लंबे समय तक धूप में रहने से इसकी यूवी किरणों के कारण लोगों को स्किन से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं। धूप में रहने से मेलेनिन का प्रोडक्शन बढ़ने लगता है। मेलानिन वह नेचुरल पिगमेंट है, जो हमारी त्वचा को रंग देता है। बार-बार धूप में रहने से रंग गहरा होता है, टैनिंग, काले-धब्बे, झाइयां, या पहले से मौजूद पिग्मेंटेशन की समस्या और बढ़ सकती है। इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानें।
धूप के कारण होने वाली पिग्मेंटेशन से बचने के उपाय
Dr. Shireen Furtado के अनुसार, धूप में लंबे समय तक रहने से स्किन को कई तरह की परेशानियां होती हैं और अगर ऐसा बार-बार होता है तो स्किन के बदलाव ज्यादा समय तक बना रह सकता है। स्किन केयर में सिर्फ पिग्मेंटेशन कम करने पर ध्यान देने के बजाय उसे दोबारा बढ़ने से रोकना भी जरूरी है। ऐसे में इससे बचने के लिए धूप में लंबे समय तक रखने से बचें, नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाएं, सूजन, जलन से बचें और स्किन का खास ध्यान रखने जैसे कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है।
1. धूप में लंबे समय तक रहने से बचें
स्किन को हेल्दी रखने के लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि धूप से बचाव करना। इसके लिए लंबे समय तक धूप में रहने से बचें। इससे धूप के कारण होने वाली पिग्मेंटेशन से बचाव करने में मदद मिल सकती है। खिड़कियों के पास लंबे समय तक बैठना, बाहर घूमना, सीधी धूप में चलना या एक्सरसाइज करना और बीच या स्विमिंग पूल में समय बिताने से भी पिगमेंटेशन हो सकता है।
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2. सनस्क्रीन का रोज इस्तेमाल करें
पिग्मेंटेशन से बचाव के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे चेहरे के साथ-साथ गर्दन, कानों, हाथों और त्वचा के खुले हिस्सों पर लगाना चाहिए, जो धूप के संपर्क में आते हैं।
ध्यान रहे, सनस्क्रीन को बाहर जाने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले लगाया जा सकता है। अगर आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं या स्विमिंग या ज्यादा पसीना आने के बाद इसे हर दो घंटे में दोबारा लगाना चाहिए। जिन लोगों को मेलास्मा या पिग्मेंटेशन होने का खतरा है, उन्हें आयरन ऑक्साइड टिंटेड सनस्क्रीन से फायदा हो सकता है, क्योंकि विजिबल लाइट भी पिग्मेंटेशन को बढ़ा सकती है।
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3. सिर्फ सनस्क्रीन पर निर्भर न रहें
धूप के कारण होने वाली पिग्मेंटेशन से बचने के लिए सिर्फ सनस्क्रीन पर निर्भर न रहें। सनस्क्रीन के साथ-साथ धूप से बचाव के दूसरे तरीके भी अपनाएं जा सकते हैं, जैसे छाया में रहना, तेज धूप के समय बाहर निकलने से बचना, चौड़ी किनारी वाली टोपी और सनग्लासेस पहनना और ऐसे कपड़े पहनना जो हाथों और पैरों को ढकें।
साल 2004 में Photodermatol Photoimmunol Photomed Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पिग्मेंटेशन को रोकने के लिए सिर्फ SPF सनस्क्रीन लगाना काफी नहीं था। UVA से सुरक्षा के लिए रोकथाम का एक जरूरी हिस्सा थी।
4. त्वचा में जलन से भी बचें
हर पिग्मेंटेशन सिर्फ धूप की वजह से नहीं होता है। मुंहासे, एक्जिमा, जलने, कीड़े के काटने, कटने या स्किन के हार्ड ट्रीटमेंट से सूजन हो सकती है, जिससे काले निशान पड़ जाते हैं, जिन्हें पोस्ट-इंफ्लेमेटरी पिग्मेंटेशन कहा जाता है।
5. सही तरीके से करें स्किन केयर
सेंसिटिव स्किन या पिग्मेंटेशन-प्रोन (जिन लोगों को पिग्मेंटेशन होने की संभावना ज्यादा हो) वाले लोगों को स्किन केयर ठीक से करनी चाहिए। इसके लिए हल्के क्लींजर और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए, साथ ही, स्किन को बार-बार रगड़ने, मुंहासों को दबाने, बहुत ज्यादा तेज एक्सफोलिएशन करने और बिना डॉक्टर की सलाह के फेयरनेस या ब्लीचिंग क्रीम (खासकर जिनमें स्टेरॉयड या अन्य स्ट्रॉग तत्व हों) के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
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पिग्मेंटेशन हो जाए तो क्या करें?
Dr. Shireen के अनुसार, अगर स्किन पर पहले से पिग्मेंटेशन है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के सिर्फ अलग-अलग क्रीम आजमाते रहना सही तरीका नहीं है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि समस्या का कारण क्या है और फिर इसको कंट्रोल करना चाहिए।
ऐसा इसलिए क्योंकि स्किन का रंग काला पड़ना टैनिंग, मेलाज्मा, मुंहासों के निशान, त्वचा में सूजन, किसी दवा का प्रभाव या कोई अन्य स्किन से जुड़ी स्थिति हो सकती है और हर स्थिति के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार अलग इलाज की जरूरत होती है। हर व्यक्ति के लिए एक ही इलाज सही नहीं होता है।
धीरे-धीरे मिलता है आराम
Dr. Shireen आगे कहती हैं, पिग्मेंटेशन अक्सर धीरे-धीरे कम होती है। इसलिए तुरंत रिजल्ट की उम्मीद नहीं करना चाहिए। जल्दी रिजल्ट पाने की कोशिश में बहुत ज्यादा या हार्ड इलाज करना सही नहीं है। इससे कभी-कभी त्वचा में जलन होने पर पिग्मेंटेशन और बढ़ सकती है। उपचार के दौरान नियमित सन प्रोटेक्शन जारी रखना भी जरूरी है।
Dr. Shireen कहती हैं, सबसे जरूरी बात यह है कि पिग्मेंटेशन में सुधार होने के बाद भी धूप से बचाव करना जरूरी है, क्योंकि धूप के संपर्क में आने से रंग वापस आ सकता है। अगर पिग्मेंटेशन बनी रहती है, फैलती है, अचानक दिखाई देती है, तेजी से बदलती है या लगातार धूप से बचाव के बावजूद ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टर की सलाह लें।
निष्कर्ष
धूप से होने वाली पिग्मेंटेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है रोजाना सन प्रोटेक्शन को आदत बनाना। सनस्क्रीन के साथ छाया में रहने, सुरक्षित कपड़े, टोपी, सनग्लासेस का इस्तेमाल करना और कम धूप वाले समय पर घर से बाहर निकलना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है, साथ ही स्किन में बार-बार होने वाली जलन से बचना चाहिए। अगर पिग्मेंटेशन लगातार बना रहे, फैल रही हो, अचानक दिखाई दे, तेजी से बदल रही हो या नियमित सन प्रोटेक्शन के बावजूद कम न हो, तो तुरंत डर्मोटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। इसके साथ-साथ हेल्दी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करें।
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FAQ
धूप से एलर्जी के क्या लक्षण हैं?
धूप से एलर्जी होने पर व्यक्ति की त्वचा के लाल होने, तेज खुजली होने, छोटे दाने होने, उभार आने, पानी के फफोले होने, जलन होने और सूजन आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।धूप के कारण त्वचा को क्या नुकसान होते हैं?
धूप के कारण स्किन में टैनिंग आने, सनबर्न, काले-धब्बे आने, समय से पहले एजिंग के लक्षण दिखने और गंभीर मामलों में कैंसर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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Aug 15, 2026 14:45 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 15, 2026 14:45 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado
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