डायबिटीज वर्तमान में स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या बन चुका है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए हल्दी डाइट के साथ-साथ कई लोग दवाइयों का सहारा भी लेते हैं। हालांकि, दवाइयों के साथ-साथ कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इन्हीं उपायों में करेला भी डायबिटीज कंट्रोल करने में काफी लाभकारी माना जाता है। कई लोग डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए करेला का जूस पीते हैं तो कुछ लोग चूर्ण का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, यहां सवाल यह उठता है कि ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए करेले का जूस या पाउडर दोनों में से क्या बेहतर है? आइए हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं।
करेला जूस और पाउडर: क्या है ज्यादा फायदेमंद?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि आजकल जो करेला जूस या करेला चूर्ण का ट्रेंड हैं, उसे आप रेगुलर नहीं ले सकते हैं। आप करेला का जूस और पाउडर का सेवन सिर्फ 10-15 दिन तक कर सकते हैं, क्योंकि लंबे समय तक इनका सेवन करने से यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। जूस और पाउडर दोनों ही करेला की रूक्षता (dryness) को सीधे और तेज शरीर में पहुंचाते हैं, जिसके कारण शरीर में ज्यादा ड्राईनेस, कमजोरी, वात में बढ़ोतरी और एनर्जी में कमी की समस्या हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: क्या करेला जूस वाकई शुगर खत्म कर देता है? जानिए सच्चाई जो हर डायबिटिक को पता होनी चाहिए

करेला का सेवन कैसे करना चाहिए?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए अगर आप नियमित रूप से करेला का सेवन करना चाहते हैं तो करेला का सेवन हमेशा तेल में भूनकर या पकाकरर करना सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है। तेल का इस्तेमाल इसकी ड्राइनेस को संतुलित करने में मदद करता है, वात को कम करता है, ड्राइनेस कम करता है और धातु क्षय से बचाव करता है। इस तरह करेला जब तेल के साथ मिलाकर खाया जाता है, तो इसका नुकसान कम और फायदा ज्यादा मिलता है।
इसे भी पढ़ें: सेहत के लिए फायदेमंद होता है करेला, आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें कब और कैसे करें इसका सेवन?
लंबे समय तक करेला खाने के साइड इफेक्ट्स
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि अगर करेला का जूस या चूर्ण का लंबे समय तक सेवन किया जाए तो कई तरह की स्वास्थ्य हो सकती हैं, जैसे-
- धातु क्षय के कारण शरीर में कमजोरी और थकान होना
- आंखों में मोतियाबिंद की समस्या होना
- यौन क्षमता में कमी होना
- शरीर में ज्यादा ड्राईनेस होना
निष्कर्ष
करेला का जूस तेज असर करने वाला होता है, लेकिन यह ज्यादा ड्राई और लंबे समय तक लेना हानिकारक हो सकता है। जबकि, करेला का पाउडर नियमित रूप से लेने से शरीर में धातु क्षय का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए करेले का सेवन तेल में भूनकर करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसलिए, आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार करेला का जूस या पाउडर के स्थान पर इसी सब्जी के रूप में करना ज्यादा प्रभावी माना जाता है।
Image Credit: Freepik
FAQ
शुगर के मरीज करेले को कैसे खाना चाहिए?
शुगर के मरीजों के लिए करेला एक नेचुरल औषधि के रूप में काम करता है। सुबह खाली पेट करेला का जूस पीना ज्यादा असरदार माना जाता है, जिसे नींबू या अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर कड़वाहट को कम की जा सकती है।डायबिटीज में कौन सी सब्जी ज्यादा खानी चाहिए?
डायबिटीज में कम कार्ब्स, हाई फाइबर और बिना स्टार्च वाली हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करना चाहिए, जो हाई ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकती है। पालक, ब्रोकली, लौकी, बैंगन आदि सब्जियां खाना फायदेमंद हो सकता है।डायबिटीज होने से शरीर में क्या होता है?
डायबिटीज में इंसुलिन की कमी याा उसके ठीक तरह से काम न करने के कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जो आपके पूरे शरीर को प्रभावित करता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 22, 2026 21:38 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 22, 2026 21:38 IST
Modified By : Katyayani TiwariFeb 22, 2026 21:38 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma