुबह नाश्ते में क्या खाएं ताकि जल्दी भूख न लगे? जानें डाइटीशियन की सलाह

फास्टिंग शुगर में भी कमी आती है

डॉ. किरण कहती हैं कि दरअसल, नीम का जूस फास्टिंग शुगर को कंट्रोल करने में मददगार है। दरअसल, खाली पेट नीम की पत्तियों का जूस पीने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है जो कि पेनक्रियाज की एजिंग को रोकते हैं, इनके सेल्स को हेल्दी रखते हैं और इनका कामकाज बेहतर बनाते हैं जिससे फास्टिंग शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

स्किन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार

डायबिटीज में नीम का जूस पीना स्किन की समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों में त्वचा से जुड़ी बीमारियों के होने का डर ज्यादा होता है। ऐसे में नीम की पत्तियों में मिलने वाला एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन में इंफेक्शन को रोकता है और किसी भी प्रकार के घाव को होने से या बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के घाव की हीलिंग में भी मदद मिलती है।

क्या कहती है स्टडी?

Dove Medical Press में प्रकाशित इस स्टडी की मानें, तो नीम के अर्क ने ब्लड शुगर (PPBS), फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS), HbA1c और इंसुलिन रेजिस्टेंस (HOMA-IR) को काफी हद तक कम किया। इससे एंडोथेलियल फंक्शन में सुधार हुआ, जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव कम हुआ और सूजन के मार्कर जैसे hsCRP और IL-6 घटे। इससे पेनक्रियाज का कामकाज बेहतर हुआ, शुगर मेटाबॉलिज्म बेहतर हुआ और शुगर कंट्रोल करने में मदद मिली।

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज रोगियों के लिए मैग्नीशियम से भरपूर 10 फूड्स

डायबिटीज में कब और कैसे पिएं नीम का जूस?

इस सवाल पर डॉ. किरण कहती हैं कि डायबिटीज के मरीजों को सुबह खाली पेट 5 से 10 नीम की पत्तियों का जूस बनाकर पीना चाहिए। इससे शरीर का इंसुलिन लेवल बेहतर होता है और शुगर मेटाबॉलिज्म में भी तेजी आती है। साथ ही सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर के बाकी अंगों को भी फायदा होता है और आप एक साथ कई मेटाबॉलिक बीमारियों से बच सकते हैं। साथ ही आप यह कर सकते हैं कि ग्रीन जूस बनाएं जिसमें नीम की पत्तियों को शामिल करें। इस जूस को पीने से शुगर कंट्रोल में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. किरण कहती हैं कि डायबिटीज में आपको नीम जूस पीना है तो भी आप इसे एक संतुलित मात्रा में पिएं। आप दिनभर में मात्र 1 गिलास ही जूस पिएं और ज्यादा मात्रा में जूस पीने से बचें। अगर आपको लग रहा है कि जितना ज्यादा जूस पिएंगे उससे उतनी तेजी से शुगर कंट्रोल में रहेगा तो आप गलत है। अगर आप ज्यादा मात्रा में नीम का जूस पिएंगे, तो शरीर में इसकी टॉक्सिसिटी हो सकती है। इसका गहरा असर आपकी किडनी और लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकता है इसलिए नीम का जूस पिएं, लेकिन 1 गिलास से ज्यादा नहीं।

इसके अलावा प्रेग्नेंसी में शुगर कंट्रोल करने के लिए नीम का जूस बिल्कुल भी न लें। अगर आप स्तनपान कराने वाली मां हैं तो भी आपको इसके सेवन से बचना चाहिए। साथ ही जिन लोगों की किडनी और खून पतला करने से जुड़ी कोई भी दवा चल रही है उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए। साथ ही अगर आपको नीम जूस पीने के बाद शरीर में कोई दिक्कत महसूस होती है तो एक्सपर्ट से बात करें फिर इसका सेवन करें। इस तरह से आप सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचे रहेंगे।

FAQ

  • क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?

    अगर आप लो फैट मिल्क लेते हैं तो इससे शुगर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर आप हाई फैट मिल्क लेते हैं तो इससे आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है।
  • क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?

    अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों जैसे फल, सब्जी और अनाज को शामिल करें तो इससे शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

Read Next

→ क्या रात में चावल खाने से कफ बढ़ता है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 26, 2026 12:44 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 26, 2026 12:44 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Kiran Gupta