Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

कम उम्र में हेयर फॉल? डाइट से जुड़ी ये गलतियां हो सकती हैं वजह

कम उम्र में हेयर फॉल (Hair Fall) की समस्‍या को हल्‍के में नहीं लेना चाह‍िए। इसका कारण डाइट से संबंध‍ित गलति‍यां हो सकती हैं। एक्‍सपर्ट से जानें कारण।

कई लोगों को कम उम्र से ही हेयर फॉल (Hair Fall) की समस्‍या होती है। जो लोग पोषक तत्‍वों से भरपूर आहार नहीं लेते हैं अक्‍सर यह समस्‍या उनमें देखी जाती है। अफ्रीकन जर्नल ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च (African Journal Of Biomedical Research) के मुताब‍िक, क्रॉस-सेक्शनल स्टडी में 18 से 35 वर्ष के 400 युवाओं में हेयर फॉल और हेयर लॉस का सर्वे किया गया। कुल 56.5% प्रत‍िभाग‍ियों में हेयर फॉल पाया गया और 18.7% में हेयर लॉस देखा गया। पुरुषों के मुकाबले मह‍िलाओं में हेयर फॉल की समस्‍या ज्‍यादा न‍िकली। स्‍ट्रेस, हार्मोनल फैक्‍टर्स और हेयर केम‍िकल प्रोडक्‍ट्स जैसे कारणों से समस्‍या बढ़ सकती है। इस लेख में जानेंगे डाइट से संबंध‍ित गलत‍ियां जो हेयर फॉल का कारण बन सकती हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. प्रोटीन की कमी- Low Protein Intake

डाइट में प्रोटीन न म‍िलने से नए बाल बनना धीमा हो जाता है। इससे बाल पतले और कमजोर होने लगते हैं। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दही वगैरह को डाइट में शाम‍िल करें। सीड्स की बात करें, तो कद्दू के बीज, च‍िया सीड्स, अलसी के बीज वगैरह को भी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

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2. आयरन की कमी- Iron Deficiency

Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि कम उम्र में आयरन की कमी के कारण स्‍कैल्‍प तक ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई कम हो जाती है। इससे बालों की जड़ें धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और हेयर फाॅल (Hair Fall) बढ़ जाता है। आजकल कम उम्र में गंजापन एक बड़ी समस्‍या बन चुकी है ज‍िसका एक कारण आयरन की कमी भी है।

3. ज्‍यादा जंक और शुगर का सेवन- Eating Too Much Junk & Sugar Foods

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ज्‍यादा जंक फूड्स और शुगर का सेवन करने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है। ज्‍यादा शुगर का सेवन करने से हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है। इसका सीधा असर बालों की ग्रोथ और स्‍कैल्‍प की सेहत पर पड़ता है इसल‍िए जंक फूड और शुगर फूड्स का सेवन कम से कम करना चाह‍िए।

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4. हेल्‍दी फैट्स का सेवन न करना- Skipping Healthy Fats

अगर आप हेल्‍दी फैट्स का सेवन नहीं करते हैं, तो कम उम्र में हेयर फॉल की समस्‍या हो सकती है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि हेल्‍दी फैट्स की कमी से स्‍कैल्‍प ड्राई हो जाता है, बालों की नेचुरल शाइन कम हो जाती है और बालोंं की थि‍कनेस भी कम हो जाती है। ओमेगा-3 और हेल्‍दी फैट्स स्‍कैल्‍प को पोषण देते हैं इसल‍िए इन्‍हें डाइट में शाम‍िल करें।

5. पानी कम पीना- Dehydration

जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो बालों तक न्‍यूट्र‍िएंट्स नहीं पहुंच पाते हैं। इस वजह से बाल बेजान नजर आते हैं, स्‍कैल्‍प ड्राई हो जाता है और खुजली होने लगती है। इससे हेयर फॉल की समस्‍या हो सकती है इसल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

कम उम्र में बाल झड़ रहे हैं, तो इसका कारण लो प्रोटीन इंटेक, आयरन की कमी, जंक फूड्स या शुगरी फूड्स का सेवन हो सकता है। हेल्‍दी फैट्स की कमी और ड‍िहाइड्रेशन भी कारण हो सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 21, 2026 15:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 21, 2026 15:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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