कई लोगों को मुंह के आस-पास कालापन नजर आता है और बहुत सारे घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करने के बाद भी कोई फर्क नजर नहीं आता है। इसका कारण यह है कि मुंह के आस-पास नजर आने वाले कालेपन के पीछे कोई एक कारण नहीं होता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं इसलिए इलाज भी अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। यूवी रेज के संपर्क में आना, विटामिन बी12 या आयरन की कमी पिगमेंटेशन के कुछ कॉमन कारण हैं। पिगमेंटेशन को कम करने के लिए कई तरह के विकल्प मौजूद है जैसे- केमिकल पील, लेजर, माइक्रोनीडलिंग, एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम, कोजिक एसिड, नियासिनामाइड और विटामिन सी युक्त मॉइश्चराइजर वगैरह। आइए जानते हैं मुंह के आस-पास नजर आने वाले कालेपन का कारण और इलाज। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।
मुंह के आस-पास कालापन होने के कारण
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कई लोगों को मुंह के आस-पास कालापन नजर आता है। यह एक कॉमन समस्या है जो मुंह के अलावा, माथे, साइड लॉक एरिया, गाल में भी नजर आ सकती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे-
मुंह से बार-बार लार टपकना
लार के बार-बार संपर्क से त्वचा में जलन और ड्राईनेस हो सकती है। ये समस्या मुंह के दोनों तरफ नजर आ सकती है। जिस तरह करवट लेकर सोते हैं, उस तरफ ये लक्षण ज्यादा दिख सकते हैं। इससे स्किन इरिटेशन, रेडनेस, डार्कनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इलाज
अगर बार-बार लार लगने से स्किन के आस-पास की त्वचा में कालापन बढ़ रहा है, तो उस पर मॉइश्चराइजर अप्लाई करें। खासकर, सोने से पहले मॉइश्चराइजर लगाकर सोएं। इससे स्किन बैरियर को सुरक्षा मिलेगी।
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स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल
कई बार स्टेरॉइड्स युक्त क्रीम के इस्तेमाल की वजह से भी चेहरे पर या मुंह के आस-पास डार्कनेस नजर आ सकती है।
इलाज
- स्टेरॉइड युक्त क्रीम के इस्तेमाल के बजाय एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम का इस्तेमाल करें। डॉक्टर कुछ मरीजों को ओरल पिल्स खाने की सलाह भी दे सकते हैं।
- किसी भी ऐसी क्रीम का इस्तेमाल न करें जिसमें रंग या खुशबू के लिए केमिकल्स को मिलाया गया हो, वरना पिगमेंटेशन कम होने के बजाय बढ़ सकता है।
अकन्थोसिस निगरिकन्स
अगर मुंह के आस-पास डार्कनेस के अलावा गर्दन, माथा, आर्मपिट में भी कालापन है, तो इसके पीछे अकन्थोसिस निगरिकन्स भी हो सकता है जो कि एक तरह की स्किन कंडीशन है जिसमें त्वचा का रंग डार्क हो जाता है और त्वचा मोटी महसूस होती है।
इलाज
अकन्थोसिस निगरिकन्स के कारण त्वचा में कालापन हो रहा है, तो शुगर लेवल की जांच की जाती है। हाई शुगर लेवल में डॉक्टर दवाओं की मदद से शुगर लेवल कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं।
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कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस
इस स्किन डिजीज के कारण भी मुंह के आस-पास की त्वचा में कालापन नजर आ सकता है। कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस होने पर त्वचा में खुजली, छोटे दाने, जलन, लाल चकत्ते और कभी-कभी फफोले भी हो सकते हैं। बार-बार सूजन या खुजली होने के बाद त्वचा में कालापन दिख सकता है।
कॉस्मेटिक प्रोडक्ट से एलर्जी
किसी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, लिप केयर प्रोडक्ट या टूथपेस्ट में मौजूद केमिकल्स के संपर्क में आने के कारण भी मुंह के आस-पास की त्वचा में कालापन नजर आ सकता है।
क्या करें?
- कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम से कम करें।
- डॉक्टर कुछ मरीजों को फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल बंद करने की सलाह भी दे सकते हैं।
फिक्स ड्रग रिएक्शन
फिक्स ड्रग रिएक्शन के कारण भी मुंह के आस-पास की त्वचा में कालापन दिख सकता है। कुछ खास तरह की दवा या सप्लीमेंट्स में मौजूद केमिकल से होने वाली एलर्जी के कारण ऐसा होता है जैसे कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट या कुछ एंटीबायोटिक्स वगैरह। फिक्स ड्रग रिएक्शन में अगर व्यक्ति को किसी दवा या केमिकल से एलर्जी है, तो मुंह के आस-पास रेड पैच नजर आ सकता है और यह रेड पैच जैसे-जैसे ठीक होता है, अपने पीछे काला निशान छोड़ देता है जिससे त्वचा में कालापन नजर आता है।
मुंह के आस-पास कालेपन का इलाज
| टिप्स | ट्रीटमेंट |
| मॉइश्चराइजर क्रीम अप्लाई करें, खासकर त्वचा में जलन या ड्राईनेस होने पर। | कोजिक एसिड, नियासिनामाइड और विटामिन सी युक्त क्रीम का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से किया जा सकता है। |
रंग या खुशबू वाले ऐसे क्रीम या स्किनकेयर प्रोडक्ट से बचें क्योंकि इनसे त्वचा में जलन हो सकती है। |
डॉक्टर की सलाह पर एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। |
कॉस्मेटिक और लिप-केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें, अगर इनके कारण जलन या एलर्जी की आशंका हो। |
पिगमेंटेशन कम करने के लिए केमिकल पील कराया जा सकता है। |
| धूप से बचाव के लिए नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाएं। | कुछ मामलों में क्यू-स्विच लेजर या माइक्रोनीडलिंग जैसे उपचार किए जा सकते हैं। |
अगर अकन्थोसिस निगरिकन्स है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड शुगर को कंट्रोल रखें। |
पिगमेंटेशन के कारण के आधार पर डॉक्टर अन्य दवाएं या उपचार भी सुझा सकते हैं। |
1. कोजिक एसिड, नियासिनामाइड और विटामिन सी युक्त मॉइश्चराइजर
मुंह के आस-पास कालापन नजर आ रहा है, तो डॉक्टर ऐसी क्रीम लगाने की सलाह दे सकते हैं जिसमें कोजिक एसिड मौजूद हो। नियासिनामाइड (Niacinamide) या विटामिन सी युक्त क्रीम को लगाने की सलाह भी दी जाती है। डॉक्टर 6 से 8 हफ्तों तक इन क्रीम को लगाने की सलाह दे सकते हैं। यह मरीज की स्किन टाइप पर निर्भर करता है इसलिए डॉक्टर की सलाह के बगैर किसी भी तरह की क्रीम का इस्तेमाल न करें खासकर बाजार में मिलने वाली स्किन ब्राइटनिंग क्रीम।
कॉस्मेटिक प्रक्रिया और प्राकृतिक इलाज
साल 2023 में Molecules में प्रकाशित एक रिव्यू के मुताबिक, कोजिक एसिड, नियासिनामाइड, माइक्रोनीडलिंग तकनीक, लेजर की मदद लेने की सलाह दी गई है। स्टडी में पिगमेंटेशन को कम करने के लिए ग्रीन टी, मुलेठी, एलोवेरा, करक्यूमिन, रोजहिप, जोजोबा और आर्गन ऑयल जैसे प्राकृतिक पदार्थों को भी फायदेमंद बताया गया है।
2. एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम और सनस्क्रीन
स्किन डार्कनेस को कम करने के लिए डॉक्टर एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह भी देते हैं। इससे सूजन और रेडनेस कम होती है और त्वचा रिलैक्स हो पाती है जिससे कालापन धीरे-धीरे कम हो सकता है। स्किन डार्कनेस को कम करने के लिए डॉक्टर सनस्क्रीन लगाने की सलाह भी दे सकते हैं। अगर सेंसिटिव स्किन है, तो डॉक्टर जिंक ऑक्साइड युक्त सनस्क्रीन लगाने की सलाह दे सकते हैं।
3. केमिकल पील
स्किन डार्कनेस को कम करने के लिए डॉक्टर केमिकल पील (Chemical Peel) कराने की भी सलाह देते हैं। इस ट्रीटमेंट प्रक्रिया में एक तरह के केमिकल को त्वचा पर लगाया जाता है जिससे डेड स्किन सेल्स हट जाते हैं और त्वचा की रंगत को समान करने में मदद मिलती है। इनमें कम मात्रा में ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड या अन्य पीलिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। पिगमेंटेशन को कम करने के लिए 4 से 5 सेशन की जरूरत पड़ सकती है।
4. क्यू स्विच लेजर
क्यू स्विच लेजर (Q Switch Laser) एक प्रकार का लेजर ट्रीटमेंट है जिसका इस्तेमाल त्वचा में मौजूद पिगमेंटेशन को कम करने के लिए किया जाता है। इसमें त्वचा के पिगमेंटेड एरिया को टार्गेट करके लेजर से उपचार किया जाता है। लेजर त्वचा में मौजूद पिगमेंट को छोटे कणों में तोड़ने में मदद करता है, जिन्हें बॉडी सेल्स धीरे-धीरे साफ करते हैं।
निष्कर्ष:
मुंह के आसपास कालापन होने पर कोजिक एसिड, नियासिनामाइड और विटामिन सी युक्त मॉइश्चराइजर, सनस्क्रीन, केमिकल पील, क्यू स्विच लेजर, माइक्रोनीडलिंग जैसी तकनीकों की मदद ली जाती है। मुंह के आसपास कालापन नजर आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे मुंह से बार-बार लार टपकना, स्टेरॉइड्स युक्त क्रीम या उत्पादों का इस्तेमाल, अकन्थोसिस निगरिकन्स, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट से एलर्जी या फिक्स ड्रग रिएक्शन जैसे कारण हो सकते हैं। पिगमेंटेशन की स्थिति में मॉइश्चराइजर क्रीम अप्लाई करें, डॉक्टर की सलाह पर एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम का इस्तेमाल करें, रंग या खुशबू वाली क्रीम से बचें, अकन्थोसिस निगरिकन्स के केस में शुगर लेवल कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें।
image credit: magnific
FAQ
क्या मुंहासों के बाद त्वचा पर कालापन हो सकता है?
हां, मुंहासों के कारण त्वचा पर सूजन नजर आती है और उस जगह गहरे निशान रह जाते हैं। इसे पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन कहा जाता है जिसके कारण त्वचा में कालापन नजर आ सकता है।क्या पिगमेंटेशन दोबारा हो सकता है?
हां, पिगमेंटेशन दोबारा हो सकता है। इसके पीछे धूप में ज्यादा देर रहना, हार्मोनल बदलाव, त्वचा में बार-बार सूजन जैसे कारण हो सकते हैं।
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Sep 28, 2026 17:44 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta
