डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शुगर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। शुगर सिर्फ मीठे चीजों से ही नहीं बढ़ता बल्कि, आपनी डाइट में मौजूद कार्ब्स की मात्रा से भी बढ़ सकता है। इसलिए Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bengaluru कहती हैं कि आप कब छाछ पी रहे हैं और उसके साथ क्या खा रहे हैं यह सब मिलाकर आपके शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है। साथ ही छाछ पीने का समय भी तय करता है कि शरीर इसकी कैलोरी को कैसे पचा सकती है। जानते हैं इन तमाम बातों के बारे में एक्सपर्ट की राय।
क्या शुगर पेशेंट छाछ पी सकते हैं?
हां, डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज वाले लोग आमतौर पर छाछ पी सकते हैं, बशर्ते इसमें चीनी न मिलाई गई हो और इसे सही मात्रा में लिया जाए। दही में पानी मिलाकर तैयार की गई पारंपरिक छाछ से प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मिल सकते हैं और यह खाने के साथ एक बढ़िया ड्रिंक भी हो सकती है।
फर्मेंट किए गए डेयरी उत्पादों में फायदेमंद बैक्टीरिया भी हो सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कैसे तैयार किया गया है। इस लिहाज से कह सकतेल हैं डायबिटीज में इसका सेवन हालांकि, छाछ डायबिटीज का कोई इलाज नहीं है और इसे ब्लड ग्लूकोज लेवल कम करने का साधन नहीं मानना चाहिए। यह किसी व्यक्ति के लिए कितनी सही है, यह इसमें मौजूद चीजों, इसकी मात्रा, व्यक्ति के पूरे खान-पान और उनके ब्लड शुगर कंट्रोल पर निर्भर करता है।
इसे भी पढ़ें: हाई कोलेस्ट्रॉल में बाहर का खाना खाते समय किन चीजों का रखें ध्यान? डॉक्टर से जानें
छाछ पीने का सबसे सही समय और तरीका
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि छाछ पीने का सही समय है लंच के साथ, हालांकि, डायबिटीज के मरीज इस बात का ध्यान रखें कि अगर उन्होंने कुछ हैवी खा लिया है तो वह कितनी मात्रा में छाछ ले रहे हैं इस बात का ध्यान रखें। दरअसल, ओवरओल कैलोरी भी शरीर में शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है।
1 (48)
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छाछ कैसे तैयार की जाती है। सादे दही, पानी और मसालों जैसे भुना जीरा, धनिया और अदरक से घर पर बनाई गई छाछ आमतौर पर एक अच्छा विकल्प है। इसमें चीनी, शहद या मीठे फ्लेवर न मिलाएं क्योंकि इनसे कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है। छाछ बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले दही का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि दूध में प्राकृतिक रूप से लैक्टोज होता है, जो एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है और कुल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा में जुड़ जाता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: स्मोकिंग से कोलेस्ट्रॉल लेवल पर क्या असर पड़ता है? जानें डॉक्टर से
डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ के फायदे
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ पीना काफी फायदेमंद हो सकता है, खासकर कि पेट के लिए। दरअसल, छाछ पीने से पेट के डाइजेस्टिव एंजाइम्स बढ़ते हैं जिससे पाचन क्रिया सही रहता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव होता है। इसके अलावा साल 2017 में PubMed पर प्रकाशित अध्ययन बताती है कि रोजाना छाछ पीने से शरीर के कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) में लगभग 3.1% की गिरावट देखी गई।
छाछ का सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करने में मददगार पाया गया। यह खून में मौजूद फैट यानी ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में 10.7% की कमी कर सकता है। इसके एलावा छाछ में मौजूद मिल्क फैट ग्लोब्यूल मेम्ब्रेन (MFGM) और स्फिंगोलिपिड्स आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण (Absorption) को रोकते हैं, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है।
किन बातों का रखें ध्यान
बाजार में मिलने वाली छाछ में चीनी या काफी मात्रा में सोडियम हो सकता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी है, या जिन्हें सोडियम कम लेने की सलाह दी गई है, उन्हें सामग्री (ingredients) की जांच करनी चाहिए और अपने डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेनी चाहिए कि उन्हें कितनी मात्रा में छाछ लेनी चाहिए।
निष्कर्ष:
अंत में डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज से पीड़ित अधिकांश लोग संतुलित भोजन या स्नैक के हिस्से के रूप में एक छोटा गिलास बिना चीनी वाली छाछ ले सकते हैं। केवल डायबिटीज के कारण इससे परहेज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, जिन लोगों को लैक्टोज से परेशानी या लैक्टोज इनटॉलरेंस हैं, उन्हें लैक्टोज-मुक्त विकल्पों की जरूरत हो सकती है, जबकि जिन्हें दूध से एलर्जी है, उन्हें डेयरी-आधारित छाछ से बचना चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि डायबिटीज की निर्धारित दवाओं की जगह खान-पान के घरेलू उपायों को न अपनाएं।
अगर ब्लड ग्लूकोज का स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो अपने खान-पान के तरीके, दवाओं के रूटीन और शारीरिक गतिविधि के बारे में किसी डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से सलाह लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, सादा छाछ एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना और इसमें चीनी न मिलाना बहुत जरूरी है।
FAQ
क्या दूध पीने से शुगर बढ़ती है या घटती है?
दूध भी शरीर में जाकर शुगर में बदल सकता है जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को लो फैट मिल्क का सेवन करना चाहिए।दही से शुगर बढ़ती है क्या?
अगर आप सादा और लो फैट मिल्क से बना दही खाते हैं तो आपका शुगर नहीं बढ़ेगा हालांकि, ज्यादा फैट वाले दही के सेवन से बचें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 19, 2026 21:01 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj
-1792422480639.webp)