डायबिटीज और हेयर लॉस को अक्सर जोड़कर देखा जाता है। रोजाना जब हम सोकर उठते हैं, शैंपू करते हैं, कंघी करते हैं, तो थोड़े बाल टूटते हैं। यह सामान्य है। National Health Service, UK के मुताबिक, दिनभर में 50 से 100 बाल टूटना आम है, लेकिन इसे अधिक बाल टूटें, तो सावधान हो जाएं। जब तकिए, चादर और अन्य चीजों पर आपको अधिक टूटे बाल नजर आएं, सिर के किसी खास हिस्से में स्कैल्प नजर आने लगे, तो यह हेयर लॉस हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और यह आगे चलकर गंजेपन में बदल सकता है। यह केवल बालों की समस्या नहीं है, इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास भी कमजोर हो जाता है। डायबिटिक मरीजों को अक्सर यह चिंता रहती है कि कहीं उनके हेयर लॉस की वजह यह बीमारी तो नहीं है? डायबिटीज में शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं और व्यक्ति आसानी से इंफेक्शन और बीमारियों की चपेट में आ सकता है, लेकिन क्या यह हेयर लॉस का कारण भी बन सकता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।
हेयर फॉल की वजह बन सकता है डायबिटीज?
Dermatologist Dr. Chandni Jain ने बताया कि डायबिटीज में हेयर लॉस एक साइड इफेक्ट हो सकता है। कई बीमारियां ऐसी होती हैं जो बालों को प्रभावित कर सकती हैं जिनमें से एक डायबिटीज भी है। डायबिटीज से शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। डायबिटीज में किडनी, ब्लड वेसल्स और नसों का माइक्रो सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इस कारण बालों का भी माइक्रो सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है जिससे ब्लड वेसल्स डैमेज हो सकते हैं। डैमेज्ड ब्लड वेसल्स के कारण हेयर फॉलिकल्स तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है और हेयर फॉलिकल्स को न्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाते हैं। इससे हेयर ग्रोथ धीमी हो सकती है। डायबिटीज में विटामिन बी12 और डी3 की कमी भी हेयर लॉस का कारण बन सकती है।
साल 2019 में International Journal Of Women’s Dermatology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, 68% डायबिटिक महिलाओं में हेयर लॉस का खतरा पाया गया। जो महिलाएं 10 साल या उससे अधिक समय से डायबिटीज का शिकार थीं, उनमें यह खतरा लगभग दोगुना पाया गया।
एलोपेसिया एरीटा और डायबिटीज
does-diabetes-cause-hair-loss
Dermatologist Dr. Chandni Jain ने बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें एलोपेसिया एरीटा होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। यह एक ऑटोइम्यून कंडीशन है जिसमें इम्यून सिस्टम बालों पर अटैक करता है। इस वजह से स्कैल्प पर खाली पैच बनने लगते हैं और तेजी से हेयर फॉल होता है। कुछ स्टडीज में टाइप 1 डायबिटीज और एलोपेसिया का संबंध देखा गया है। साल 2025 में Journal Of Personalized Medicine में प्रकाशित एक स्टडी में एलोपेसिया एरीटा के मरीजों में प्रीडायबिटीज की दर 26.3% थी। स्टडी में एलोपेसिया एरीटा, प्रीडायबिटीज और मोटापे के बीच संबंध पाया गया।
यह भी पढ़ें- बाल झड़ रहे हैं तो ऐसे इस्तेमाल करें आंवला-शिकाकाई, आयुर्वेदाचार्य से जानें हेयर पैक बनाने का तरीका
डायबिटिक मरीजों को स्कैल्प इंफेक्शन का खतरा
डायबिटीज में बीमारी और इंफेक्शन का खतरा अधिक हो सकता है। डायबिटिक मरीजों में फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन तेजी से फैलता है और इससे स्कैल्प भी प्रभावित हो सकता है। स्कैल्प इंफेक्शन भी हेयर लॉस का एक कारण बन सकता है।
शुगर लेवल को ऐसे कंट्रोल करें
- ब्लड शुगर को कंट्रोल करके हेयर लॉस को मैनेज कर सकते हैं। इसलिए ब्लड शुगर लेवल को नियमित रूप से चेक करें ताकि आपको शुगर स्पाइक की जानकारी मिले और आप ट्रिगर्स की पहचान कर सकें।
- डायबिटीज में फिजिकल और इमोशनल स्ट्रेस भी हेयर लॉस की वजह बन सकता है इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकों पर गौर करें। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग को अपनाएं।
- डायबिटीज में ली जाने वाले दवाएं भी हेयर लॉस का कारण बन सकती हैं इसलिए डॉक्टर से डोज चेक कराएं।
- शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए हेल्दी डाइट लें। फल और ताजी सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाएं।
- रोजाना एक्सरसाइज करें ताकि शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद मिले।
- डाइट में मीठे की मात्रा को कम करें।
- हाइड्रेशन का ख्याल रखें।
हेयर वॉश के बाद भी साफ नहीं होते बाल?
Dermatologist Dr. Chandni Jain ने बताया कि लोग अक्सर यह शिकायत करते हैं कि कितना भी बाल धो लें, बाल साफ नहीं होते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बालों पर शैंपू लगाकर हम तुरंत वॉश कर लेते हैं जिसके कारण स्कैल्प गंदा ही रहता है और बाद में खुजली हो सकती है। इससे बचाव के लिए नीम के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। एलोवेरा या गुड़हल के पेस्ट के इस्तेमाल से भी स्कैल्प को क्लीन करने में मदद मिल सकती है। केमिकल युक्त शैंपू को इस्तेमाल करने के बजाय रीठे से बालों को साफ करें। खुजली या डैंड्रफ से बचने के लिए तिल का तेल लगा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- पीरियड्स में बालों का गुच्छा हाथ में आ जाता है? फॉलो करें हेयर फॉल से बचने के ये 5 टिप्स
बालों की सेहत के साथ ये गलतियां न करें
- लंबे समय तक जगने या नींद पूरी न करने से बचें। कम या ज्यादा सोना बालों की हेल्दी ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।
- बाल ज्यादा समय के लिए खुले न रखें। इससे स्कैल्प में धूल-मिट्टी जमा हो सकती है।
- बालों को ज्यादा ऑयलिंग करने से बचें वरना गंदगी स्कैल्प पर चिपक सकती है।
- शैंपू का ज्यादा इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए।
- ज्यादा स्ट्रेस न लें।
- स्क्रीन टाइम कम करें। बालों पर आर्टिफिशियल लाइट्स का भी बुरा असर होता है।
निष्कर्ष:
हेयर लॉस डायबिटीज का एक साइड इफेक्ट हो सकता है जिसे समय पर इलाज के साथ रोका जा सकता है।डायबिटीज में हाई ब्लड शुगर लेवल, ब्लड वेसल्स को प्रभावित करती हैं जिसका असर बालों पर भी होता है। बचाव के लिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना जरूरी है साथ ही हेयर लॉस से बचने के लिए हाइजीन का ख्याल रखना जरूरी है। बालों की नियमित सफाई, स्ट्रेस मैनेजमेंट, भरपूर नींद, स्क्रीन टाइम कम करना भी बालों की सेहत के लिए जरूरी है। डायबिटीज जेनेटिक बीमारी है इसलिए बालों की समस्या भी जेनेटिक हो सकती है ऐसे में बचाव के लिए समय पर उचित कदम उठाएं। दिनभर में 100 से अधिक बाल टूट रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज शुरू करें।
FAQ
क्या डैंड्रफ के कारण हेयर लॉस होता है?
डैंड्रफ सीधे तौर पर हेयर लॉस का कारण नहीं बनता, लेकिन डैंड्रफ के कारण स्कैल्प में खुजली और सूजन की वजह से बाल अधिक टूट सकते हैं।क्या प्रोटीन की कमी से हेयर फॉल होता है?
हां, अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न मिले, तो बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है क्योंकि इससे बाल कमजोर हो जाते हैं और पतले भी हो सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 19, 2026 18:14 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta
