Wed Sep 23, 2026 | 07:57 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

क्या वेट लॉस में वाकई असरदार है मोरिंगा पाउडर? जानें आयुर्वेद‍िक एक्सपर्ट की राय

वेट लॉस के ल‍िए कई आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ली जाती है ज‍िनमें से एक है मोर‍िंगा। मोर‍िंगा में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो पाचन और मेटाबॉल‍िज्‍म को सपोर्ट करती है। जानें इससे वजन घटता है नहीं?
क्या वेट लॉस में वाकई असरदार है मोरिंगा पाउडर? जानें आयुर्वेद‍िक एक्सपर्ट की रायक्या वेट लॉस में वाकई असरदार है मोरिंगा पाउडर? जानें आयुर्वेद‍िक एक्सपर्ट की राय

मोर‍िंगा या सहजनसहजन सीधे तौर पर कोई वेट लॉस इंंग्रीड‍िएंट नहीं है, लेक‍िन यह वेट लॉस की प्रक्रि‍या को सपोर्ट करता है। मोर‍िंगा में फाइबर होता है, इसे खाकर पेट जल्‍दी भरता है और ओवरईट‍िंग से बचाव होता है। इसे खाने से मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है ज‍िससे पाचन को भी सपोर्ट म‍िलता है। इस तरह फैट ट‍िशूज को बर्न करने में मदद म‍िलती है। साथ ही, सूजन कम करने में भी मोर‍िंगा को फायदेमंद बताया गया है। डायबि‍ट‍िक मरीज भी मोर‍िंगा का सेवन कर सकते हैं। इससे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। मोर‍िंगा में व‍िटाम‍िन ए, सी, पोटैश‍ियम, कैल्‍श‍ियम, आयरन जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। मोर‍िंगा, कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करता है इसल‍िए यह हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए भी फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं मोर‍िंगा वेट लॉस में क‍ितनी मदद करता है और इसका सेवन करने का सही तरीका क्‍या है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

मोर‍िंगा का सेवन कब, कैसे और क‍ितनी मात्रा में करें?

मोर‍िंगा का सेवन कैसे करें?
2 से 5 ग्राम मोर‍िंगा पाउडर का सेवन करें। 

इसे गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। 

  • 2 से 5 ग्राम मोर‍िंगा पाउडर का सेवन कर सकते हैं।
  • मोर‍िंगा का सेवन भोजन के बाद करने की सलाह दी जाती है।
  • इसे गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।
  • मोर‍िंगा की पत्तियां का जूस बनाकर भी पी सकते हैं।
  • मोर‍िंगा पाउडर को इमली के पानी के साथ ले सकते हैं।
  • मोर‍िंगा पाउडर को एलोवेरा के साथ भी ल‍िया जा सकता है। ज‍िन लोगों को एस‍िड‍िटी है, वे इसका सेवन कर सकते हैं।

टोटल बॉडी वेट, BMI और कमर के साइज में द‍िखा अंतर

साल 2024 में Italian Journal Of Food Science में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों को शोध में मोर‍िंगा का सेवन करने के ल‍िए कहा गया उनके टोटल बॉडी वेट, बीएमआई और कमर के साइज में अंतर देखा गया। हालांक‍ि, इन लोगों को मोर‍िंगा के सेवन के साथ एक्‍सरसाइज करने के ल‍िए भी कहा गया था।

वेट लॉस और मोर‍िंगा का संबंध सीम‍ित है

साल 2021 में Journal Of Functional Foods में प्रकाश‍ित एक सिस्टेमैटिक रिव्यू के मुताब‍िक, मोरिंगा की पत्तियों से तैयार किए गए अर्क का इस्तेमाल करके शरीर के वजन, टोटल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ल‍िप‍िड प्रोफाइल में सुधार देखा गया। इसमें शाम‍िल स्‍टडीज में कुछ पशुओं पर आधार‍ित थी, इसल‍िए इस स्‍टडी में वेट लॉस और मोर‍िंगा के बीच का संबंध स्पष्ट नहीं है।

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कब्‍ज के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद है मोर‍िंगा

मोर‍िंगा का सेवन गट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद है। ज‍िन लोगों को कब्‍ज की समस्‍या है, उनके ल‍िए यह बेहद फायदेमंद है। मोर‍िंगा में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। मोर‍िंगा को पकाने के बाद इसके न्‍यूट्र‍ि‍एंट्स खत्‍म नहीं होते हैं।

वेट लॉस डाइट में शाम‍िल करें मोर‍िंगा

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  • केवल मोर‍िंगा का सेवन करने से वजन कम करने में मदद नहीं म‍िलती। वेट लॉस के ल‍िए घर का बना खाना खाएं, रोजाना कम से कम 45 म‍िनट एक्‍सरसाइज करें।
  • प्रोटीन और फाइबर र‍िच फूड्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।
  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं।
  • ऑयली फूड, प्रोसेस्‍ड फूड्स, पैक्‍ड फूड्स के सेवन से बचें।
  • र‍िफाइंड कार्ब्स और शुगर की मात्रा को कम करें।

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शरीर के ल‍िए फायदेमंद है मोर‍िंगा

  • मोर‍िंगा हड्ड‍ियों के ल‍िए भी फायदेमंद माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें कैल्‍श‍ियम पाया जाता है।
  • एड‍िमा और अस्‍थमा जैसी बीमार‍ियों में मोर‍िंगा का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
  • मोर‍िंगा में व‍िटाम‍िन ए पाया जाता है जो आंखों की सेहत को सपोर्ट करता है।
  • एनीम‍िया के मरीजों के ल‍िए भी मोर‍िंगा उपयोगी साब‍ित हो सकता है।

न‍िष्कर्ष:

मोर‍िंगा में फाइबर होता है। इसका सेवन करके पेट जल्‍दी भरता है, ओवरईट‍िंग से बचाव होता है। इसके सेवन से शरीर में सूजन भी कम होती है और ब्‍लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। हालांक‍ि, मोर‍िंगा कोई जादुई इंग्रीड‍िएंट नहीं है ज‍िसके सेवन के साथ ही वजन कम होने लगेगा। मोर‍िंगा वेट मैनेजमेंट को सपोर्ट करता है। वेट लॉस के ल‍िए मोर‍िंगा का सेवन करने के साथ हेल्‍दी डाइट और एक्‍सरसाइज को भी अपनाना जरूरी है। 2 से 5 ग्राम मोर‍िंगा पाउडर का सेवन कर सकते हैं। मोर‍िंगा पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ल‍िया जा सकता है, इसकी पत्तियों का जूस बनाकर भी ले सकते हैं, इसे इमली के पानी के साथ ले सकते हैं, इसे एलोवेरा के साथ भी ल‍िया जा सकता है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या मोरिंगा की चाय में कैफीन होता है?

    शुद्ध मोरिंगा की पत्तियों से बनी चाय में प्राकृतिक रूप से कैफीन मौजूद नहीं होता है। पैक्‍ड मोर‍िंगा खरीदने से पहले इंग्रीड‍िएंट्स की ल‍िस्‍ट जरूर चेक करें। 
  • क्या मोरिंगा चाय रोज पी सकते हैं?

    सामान्य मात्रा में मोरिंगा की चाय का सेवन रोज किया जा सकता है। हालांकि, लंबे समय तक अधिक मात्रा का सेवन करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लें। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 23, 2026 17:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Sep 23, 2026 17:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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