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Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

देसी अंडा या फार्म वाला अंडा: सेहत के लिए कौन सा ज्यादा बेहतर? डायटिशियन से जानें सच

अंडा खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और लोग खरीदते समय देसी अंडे को ज्यादा पौष्टिक मानकर चुनते हैं। क्या वाकई देसी अंडे में फार्म वाले अंडे से ज्यादा प्रोटीन होता है या दोनों के पोषण में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है? जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।  
देसी अंडा या फार्म वाला अंडा: सेहत के लिए कौन सा ज्यादा बेहतर? डायटिशियन से जानें सचदेसी अंडा या फार्म वाला अंडा: सेहत के लिए कौन सा ज्यादा बेहतर? डायटिशियन से जानें सच

अंडे को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इस वजह से लोग अंडे को नाश्ते और वर्कआउट के बाद की डाइट में शामिल करते हैं। आमतौर पर जब भी अंडे खरीदे जाते हैं, तो यही सवाल सामने आता है कि देसी अंडा लें या फार्म वाला? कई लोगों को लगता है कि देसी मुर्गी का अंडा प्राकृतिक तरीके से मिलता है, इसलिए उसमें ज्यादा पोषक तत्व होते हैं। वहीं, फार्म वाले अंडे को कुछ लोग कम पौष्टिक मानते हैं। इस सवाल के जवाब को जानने के लिए हमने Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि कई लोग अंडे की कीमत देखकर तय कर लेते हैं कि देसी अंडा ज्यादा बेहतर होता है, जबकि पोषक तत्वों की बात की जाए, तो दोनों में कोई खास अंतर नहीं है।

देसी और फार्म अंडे में प्रोटीन कितनी मात्रा में होता है?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) की Indian Food Composition Tables 2017 में देसी मुर्गी के अंडे और पोल्ट्री अंडे के पोषण की जानकारी दी गई है।

100 ग्राम कच्चे देसी मुर्गी के अंडे में करीब 13.1 ग्राम प्रोटीन और 13 ग्राम फैट होता है। वहीं, 100 ग्राम पोल्ट्री अंडे में लगभग 13.3 ग्राम प्रोटीन और 9.15 ग्राम फैट पाया गया है।

 

देसी अंडा (100 ग्राम)

पॉल्ट्री (फार्म) वाला अंडा (100 ग्राम)

प्रोटीन 

13.1 ग्राम

13.3 ग्राम

फैट

13 ग्राम

9.15 ग्राम

Senior Dietitian Rhitika Sharma कहती हैं, “इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों तरह के अंडों में प्रोटीन की मात्रा लगभग समान है। ऐसे में यह मान लेना सही नहीं है कि देसी अंडे में प्रोटीन ज्यादा होगा। अगर किसी को मांसपेशियों को मजबूत बनाना है, वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेने या रोज की डाइट में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अंडा खाते हैं, तो देसी और फार्म वाले दोनों अंडे विकल्प लिए जा सकते हैं। प्रोटीन की मात्रा अंडे पर नहीं, बल्कि कितनी मात्रा में अंडे खाए जा रहे हैं, इस बात पर निर्भर करता है।”

देसी अंडे के फायदे

Poultry Science के अनुसार, देसी अंडों में कई पोषक तत्व और बायोएक्टिव गुण पाए जाते हैं।
देसी अंडे में ओमेगा-3 फैटी एसिड और फॉस्फोलिपिड्स ज्यादा होते हैं, जो लिपिड मेटाबॉलिज्म और सेल्स के फंक्शन के लिए मददगार होते हैं।

  • इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो आंखों के फंक्शन के लिए बेहतर माने जाते हैं।
  • एल्ब्यूमिन प्रोटीन्स की मात्रा ज्यादा होने के कारण इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • एंटी ऑक्सीडेंट्स ज्यादा होने के कारण लिपिड प्रोफाइल बेहतर हो सकता है।

farm or desi egg differencefarm or desi egg difference

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पॉल्ट्री या फार्म वाले अंडे के फायदे

ICMR- NIN के आंकड़ों के अनुसार, पॉल्ट्री वाले अंडे में ये फायदे हो सकते हैं।

  • फार्म वाले अंडों में कैलोरी कम होती है, इसलिए वजन घटाने वाले लोगों को फार्म के अंडे खाना बेहतर रहता है।
  • फार्म के अंडों में फैट काफी कम होता है, जो हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इसमें कोलेस्ट्रॉल देसी अंडों के मुकाबले ज्यादा होता है।
  • पौटेशियम की मात्रा भी फार्म के अंडों में ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए फायदेमंद है।

क्या भूरे रंग के देसी अंडे ज्यादा फायदेमंद होते हैं?

Senior Dietitian Rhitika Sharma कहती हैं, “आमतौर पर लोग देसी और फार्म के अंडों को रंग के आधार पर पहचान करते हैं। देसी अंडों का हल्का भूरा रंग होने का कारण मुर्गी की नस्ल हो सकती है। इसके अलावा, मुर्गी को किस तरह का चारा दिया जाता है, उसकी उम्र क्या है, उसे किस माहौल में पाला जाता है और अंडे किस तरह के उत्पादन सिस्टम में तैयार होते हैं, इन सभी बातों का असर पड़ सकता है। इसलिए अंडे के रंग, आकार या खोल देखकर पौष्टिकता का फैसला नहीं किया जा सकता है। देसी अंडा खाना बेहतर है या फार्म का, इसका फैसला व्यक्ति की सेहत को लिया जा सकता है।”

सेहत के लिए कौन-सा अंडा खाना बेहतर है?

Senior Dietitian Rhitika Sharma का कहना है, “अगर किसी को रोज की डाइट में प्रोटीन शामिल करना है, तो देसी और फार्म वाले दोनों अंडे अच्छे विकल्प हो सकते हैं। जब भी अंडा खरीदे, तो ताजा अंडा लें और साफ-सफाई जरूर देखें। इसके अलावा, वजन कम करने या कैलोरी कंट्रोल करने की कोशिश करने वाले लोगों को फार्म वाला अंडा ले सकते हैं, लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि दिनभर में कितने अंडे खा रही है और उसे पकाते कैसे है? उबले हुए अंडे को रोजाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा तेल या मक्खन में अंडे से बनने वाली डिश में कैलोरी और फैट बढ़ सकता है।”

देसी अंडा खरीदते समय फूड सेफ्टी ध्यान रखना जरूरी

Rhitika Sharma ने बताया कि देसी या घर के आसपास पाली गई मुर्गी का अंडा होने का मतलब यह नहीं है कि उसमें बैक्टीरिया का खतरा बिल्कुल नहीं होगा। अंडे की क्वालिटी के साथ-साथ उसे किस तरह इकट्ठा किया गया, कहां रखा गया और कैसे संभाला गया, यह भी जरूरी है। इसलिए जब भी देसी अंडा खरीदे, तो साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और साथ ही बासी अंडे खाने से बचें।

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निष्कर्ष
देसी अंडा महंगा होने या दिखने में अलग होने के कारण पौष्टिक नहीं हो जाता। अगर प्रोटीन की बात करें, तो फार्म वाले अंडे और देसी अंडे दोनोंं में मात्रा करीब एक जैसी ही है। हालांकि, फैट और दूसरे पोषक तत्वों में अंतर हो सकता है। इसलिए अंडा चुनते समय अपनी सेहत और मेडिकल कंडीशन को देखकर ही लें और सबसे जरूरी बात यह है कि अंडा सही मात्रा में ही लें। बहुत ज्यादा अंडे खाना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। देसी और फार्म वाले, दोनों ही अंडे डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

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FAQ

  • क्या देसी अंडे की तासीर गर्म होती है और इसे गर्मियों में नहीं खाना चाहिए?

    यह एक मिथक है। दोनों अंडों की थर्मल तासीर में कोई बड़ा अंतर नहीं होता। गर्मी के मौसम में भी एक से दो अंडे रोजाना खाए जा सकते हैं। बस ध्यान रखें कि पर्याप्त पानी पीते रहें।
  • देसी और फार्म वाले अंडों की शेल्फ लाइफ में क्या अंतर होता है?

    ताजा देसी अंडा, अगर उस पर प्राकृतिक क्यूटिकल परत बनी रहे, तो कमरे के तापमान पर फार्म वाले अंडे की तुलना में कुछ दिन ज्यादा समय तक ताजा रह सकता है। हालांकि, दोनों ही प्रकार के अंडों को फ्रिज में रखने पर ये तीन से चार हफ्तों तक सुरक्षित और ताजे रहते हैं।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 20, 2026 16:37 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma