Tue Oct 6, 2026 | 02:33 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

डायबिटीज में रोज लौंग चबाना कितना फायदेमंद? आयुर्वेदाचार्य से समझें ब्लड शुगर पर इसका असर और सावधानियां

डायबिटीज के मरीजों के लिए लौंग चबाने से ब्लड शुगर को मैनेज करना आसान होता है? लौंग खाते समय डायबिटीज रोगियों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए? आयुर्वेदाचार्य ने लौंग और ब्लड शुगर के कनेक्शन को विस्तार से बताया है। 
डायबिटीज में रोज लौंग चबाना कितना फायदेमंद? आयुर्वेदाचार्य से समझें ब्लड शुगर पर इसका असर और सावधानियांडायबिटीज में रोज लौंग चबाना कितना फायदेमंद? आयुर्वेदाचार्य से समझें ब्लड शुगर पर इसका असर और सावधानियां

भारत में लौंग का इस्तेमाल खाना पकाने के मसालों में किया जाता है। अगर किसी को जुकाम-खांसी हो, तो चाय और काढ़ा बनाते समय लौंग डालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें कई ऐसे एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं को मैनेज करने में मदद करते हैं। क्या लौंग ब्लड शुगर मैनेज करने में फायदेमंद हो सकता है? Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad ने बताया कि कुछ समय से डायबिटीज के मरीज लौंग को लेकर सवाल कर रहे हैं कि ब्लड शुगर कम करने का यह नेचुरल तरीका है। हालांकि, लौंग के अर्क पर रिसर्च के अनुसार यह ब्लड शुगर को मैनेज कर सकता है, लेकिन इसे डायबिटीज का इलाज नहीं माना जा सकता है।

लौंग का ब्लड शुगर पर क्या असर हो सकता है?

BMC Complementary and Alternative Medicine में प्रकाशित एक क्लिनिकल स्टडी में 13 हेल्दी और प्री-डायबिटिक मरीजों को लिया गया। इन्हें 30 दिनों तक रोजाना 250 मिलीग्राम लौंग का पानी दिया गया। इन 13 लोगों को फास्टिंग या खाने से पहले ग्लूकोज के स्तर के हिसाब से दो ग्रुप में बांटा गया था। 30 दिन बाद जब ग्लूकोज चेक किया गया, तो पाया गया कि खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज में कमी थी। कुछ वॉलंटियर्स में फास्टिंग ग्लूकोज में भी कमी देखी गई थी। हालांकि, स्टडी छोटी थी, लेकिन इसके नतीजों से कहा जा सकता है कि लौंग लेने का कुछ फायदा तो डायबिटीज मरीजों में देखा जा सकता है।

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “डायबिटीज के मरीज एक सीमित मात्रा में लौंग ले सकते हैं, लेकिन इसे दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा, लौंग लेने से पहले डायबिटीज के मरीजों को एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि मरीज की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए डॉक्टर लौंग की सलाह दे या नहीं। खुद से किसी भी तरह का लौंग अर्क या तेल न लें।”

लौंग कैसे ब्लड शुगर कम करने में मददगार है?

Pharmacological Research में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक, लौंग में मौजूद यूजेनॉल के कारण ब्लड शुगर का लेवल कम होता है और कार्बोहाइड्रेट को पचाने वाले एंजाइम की एक्टिविटी धीमी हो जाती है। इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार देखने को मिला है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम किया है। हालांकि, स्टडी में बताया गया है कि यूजेनॉल का इंसुलिन के स्तर पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।

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लौंग लेने से पहले किन मरीजों को सावधानी रखनी चाहिए?

Dr. Chetan Sharma कहते हैं कि लौंग लेते समय डायबिटीज के मरीजों को इन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • अगर किसी मरीज का ब्लड शुगर पहले से ही कम है, तो ऐसी स्थिति में लौंग नहीं लेना चाहिए। खासतौर पर लौंग से बने हर्बल प्रोडक्ट्स या तेल लेना लो ब्लड शुगर के लिए नुकसान कर सकता है।
  • जिन लोगों की इंसुलिन या ग्लूकोज कम करने की दवा चल रही हैं, उन्हें लौंग से जुड़े हर्बल प्रोडक्ट्स लेने से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए और रेगुलर ब्लड ग्लूकोज मॉनीटर करना जरूरी है।
  • जो मरीज ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं, उन्हें लौंग लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि लौंग में मौजूद यूजेनॉल प्लेटलेट्स को प्रभावित कर सकता है। जो लोग खासतौर पर लौंग का अर्क या तेल ले रहे हैं, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।
  • अगर किसी की सर्जरी होने वाली है, तो उसे भी लौंग से जुड़े हर्बल प्रोडक्ट्स नहीं लेने चाहिए और अगर ले रहे हैं, तो उसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर देनी चाहिए।

डायबिटीज में लौंग कैसे लें?

Dr. Chetan Sharma ने कहा कि लौंग को खाने के मसाले में सीमित मात्रा में लेना ज्यादा बेहतर है। अगर कोई ब्लड शुगर कम करने के लिए रोजाना लौंग का पाउडर, कैप्सूल या एसेंशियल ऑयल ले रहा है, तो उसे डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। इसके साथ, डायबिटीज के मरीजों को लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए और अपनी डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष
Dr. Chetan Sharma ने कहा कि लौंग ब्लड ग्लूकोज पर असरदार है, लेकिन इसे डायबिटीज की दवा के तौर पर नहीं लिया जा सकता है। वैसे भी डायबिटीज में सिर्फ ब्लड शुगर कम करना नहीं होता, बल्कि इसके साथ ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज से जुड़ी गंभीरताओं को भी कंट्रोल करना जरूरी है। लौंग प्राकृतिक मसाला है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल डायबिटीज रोगियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए लौंग को ब्लड शुगर कम करने के लिए लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।

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FAQ

  • डायबिटीज के किन मरीजों को लौंग का सेवन करने से बचना चाहिए?

    जिन मरीजों की शुगर अक्सर लो हो जाती है, जिन्हें पेट में गंभीर अल्सर या एसिडिटी की शिकायत है, या जिनकी कोई सर्जरी होने वाली है, उन्हें बिना आयुर्वेदाचार्य से पूछे लौंग का नियमित सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्या लौंग डायबिटिक न्यूरोपैथी (नस में दर्द या सुन्नता) में राहत दिला सकती है?

    लौंग में मौजूद यूजीनॉल एक प्राकृतिक एनाल्जेसिक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व है। यह ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है, जिससे नसों की सूजन और पैरों में हल्की सुन्नता या झुनझुनी की समस्या में आराम मिलता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 06, 2026 13:14 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma