कई बार लोगों को स्किन पर अचानक से या धीरे-धीरे उभरने वाले भूरे या गहरे रंग के धब्बे दिखने लगते हैं, जिनकों लेकर कई लोग चिंता में रहते हैं। यह मेलास्मा की समस्या के कारण भी हो सकता है। कई लोगों में गर्मी और धूप के कारण इनका रंग और ज्यादा गहरा दिखने लगते हैं। इस स्थिति में त्वचा का ध्यान रखने और सही स्किन केयर करना जरूरी होता है। ऐसे में आइए Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानें।
मेलास्मा क्या है?
Dr. Shireen Furtado के अनुसार, मेलास्मा स्किन से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसमें त्वचा पर भूरे, गहरे भूरे या कभी-कभी स्लेटी रंग के चपटे धब्बे दिखाई दे सकते हैं। ये धब्बे अक्सर चेहरे पर दोनों तरफ लगभग एक जैसे पैटर्न में नजर आते हैं। ये गाल, माथे, नाक, ऊपरी होंठ और ठुड्डी पर दिखाई देते हैं।
यह समस्या तब होती है जब स्किन में मेलानिन बनाने वाले सेल्स (मेलानिन वह नेचुरल पिग्मेंट है, जो स्किन को रंग देता है), जिन्हें मेलानोसाइट्स कहा जाता है, वे ज्यादा एक्टिव होकर मेलानिन बनाने लगते हैं।
मेलास्मा के लक्षण क्या हैं?
American Academy of Dermatology Association के अनुसार, मेलास्मा की समस्या में स्किन पर कुछ लक्षण दिख सकते हैं।
- पैच या स्पॉट त्वचा से ज्यादा गहरे दिखते हैं।
- मेलास्मा गाल, माथे, ठुड्डी और होठों पर होते हैं।
- चेहरे के दोनों तरफ सेम पैटर्न में होते हैं।
- ये चेहरे पर बहुत ज्यादा फैल सकता है।
मेलास्मा किसी इंफेक्शन के कारण नहीं होता और यह छूने से भी किसी दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। वैसे तो ये सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन यह लंबे समय तक बना रह सकता है और किसी व्यक्ति के कॉन्फिडेंस और मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकता है।
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किन लोगों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है?
Dr. Shireen के अनुसार, मेलास्मा महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखा जाता है और यह प्रजनन की उम्र के दौरान आम हो सकता है। मेलास्मा की समस्या का खतरा महिलाओं को कुछ स्थितियों में ज्यादा बढ़ सकता है। जैसे -
- प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव।
- कुछ हार्मोनल गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने।
- परिवार में किसी को मेलास्मा होने।
- लंबे समय तक धूप या रोशनी में रहने से।
गर्मी, कुछ दवाएं, खुश्बू वाले प्रोडक्ट या त्वचा को प्रभावित करने या जलन पैदा करने वाली चीजें कुछ महिलाओं में पिग्मेंटेशन को बढ़ा सकती हैं। हर व्यक्ति में ट्रिगर अलग हो सकता है।
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धूप कैसे देती है मेलास्मा को बढ़ावा?
Dr. Shireen के अनुसार, मेलास्मा को बढ़ाने वाली सबसे बड़ी वजहों में से एक धूप है, क्योंकि अल्ट्रावायलेट रेज़ पिग्मेंट बनाने वाले सेल्स के उत्पादन को बढ़ावा दे सकती हैं और पहले से मौजूद गहरे धब्बों को और ज्यादा साफ दिखा सकती हैं।
मेलास्मा वाले लोग देख सकते हैं कि बाहर समय बिताने के बाद उनका पिग्मेंटेशन और गहरी हो जाता है। कुछ लोगों में, खासकर गहरे रंग की स्किन वाले लोगों में, रोशनी (विजिबल लाइट) भी मेलास्मा को और खराब कर सकती है।
धूप से बचाव करना है जरूरी
Dr. Shireen आगे बताती हैं, इस समस्या से बचने के लिए रोज धूप से बचाव करना और इसका इलाज करना दोनों ही जरूरी हैं। इसके अलावा, धूप से बचने के लिए सिर्फ सनस्क्रीन लगाना पर्याप्त नहीं माना जाता है, खासकर जब तेज धूप में। इस स्थिति में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे -
- SPF 30 या उससे ज़्यादा वाले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
- लंबे समय तक बाहर न रहें।
- चौड़े किनारे वाली टोपी पहनें।
- छाता का इस्तेमाल करें।
- छाया में रहें।
- त्वचा को ढककर रखें।
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सही तरीके से लगाएं सनस्क्रीन
Dr. Shireen कहती हैं, मेलास्मा की स्थिति में सही स्किन केयर और सही तरीके से सनस्क्रीन को लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन, जिसमें कम से कम SPF 30 हो, वह लगाएं।
- बाहर रहने पर इसे सही मात्रा में लगाएं।
- लंबे समय तक बाहर रहने की स्थिति में दोबारा लगाएं।
- तैरने या अधिक पसीना आने पर भी दोबारा लगाएं।
जिन लोगों में मेलास्मा की समस्या है या इसके होने का खतरा है, वे आयरन ऑक्साइड वाली टिंटेड सनस्क्रीन इस्तेमाल करने के बारे में डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह ले सकते हैं। ऐसे सनस्क्रीन से विजिबल लाइट से मिलने वाली एक्स्ट्रा प्रोडक्शन मिल सकती है।
स्किन केयर में किन बातों का रखें ध्यान?
Dr. Shireen के अनुसार, मेलास्मा होने या स्किन से जुड़ी समस्या होने पर स्किन केयर करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। जैसे -
- स्किन को बहुत ज्यादा ना रगड़ें।
- हार्ड स्क्रब का इस्तेमाल न करें।
- ऐसे प्रोडक्ट लगाने से बचें, जो जलन या चुभन पैदा करते हैं।
- स्किन में जलन होने पर पिग्मेंटेशन और गहरी दिखाई दे सकता है, इसलिए हल्के और स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
ध्यान रहे, बिना सलाह या बिना पैच टेस्ट के तेज असर के दावे करने वाली फेयरनेस या ब्लीचिंग क्रीम के इस्तेमाल भी बचना चाहिए। खासकर ऐसी क्रीम जिनमें शक्तिशाली दवाएं या स्टेरॉयड शामिल हो सकते हैं, लंबे समय तक गलत तरीके से लगाने पर त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
निष्कर्ष
मेलास्मा चेहरे पर होने वाली एक आम पिग्मेंटेशन की समस्या है, लेकिन इसके कारण व्यक्ति की स्किन पर असर होता है। इस समस्या से राहत या इसको कम करने के लिए धूप से बचें, नियमित सनस्क्रीन लगाएं और हल्की स्किन केयर करने जैसी आदतों को अपनाएं, साथ ही जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। ध्यान रहे, किसी भी तेज असर वाली क्रीम को खुद से शुरू करने के बजाय इनका इस्तेमाल करने से पहले या स्किन से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
मेलास्मा होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?
मेलास्मा होने की स्थिति में व्यक्ति को अधिक चीनी, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और अधिक मसालेदार फूड्स को खाने से बचना चाहिए।ज्यादा धूप में रहने से कौन सी बीमारी होती है?
लंबे समय तक धूप में रहने से व्यक्ति को लू लगने, शरीर में पानी की कमी होने, सनबर्न, स्किन कैंसर और स्किन से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
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Current Version
Aug 15, 2026 21:27 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado
