Tue Oct 20, 2026 | 10:38 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

छाछ पीने का सही समय क्या है? जानें कब किसे पीना चाहिए

बहुत से लोग हर बार खाने के साथ छाछ लेते हैं बिना इस बारे में सोचे कि इससे सेहत पर कैसा असर हो सकता है। ऐसे में डाइट एक्सपर्ट से हमने इस बात पर चर्चा की कि छाछ पीने का सही समय क्या है?
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छाछ पीना, हमारे यहां लोगों की डाइट का हिस्सा रहा है। आज भी भारत में लोग दोपहर के खाने के बाद छाछ जरूर पीते हैं तो कुछ लोग सुबह पराठों के साथ नाश्ते में छाछ पीते हैं। छाछ पेट में डाइजेशन को बेहतर बनाने के साथ सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। डाइट एक्सपर्ट Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bengaluru कहती हैं कि कुछ लोगों के लिए रात में भी छाछ पीना उतना ही फायदेमंद होता है जितना कि सुबह। यह असल में आपकी डाइजेशन कैसी है इस बात पर निर्भर करती है। जानते हैं छाछ पीने के समय के बारे में एक्सपर्ट से।

छाछ पीने का सबसे सही समय क्या है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि छाछ पीने का कोई एक ऐसा निश्चित समय नहीं है, जिसे वैज्ञानिक रूप से 'सबसे अच्छा' माना गया हो। ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए, इसे अपनी पसंद और खान-पान की जरूरतों के हिसाब से दोपहर के खाने के साथ या बाद में, सुबह के नाश्ते के बीच में, या दोपहर के स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है।

जिन लोगों को नियमित भोजन में डेयरी उत्पाद शामिल करना आसान लगता है, उनके लिए दोपहर के भोजन के साथ छाछ पीना सुविधाजनक हो सकता है। कुछ लोगों को सादे पानी की तुलना में हल्की मसालेदार छाछ अधिक स्वादिष्ट लगती है, जिससे उन्हें तरल पदार्थों का सेवन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

दोपहर में छाछ पीना क्यों फायदेमंद है?

भारतीय घरों में, छाछ को अक्सर दोपहर के खाने के साथ लिया जाता है क्योंकि यह ताजगी देती है और अनाज, सब्जियों और दालों वाले खाने के साथ बहुत अच्छी लगती है। इससे शरीर को तरल पदार्थ, प्रोटीन और कैल्शियम मिलते हैं। इसके अलावा

  • छाछ में प्रोबायोटिक गुण होते होता है जो कि आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पाचन में सुधार करते हैं। इससे आप जो भी खाते हैं वह पूरी तरह से पच जाता है और शरीर को तमाम फायदे मिलते हैं।
  • दोपहर में खाने के बाद अक्सर लोगों का पेट फूल जाता है और भारी महसूस होता है। ऐसे में छाछ पीने से पेट की सूजन कम होती है और पेट की जलन, गैस और एसिडिटी से बचाव होता है।
  • छाछ ठंडा होता है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के साथ डिहाइड्रेशन से बचाता है।
  • दोपहर में छाछ पीना सबसे ज्यादा उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कम खाना खाकर पेट भरा हुआ रखना चाहते हैं। यह कैलोरी कंट्रोल करने में मददगार है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इससे बेकार के खाने की क्रेविंग नहीं होती और वेट भी बैलेंस रहता है।

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क्या छाछ पीने का समय इसके लाभ को प्रभावित करता है?

नहीं, डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि छाछ पीने का समय इसके पोषण संबंधी फायदों पर कोई बड़ा असर नहीं डालता है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कैसे बनाया गया है जैसे कि पतले दही से, मथकर निकाली गई छाछ से या बाजार में मिलने वाले किसी उत्पाद से।

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क्या शाम को छाछ पीना चाहिए?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं किअगर किसी की दिनचर्या के हिसाब से सही लगे, तो छाछ का सेवन शाम के समय भी किया जा सकता है। ऐसा कोई तय नियम नहीं है कि सूर्यास्त के बाद छाछ नहीं पीनी चाहिए या इसे केवल दोपहर के भोजन के समय ही लेना चाहिए।

डायबिटीज के मरीज कभी भी पी सकते हैं छाछ

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि डायबिटीज के मरीज आमतौर पर बिना चीनी वाली छाछ को अपनी सुविधानुसार कभी भी ले सकते हैं। वहीं, जिन्हें किडनी की बीमारी है, हार्ट फेलियर की समस्या है, या जिन्हें डॉक्टर ने तरल पदार्थों के सेवन पर रोक लगाई है, उन्हें तरल पदार्थों की मात्रा के बारे में अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।

हालांकि, साल 2024 में ScienceDirect में प्रकाशित इस स्टडी में बताया गया है कि थोड़े समय तक छाछ का सेवन करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर लगभग -2.6 mm Hg तक और मीन आर्टेरियल प्रेशर कम हो सकता है। इस प्रकार से कह सकते हैं कि हाई बीपी के मरीजों के लिए छाछ पीना फायदेमंद है।

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एसिड रिफ्लक्स या पेट फूलने की समस्या वाले लोगों को अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए और उसके अनुसार मात्रा या समय में बदलाव करना चाहिए। लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को साधारण छाछ पीने के बाद गैस, पेट में तकलीफ या दस्त की समस्या हो सकती है।

निष्कर्ष:

अंत में एडविना कहती हैं कि बिना चीनी वाली सादी छाछ चुनें और नमक की मात्रा कम रखें, खासकर अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या है। अपनी कुल डाइट और शरीर की सहनशक्ति के अनुसार, छाछ की एक सीमित मात्रा लेना एक समझदारी भरा तरीका है। असल में, छाछ पीने के सही समय से कहीं ज्यादा जरूरी है नियमितता, पोषण का सही संतुलन और आपका अपना आराम।

FAQ

  • छाछ कब नहीं पीनी चाहिए?

    सर्दी, खांसी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को छाछ पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सेहत काफी हद तक प्रभावित हो सकती है।
  • 1 दिन में कितनी छाछ पीनी चाहिए?

    1 दिन में 1 गिलास से ज्यादा छाछ न पिएं। ज्यादा छाछ पीने से आपकी सेहत प्रभावित हो सकती है और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 20, 2026 20:48 IST

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