Tue Sep 29, 2026 | 11:50 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

रोज सुबह खाली पेट पिएं चिरायता का पानी, मिलेंगे ये 5 जादुई फायदे

चिरायता का पानी पाचन से लेकर लिवर तक की समस्याओं को दूर करने में बेहद कारगर साबित होता है। यहां आयुर्वेदाचार्य से जानिए, चिरायता का पानी पीने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?
रोज सुबह खाली पेट पिएं चिरायता का पानी, मिलेंगे ये 5 जादुई फायदेरोज सुबह खाली पेट पिएं चिरायता का पानी, मिलेंगे ये 5 जादुई फायदे

चिरायता का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में इसका कड़वा स्वाद आता है। यही वजह है कि कई लोग इसे पीने से बचते हैं, जबकि आयुर्वेद में इस कड़वी जड़ी-बूटी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, चिरायता कई स्वास्थ्य समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता है और इसे खासतौर पर शरीर में बढ़े पित्त और कफ को संतुलित करने वाली औषधियों में माना जाता है। आइए जानते हैं इससे किन समस्याओं में फायदा मिल सकता है और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

रोज सुबह खाली पेट चिरायता का पानी पीने के 5 जबरदस्त फायदे

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, चिरायता तिक्त-कषाय रस प्रधान होता है और इसका वीर्य शीत यानी ठंडा बताया जाता है। यही गुण इसे शरीर की गर्मी और पित्त से जुड़ी कुछ परेशानियों में उपयोगी बनाते हैं। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के मुताबिक, स्किन से जुड़ी समस्याओं से लेकर सिरदर्द, माइग्रेन, पुराने नजले, एसिडिटी और ज्वर यानी बुखार तक में चिरायता का इस्तेमाल किया जाता है।

1. त्वचा और डिटॉक्सिफिकेशन में चिरायता का पानी कैसे मदद करता है?

डॉक्टर श्रेय शर्मा के मुताबिक, चिरायता का इस्तेमाल स्किन से जुड़ी कई समस्याओं में किया जाता है। आयुर्वेद में इसे रक्तशोधक और पित्त को संतुलित करने वाली औषधियों में गिना जाता है। यही कारण है कि खुजली, स्किन पर होने वाली कुछ तरह की स्किन एलर्जी और अन्य स्किन संबंधी परेशानियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हर तरह की स्किन समस्या में इसे खुद से लेना सही नहीं है। समस्या का कारण जानना जरूरी है।

2. सिरदर्द और माइग्रेन में फायदेमंद

डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि चिरायता को सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याओं में भी उपयोगी बताया जाता है। खासकर जब परेशानी शरीर में पित्त असंतुलन से जुड़ी मानी जाए, तब आयुर्वेदिक उपचार में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। पुराने नजले जैसी कफ संबंधी परेशानियों में भी चिरायता का उपयोग किया जाता है। हालांकि, लगातार या तेज सिरदर्द होने पर केवल चिरायता पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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3. एसिडिटी और पाचन से जुड़ी समस्या

डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, यह पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद कर सकता है। इसलिए एसिडिटी और पाचन से जुड़ी कुछ समस्याओं में इसका उपयोग किया जाता है लेकिन जिन लोगों को बार-बार सीने में जलन, पेट दर्द या उल्टी की समस्या होती है, उन्हें बिना सलाह इसके सेवन से बचना चाहिए।

4. लिवर के लिए चिरायता फायदेमंद

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा चिरायता को लिवर के लिए उपयोगी औषधियों में बताते हैं। पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल लिवर के फंक्शन को सपोर्ट करने और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया में मदद के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, लिवर की बीमारी, फैटी लिवर या लिवर एंजाइम बढ़े होने की स्थिति में इसे किसी दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

साल 2016 में Frontiers in Pharmacology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, चिरायता एक बेहद गुणकारी और औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग लिवर, मलेरिया और डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज में किया जाता है।

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5. बुखार में चिरायता का इस्तेमाल

आयुर्वेद में चिरायता का इस्तेमाल ज्वर यानी बुखार की कुछ स्थितियों में भी किया जाता है। इसके शीत वीर्य और तिक्त रस के कारण इसे शरीर में बढ़ी गर्मी को शांत करने वाली औषधि माना जाता है। सुबह खाली पेट चिरायता का पानी (Chirata water on an empty stomach) पीने से बुखार से राहत मिल सकती है।

चिरायता का पानी कैसे और कब पी सकते हैं?

  • डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, चिरायता का पानी सुबह खाली पेट लिया जा सकता है।
  • जरूरत के अनुसार शाम के समय भी इसका सेवन किया जा सकता है लेकिन इसकी मात्रा और सेवन की अवधि व्यक्ति की प्रकृति, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
  • इसलिए रोजाना लंबे समय तक इसका सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है।

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चिरायता का पानी पीते समय रखें इन सावधानियों का ध्यान

चिरायता हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों या पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। बहुत ज्यादा मात्रा में लेने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। अगर चिरायता लेने के बाद कमजोरी, चक्कर, पेट खराब या कोई अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो, तो इसका सेवन रोककर एक्सपर्ट से सलाह लें।

निष्कर्ष

चिरायता एक कड़वी आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे पित्त और कफ से जुड़ी समस्याओं, स्किन संबंधी परेशानियों, एसिडिटी, सिरदर्द, पुराने नजले, ज्वर और लिवर हेल्थ के लिए उपयोगी माना जाता है। डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार इसका शीत वीर्य और तिक्त-कषाय रस इसके प्रमुख गुण हैं। हालांकि, किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी को लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में खुद से लेना सही नहीं है। अपनी प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही चिरायता का सेवन करना बेहतर है।

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FAQ

  • क्या चिरायता का पानी रोज पी सकते हैं?

    नहीं, इसे रोजाना लेना सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं है। सेवन की अवधि और मात्रा व्यक्ति की स्थिति के अनुसार तय की जानी चाहिए।
  • क्या चिरायता के पानी को गर्म करके पीना चाहिए?

    चिरायता पानी किस तापमान पर लेना चाहिए, यह इसकी तैयारी के तरीके और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर कर सकता है। एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है।
  • क्या चिरायता बच्चों को दिया जा सकता है?

    बच्चों को किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का सेवन अपनी ओर से नहीं कराना चाहिए। उनकी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

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Akanksha Tiwari

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    Sep 29, 2026 10:38 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma