पुरुष नसबंदी को लेकर अक्सर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल कौंधते हैं। जैसे कई लोगों को लगता है कि नसबंदी करवाने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरने लगता है। यहां यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई पुरुष नसबंदी का टेस्टोस्टेरोन से कोई संबंध है या यह महज एक मिथक है?
इस बारे में नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले बताते हैं नसबंदी (वेसेक्टॉमी) से पुरुष के टेस्टोस्टेरोन या हार्मोन बनने पर कोई असर नहीं पड़ता। असल में इनका आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। इसलिए, यह कहना पूरी तरह गलत होगा कि पुरुष नसबंदी और टेस्टोस्टेरोन का आपस में कोई संबंध है। यह महज एक मिथक है।
पुरुष नसबंदी और टेस्टोस्टेरोन का वैज्ञानिक संबंध
Does A vasectomy Affect Testosterone Levels
पुरुष नसबंदी और टेस्टोस्टेरोन का आपस में कोई स्पष्ट कनेक्शन नहीं है। Nature Publishing Group की ओपन-एक्सेस पत्रिका Scientific Reports में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, नसबंदी से पुरुषों के सेक्स हार्मोन (जैसे टेस्टोस्टेरोन) के स्तर पर लंबे समय में कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, यह जान लेना जरूरी है कि ये दोनों एक-दूसरे से अलग कैसे हैं? इस बारे में डाॅ. विजय दहिफले समझाते हैं-
- स्पर्म फ्लोः चूंकि, हम टेस्टोस्टेरोन को फर्टिलिटी से जोड़कर देखते हैं और पुरुष नसबंदी एक मेडिकल ऑपरेशन है जिससे पुरुष बच्चे पैदा करने में सक्षम नहीं रहता। यह प्रोफेशनल द्वारा किया जाता है। वेसेक्टॉमी के दौरान वास डिफेरेंस नाम की उन बारीक नलियों को काटा या बंद कर दिया जाता है, जो शुक्राणुओं को अंडकोष से बाहर लाती हैं।
- हार्मोन का रास्ताः टेस्टोस्टेरोन हार्मोन अंडकोष में ही बनता है, लेकिन यह शुक्राणु वाली नलियों से होकर नहीं जाता। यह सीधे आपके खून में घुल जाता है। इसलिए, टेस्टोस्टेरोन और पुरुष नसबंदी का आपस में कोई कनेक्शन नहीं है।
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क्या नसबंदी के बाद हार्मोनल बदलाव संभव हैं?
डॉ. विजय दहिफले आसान शब्दों में समझाते हैं, हार्मोन और शुक्राणु की कार्यप्रणाली बिल्कुल अलग है और ये एक-दूसरे के काम को बाधित नहीं करती हैं। इसलिए शुक्राणुओं का रास्ता रोकने से हार्मोन बनने की प्रक्रिया पर किसी तरह का प्रभाव नजर नहीं आता है।
नसबंदी के बाद टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच कैसे करें
जैसा कि हमने पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी है कि पुरुष नसबंदी और टेस्टोस्टरोन का आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। हालांकि, आपकी खराब जीवनशैली, मोटापा और स्वास्थ्य समस्याएं टेस्टोस्टेरोन के प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती हैं। हां, अगर आप नसबंदी के बाद टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच करवाना चाहते हैं, तो इसके लिए एक सामान्य ब्लड टेस्ट किया जाता है। इसे सुबह के समय करवाना सबसे अच्छा माना जाता है।
Harvard Medical School के अनुसार, आमतौर पर टोटल टेस्टोस्टेरोन को मापने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है। कुल टेस्टोस्टेरोन की लैब जांच से फ्री टेस्टोस्टेरोन और रक्त के प्रोटीनों से जुड़े हार्मोन, दोनों की मात्रा का पता चलता है। टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर 300 से 1,000 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (ng/dL) के बीच होता है।
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नसबंदी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई
How Does vasectomy affect testosterone levels
मिथकः पुरुष नसबंदी की वजह से सेक्स ड्राइव में कमी आती है
सच्चाईः यह एक मिथक है। पुरुष नसबंदी के बावजूद हार्मोन का स्तर और ब्लड फ्लो पहले जैसा ही बना रहता है। इसलिए, नसबंदी का हार्मोन पर कोई प्रभाव पड़ता। नजीतन, सेक्स ड्राइव सामान्य बनी रहती है। यहां तक कि इरेक्शन और ओरगाज्म (चरमसुख) भी पहले जैसा सामान्य रहता है।
मिथकः नसबंदी के बाद वीर्य निकलना बंद हो जाएगा
सच्चाईः नसबंदी की वजह से स्खलन प्रक्रिया बाधित नहीं होती है। पुरुष यौन संबंध बनाने के बाद पहले की ही तरह इजैक्युलेट होते हैं।
मिथकः नसबंदी कराने के बाद प्रक्रिया तुरंत कारगर हो जाती है
सच्चाईः नसबंदी कराने के तुरंत बाद यह प्रक्रिया असर नहीं करती है। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि बची हुई नलियों से पुराने शुक्राणुओं को पूरी तरह साफ होने में लगभग 10 से 12 हफ्ते का समय लगता है। इसके अलावा, कई बार 15 से 25 बार इजैक्युलेशन का समय लगता है। यह पूरी तरह से असरदार हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए सीमन टेस्ट करवाया जा सकता है।
मिथकः नसबंदी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं या कैंसर हो सकता है
सच्चाईः कई तरह के शोधों और आंकड़ों से यह पता चलता है कि नसबंदी यानी वेसेक्टॉमी का प्रोस्टेट कैंसर, दिल की बीमारियों या किसी भी अन्य गंभीर बीमारी से कोई सीधा संबंध नहीं है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि पुरुष नसबंदी और टेस्टोस्टेरोन का आपस में कोई संबंध नहीं है। अगर किसी को पुरुष नसबंदी करवाने के बाद टेस्टोस्टेरोन के स्तर पर प्रभाव नजर आ रहा है, तो उन्हें इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके उलट, उन्हें इस संबंध में एक बार डाॅक्ट से संपर्क कर अपना इलाज करवाना चाहिए। कई बार आपकी खराब जीवनशैली टेस्टोस्टेरोन के स्तर को गिरा सकती है।
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FAQ
नसबंदी के बाद क्या फिर से बच्चा पैदा करने की क्षमता पाई जा सकती है?
वेसेक्टॉमी रिवर्सल नाम की माइक्रोसर्जरी के जरिए काटी गई नलियों को दोबारा जोड़ा जा सकता है। हालांकि, यह जटिल सर्जरी है और जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, इसकी सफलता दर कम होती जाती है।टेस्टोस्टेरोन का स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है?
टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन को बनाए रखने के लिए शरीर को जिंक, विटामिन D, मैग्नीशियम और हेल्थी फैट की जरूरत होती है।
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Oct 02, 2026 12:29 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale
