Wed Oct 7, 2026 | 02:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

क्‍या बालों के झड़ने का कारण है DHT हार्मोन? एक्‍सपर्ट से समझें दोनों का संबंध

DHT एक मेल हार्मोन है जो पुरुष और मह‍िलाओं दोनों में हेयर लॉस का एक कारण माना जाता है। आइए जानते हैं की क्‍या इसका ज्‍यादा स्‍तर वाकई हेयर लॉस की वजह बन सकता है?
क्‍या बालों के झड़ने का कारण है DHT हार्मोन? एक्‍सपर्ट से समझें दोनों का संबंधक्‍या बालों के झड़ने का कारण है DHT हार्मोन? एक्‍सपर्ट से समझें दोनों का संबंध

DHT हार्मोन के कारण हेयर लॉस हो सकता है। DHT हार्मोन उन हेयर फॉल‍िकल्‍स पर काम करता है ज‍िन पर जीन मौजूद होता है। स्‍कैल्‍प के ऊपरी भाग के हेयर फॉल‍िकल्‍स पर एक जीन मौजूद होता है ज‍िसे एआर जीन (AR Gene or Androgen Receptor Gene) कहा जाता है। यह मुख्‍य जीन होता है, इसके अलावा भी कुछ जीन मौजूद होते हैं जो हेयर फॉल का कारण बनते हैं। हमारे ल‍िए यह जानना भी जरूरी है क‍ि केवल DHT हार्मोन हेयर लॉस का कारण नहीं बनता। DHT हार्मोन हेयर लॉस कारण तभी बनता है जब वह हेयर लॉस के ल‍िए ज‍िम्‍मेदार जीन के संपर्क में आता है। हालांक‍ि, DHT हार्मोन को बढ़ने से रोका जा सकता है। आइए समझते हैं DHT हार्मोन और हेयर लॉस का कनेक्‍शन और DHT हार्मोन को बढ़ाने के उपाय। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain Gupta, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

युवाओं में हेयर लॉस के कारण

पहले के समय में 40 से 50 साल की उम्र के लोगों को हेयर फॉल होता था, लेक‍िन आजकल युवाओं में भी हेयर लॉस नजर आ रहा है। जंक फूड, प्रदूषण, स्‍ट्रेस, खराब लाइफस्‍टाइल, हेयर लॉस का कारण बन रहा है। हेयर लॉस के कारण लोगों का आत्‍मव‍िश्‍वास कम हो जाता है। इसका असर न‍िजी ज‍िंदगी और काम पर भी पड़ सकता है। यह समस्‍या पुरुषों और मह‍िलाओं दोनों में देखी जा रही है।

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DHT हार्मोन क्‍या है?

डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन हार्मोन (DHT or Dihydrotestosterone Hormone) टेस्टोस्टेरोन से बनने वाला मेल हार्मोन है। टेस्‍टोस्‍टेरोन हार्मोन, रोजाना हमारे शरीर में DHT में बदलता है, यह एक सामान्‍य प्रक्र‍िया है। यही DHT हार्मोन बालों पर असर डालकर उन्‍हें पतला करता है और धीरे-धीरे हेयर लॉस होने लगता है।

DHT हार्मोन और हेयर लॉस का संबंध

DHT हार्मोन शरीर में कई कार्यों के ल‍िए ज‍िम्‍मेदार है जैसे यौन विकास, पुरुष प्रजनन तंत्र का विकास वगैरह। शरीर में इस हार्मोन का स्‍तर सही होना जरूरी है। ब्‍लड टेस्‍ट की मदद से पता चलता है क‍ि DHT हार्मोन का स्‍तर ज्‍यादा है या नहीं। अगर इसका लेवल ज्‍यादा है और व्‍यक्‍त‍ि को हेयर फॉल हो रहा है, तो DHT और हेयर लॉस का संबंध हो सकता है।

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DHT हार्मोन हेयर लॉस का कारण क्‍यों बनता है?

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केवल DHT हार्मोन का स्तर बढ़ना ही हेयर लॉस का कारण नहीं होता। अगर हेयर फॉलिकल्स DHT के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, तो DHT का स्तर अधिक होने के बावजूद बाल झड़ना जरूरी नहीं है। जब हेयर फॉलिकल्स DHT हार्मोन के प्रति आनुवंशिक रूप से संवेदनशील होते हैं, तब DHT, हेयर लॉस का कारण बन सकता है।

साल 2014 में Advances In Dermatology And Allergology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि एंड्रोजेनिक एलोपेसिया के कुछ मरीजों के ब्‍लड में DHT का स्तर बढ़ा हुआ था, लेकिन DHT का बढ़ा हुआ स्तर बाल झड़ने की गंभीरता से सीधे जुड़ा नहीं पाया गया। स्‍टडी में बताया गया क‍ि हेयर लॉस में केवल DHT का बढ़ा हुआ स्तर जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि इसके ल‍िए जीन भी अहम भूमिका निभाते हैं।

DHT हार्मोन को ब्‍लॉक कैसे क‍िया जाता है?

DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने का मतलब है उसके असर को कम करना ताक‍ि वह हेयर फॉल‍िकल्‍स को नुकसान न पहुंचाए। इसके ल‍िए डॉक्‍टर DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने वाली दवाएं देते हैं ज‍िनकी मदद से टेस्टोस्टेरोन का DHT में बदलने का मैकेन‍िज्‍म रुक जाता है और हेयर लॉस कंट्रोल होता है। दवाओं से DHT हार्मोन को पूरी तरह ब्‍लॉक करना संभव नहीं है और डॉक्‍टर ऐसा करने की सलाह भी नहीं देते हैं क्‍योंक‍ि शरीर की कई प्रक्र‍ियाओं के ल‍िए यह हार्मोन जरूरी है, लेक‍िन इसे दवाओं की मदद से कुछ हद तक कंट्रोल क‍िया जा सकता है।

DHT के स्तर को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के उपाय

DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने के ल‍िए प्राकृत‍िक उपायों की भी मदद ली जाती है ज‍िनमें से एक मुख्‍य नाम है सॉ पाल्मेटो (Saw Palmetto)। यह शरीर में DHT हार्मोन को कंट्रोल करने के ल‍िए जाना जाता है। यह एंड्रोजेनिक एलोपेसिया (पुरुषों में गंजापन) और बालों के पतले होने की गति को धीमा करने में भी असरदार बताया जाता है। इस पौधे का भारत में म‍िलना मुश्‍क‍िल है इसल‍िए इसे कैप्सूल या अर्क के रूप में बाजार से ल‍िया जाता है। सॉ पाल्‍मेटो का बीज और तेल उपयोगी माना जाता है।

साल 2020 में Skin Appendage Disorders में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सॉ पाल्‍मेटो के इस्‍तेमाल के बाद कुछ लोगों के बालों की संख्या, घनत्व और बालों की गुणवत्ता में सुधार देखा गया। अलग-अलग अध्ययनों में लगभग 3.4% से 27% तक सुधार देखा गया।

ये प्राकृत‍िक तरीके भी DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने के ल‍िए कुछ अन्‍य प्राकृत‍िक खाद्य पदार्थ हैं ज‍ि‍न्‍हें हेल्‍दी डाइट में शाम‍िल करके हेयर लॉस कंट्रोल में मदद म‍िल सकती है जैसे-

  • कद्दू के बीज का तेल
  • कलौंजी
  • मेथी
  • नार‍ियल
  • हल्‍दी

विशेषज्ञों की सलाह: कब और कैसे लें हेयर लॉस का ट्रीटमेंट?

द‍िनभर में 50 से 100 बालों का टूटना सामान्‍य है

द‍िनभर में 50 से 100 बालों का टूटना सामान्‍य है। अगर इससे ज्‍यादा बाल टूट रहे हैं, मांग चौड़ी हो रही है, हेयर लाइन पीछे जा रही है या बाल पतले हो रहे हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह ले सकते हैं।

हेयर लॉस का इलाज कारण के आधार पर होगा

हेयर लॉस का इलाज करने से पहले कारण जानना जरूरी है। हेयर लॉस के ल‍िए जेनेट‍िक्‍स, DHT हार्मोन, थायराइड, हार्मोन असंतुल‍न, आयरन या अन्‍य पोषक तत्‍वों की कमी, स्‍कैल्‍प की बीमारी जैसे कारण हो सकते हैं।

ब्‍लड टेस्‍ट

डॉक्टर पहले स्कैल्प और बालों की जांच करके हेयर लॉस का प्रकार पता कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट कराए जा सकते हैं, खासकर जब पोषक तत्वों की कमी या हार्मोनल समस्या का संदेह हो।

मिनोक्सिडिल और फि‍नास्टेराइड जैसी दवाएं

एंड्रोजेनिक एलोपेसिया में डॉक्टर मिनोक्सिडिल जैसी दवाओं की सलाह दे सकते हैं। पुरुषों में DHT से जुड़े हेयर लॉस के लिए फि‍नास्टेराइड (Finasteride) जैसी दवाओं की मदद ली जाती है। इन दवाओं का सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बगैर नहीं करना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

हेयर लॉस के पीछे कई कारण हो सकते हैं ज‍िनमें से एक है DHT हार्मोन का बढ़ना। हालांक‍ि, ब्‍लड टेस्‍ट में अगर DHT हार्मोन का स्‍तर बढ़ा हुआ है, तो इसका यह मतलब नहीं है क‍ि DHT हार्मोन ही हेयर लॉस का कारण होगा। स‍िर के ऊपरी भाग के हेयर फॉल‍िकल्‍स की DHT के प्रति आनुवंशिक संवेदनशीलता हेयर लॉस का कारण बन सकती है। DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने या हेयर लॉस का कारण बनने से रोकने के ल‍िए फि‍नास्टेराइड जैसी दवाओं की मदद ली जाती है। कुछ प्राकृत‍िक खाद्य पदार्थों को डाइट में शाम‍िल करने से भी DHT हार्मोन को ब्‍लॉक करने में मदद म‍िल सकती है जैसे सॉ पाल्मेटो, कद्दू के बीज का तेल, कलौंजी, मेथी, नार‍ियल और हल्‍दी वगैरह। हेयर लॉस का इलाज, कारण के आधार पर होता है इसल‍िए बाल पतले हों, द‍िन में 50 से 100 बाल से अध‍िक बाल टूटे, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। ब्‍लड टेस्‍ट और दवाओं की मदद से इलाज संभव है।

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FAQ

  • DHT हार्मोन शरीर में क्या काम करता है?

    DHT हार्मोन पुरुषों में यौन विकास और पुरुष प्रजनन तंत्र के विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह चेहरे, शरीर के बाल, आवाज में बदलाव के ल‍िए भी ज‍िम्‍मेदार है। पुरुषों में यह प्रोस्टेट के सामान्य कार्य से भी जुड़ा होता है।
  • क्या हेयर लॉस को रोकने के ल‍िए DHT को पूरी तरह ब्लॉक करना जरूरी है?

    नहीं। DHT पुरुषों में यौन विकास, प्रजनन तंत्र जैसे जरूरी कार्यों में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए DHT को कम करने वाली दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Oct 07, 2026 12:56 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Oct 07, 2026 12:56 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta