Mon Oct 19, 2026 | 10:18 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

क्या शुगर पेशेंट छाछ पी सकते हैं? जानें कब पिएं और किन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में छाछ शामिल करना चाहिए, लेकिन इन बातों का ध्यान रखकर। साथ ही एक्सपर्ट से जानते हैं डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ के फायदे और इसे पीने का सही तरीका।
क्या शुगर पेशेंट छाछ पी सकते हैं? जानें कब पिएं और किन बातों का रखें ध्यानक्या शुगर पेशेंट छाछ पी सकते हैं? जानें कब पिएं और किन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शुगर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। शुगर सिर्फ मीठे चीजों से ही नहीं बढ़ता बल्कि, आपनी डाइट में मौजूद कार्ब्स की मात्रा से भी बढ़ सकता है। इसलिए Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bengaluru कहती हैं कि आप कब छाछ पी रहे हैं और उसके साथ क्या खा रहे हैं यह सब मिलाकर आपके शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है। साथ ही छाछ पीने का समय भी तय करता है कि शरीर इसकी कैलोरी को कैसे पचा सकती है। जानते हैं इन तमाम बातों के बारे में एक्सपर्ट की राय।

क्या शुगर पेशेंट छाछ पी सकते हैं?

हां, डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज वाले लोग आमतौर पर छाछ पी सकते हैं, बशर्ते इसमें चीनी न मिलाई गई हो और इसे सही मात्रा में लिया जाए। दही में पानी मिलाकर तैयार की गई पारंपरिक छाछ से प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मिल सकते हैं और यह खाने के साथ एक बढ़िया ड्रिंक भी हो सकती है।

फर्मेंट किए गए डेयरी उत्पादों में फायदेमंद बैक्टीरिया भी हो सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कैसे तैयार किया गया है। इस लिहाज से कह सकतेल हैं डायबिटीज में इसका सेवन हालांकि, छाछ डायबिटीज का कोई इलाज नहीं है और इसे ब्लड ग्लूकोज लेवल कम करने का साधन नहीं मानना चाहिए। यह किसी व्यक्ति के लिए कितनी सही है, यह इसमें मौजूद चीजों, इसकी मात्रा, व्यक्ति के पूरे खान-पान और उनके ब्लड शुगर कंट्रोल पर निर्भर करता है।

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छाछ पीने का सबसे सही समय और तरीका

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि छाछ पीने का सही समय है लंच के साथ, हालांकि, डायबिटीज के मरीज इस बात का ध्यान रखें कि अगर उन्होंने कुछ हैवी खा लिया है तो वह कितनी मात्रा में छाछ ले रहे हैं इस बात का ध्यान रखें। दरअसल, ओवरओल कैलोरी भी शरीर में शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है।

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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छाछ कैसे तैयार की जाती है। सादे दही, पानी और मसालों जैसे भुना जीरा, धनिया और अदरक से घर पर बनाई गई छाछ आमतौर पर एक अच्छा विकल्प है। इसमें चीनी, शहद या मीठे फ्लेवर न मिलाएं क्योंकि इनसे कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है। छाछ बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले दही का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि दूध में प्राकृतिक रूप से लैक्टोज होता है, जो एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है और कुल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा में जुड़ जाता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।

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डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ के फायदे

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ पीना काफी फायदेमंद हो सकता है, खासकर कि पेट के लिए। दरअसल, छाछ पीने से पेट के डाइजेस्टिव एंजाइम्स बढ़ते हैं जिससे पाचन क्रिया सही रहता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव होता है। इसके अलावा साल 2017 में PubMed पर प्रकाशित अध्ययन बताती है कि रोजाना छाछ पीने से शरीर के कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) में लगभग 3.1% की गिरावट देखी गई।

छाछ का सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करने में मददगार पाया गया। यह खून में मौजूद फैट यानी ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में 10.7% की कमी कर सकता है। इसके एलावा छाछ में मौजूद मिल्क फैट ग्लोब्यूल मेम्ब्रेन (MFGM) और स्फिंगोलिपिड्स आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण (Absorption) को रोकते हैं, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है।

किन बातों का रखें ध्यान

बाजार में मिलने वाली छाछ में चीनी या काफी मात्रा में सोडियम हो सकता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी है, या जिन्हें सोडियम कम लेने की सलाह दी गई है, उन्हें सामग्री (ingredients) की जांच करनी चाहिए और अपने डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेनी चाहिए कि उन्हें कितनी मात्रा में छाछ लेनी चाहिए।

निष्कर्ष:

अंत में डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज से पीड़ित अधिकांश लोग संतुलित भोजन या स्नैक के हिस्से के रूप में एक छोटा गिलास बिना चीनी वाली छाछ ले सकते हैं। केवल डायबिटीज के कारण इससे परहेज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, जिन लोगों को लैक्टोज से परेशानी या लैक्टोज इनटॉलरेंस हैं, उन्हें लैक्टोज-मुक्त विकल्पों की जरूरत हो सकती है, जबकि जिन्हें दूध से एलर्जी है, उन्हें डेयरी-आधारित छाछ से बचना चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि डायबिटीज की निर्धारित दवाओं की जगह खान-पान के घरेलू उपायों को न अपनाएं।

अगर ब्लड ग्लूकोज का स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो अपने खान-पान के तरीके, दवाओं के रूटीन और शारीरिक गतिविधि के बारे में किसी डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से सलाह लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, सादा छाछ एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना और इसमें चीनी न मिलाना बहुत जरूरी है।

FAQ

  • क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?

    दूध भी शरीर में जाकर शुगर में बदल सकता है जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को लो फैट मिल्क का सेवन करना चाहिए।
  • दही से शुगर बढ़ती है क्या?

    अगर आप सादा और लो फैट मिल्क से बना दही खाते हैं तो आपका शुगर नहीं बढ़ेगा हालांकि, ज्यादा फैट वाले दही के सेवन से बचें।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 19, 2026 21:01 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj