Mon Oct 5, 2026 | 08:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

रोज सुबह एक लौंग चबाने से क्या होता है? आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे, नुकसान और सावधानियां

लौंग को दांत के दर्द और मुंह से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए बेहतर माना जाता है। कई लोगों का मानना है कि रोजाना खाली पेट एक लौंग खाने से शरीर से जुड़ी दिक्कतें कम होती हैं। इसमें कितनी सच्चाई है? यह जानने के लिए हमने आयुर्वेदाचार्य से बात की।
रोज सुबह एक लौंग चबाने से क्या होता है? आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे, नुकसान और सावधानियांरोज सुबह एक लौंग चबाने से क्या होता है? आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे, नुकसान और सावधानियां

भारत के हर घर में लौंग का इस्तेमाल खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। लौंग को सर्दी-जुकाम और दांत दर्द जैसी समस्याओं को कम करने का घरेलू नुस्खा भी माना जाता है। लौंग को लेकर अक्सर माना जाता है कि खाली पेट लौंग खाना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। इस बारे में Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad कहते हैं कि लौंग में कई बायोएक्टिव कम्पाउंड मिलते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ लोगों को सावधानियां बरतने की भी जरूरत है।

रोजाना एक लौंग खाने के 4 फायदे

MDPI के मुताबिक, लौंग में यूजेनॉल, यूजेनाइल एसीटेट और 2-हेप्टानोन जैसे महत्वपूर्ण कम्पाउंड पाए जाते हैं। यूजेनॉल बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकता है। यह ई.कोली, एस. टाइफी जैसे बैक्टीरिया के खिलाफ काफी असरदार हो सकती है। लौंग में कई प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं और लिपिड ऑक्सीकरण को रोक सकते हैं। इसके अलावा, लौंग में एंटीवायरल गुण हैं, जो विभिन्न वायरस से लड़ने में शरीर की मदद कर सकते हैं।

1. मुंह की बदबू में कुछ समय के लिए राहत

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “लौंग में तेज खुशबू होती है, जिससे सांसों की दुर्गंध कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें मौजू यूजेनॉल और एंटी माइक्रोबियल प्रोपर्टी होने कारण लौंग चबाने के कुछ समय तक मुंह की बदबू को कम किया जा सकता है। अगर मुंह की दुर्गंध लगातार बनी रहती है, तो लौंग चबाना सही नहीं है। यह मसूड़ों की बीमारी, दांतों में इंफेक्शन, मुंह का सूखापन या कुछ दूसरी समस्याओं का कारण हो सकता है। इसलिए अगर हमेशा मुंह की बदबू की समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।”

2. पाचन में फायदेमंद

Dr. Chetan Sharma ने बताया कि आयुर्वेद में लौंग को दीपन-पाचन गुणों वाला माना जाता है। इसलिए भोजन के बाद भारीपन या गैस जैसी हल्की डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं को कम करने के मददगार साबित हो सकता है। आमतौर पर लौंग को खाने के बाद लिया जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोज सुबह खाली पेट एक लौंग खाने से हर व्यक्ति का पाचन बेहतर हो जाएगा। इसलिए खाने की क्वालिटी और मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।

3. ब्लड शुगर में असरदार

Dr. Chetan Sharma ने कहा, “लौंग के अर्क का असर ग्लूकोज मेटबॉल्जिम पर भी दिखाई दिया है, लेकिन इसे डायबिटीज की दवा का ऑप्शन नहीं मानना चाहिए। इसलिए डॉक्टर की बताई दवा रेगुलर लेनी चाहिए। इसके अलावा, लौंग में कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

Chewing one clove every morning benefitsChewing one clove every morning benefits

यह भी पढ़ें- क्या लौंग खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है? जानें आयुर्वेदाचार्य से

4. गले और मुंह की परेशानी में राहत

Dr. Chetan Sharma के अनुसार, लौंग का तीखा स्वाद मुंह या गले में कुछ समय के लिए आराम दे सकता है। इसलिए कई घरों में गले या मुंह की परेशानी में लौंग का एक पीस चबाने के लिए दे दिया जाता है। अगर किसी के गले में दर्द, निगलने में परेशानी हो रही है या इंफेक्शन के लक्षण हैं, तो सिर्फ लौंग ही न खाते रहे, बल्कि तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

रोज लौंग चबाने के नुकसान

Dr. Chetan Sharma ने कहा कि रोजाना लौंग चबाने के फायदे ही नहीं, बल्कि कुछ लोगों को नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए ज्यादा मात्रा में लेना या गलत तरीके से लेना परेशानियां दे सकता है।

  • खाली पेट ज्यादा लौंग लेने से पेट में जलन - लौंग का तीखापन कुछ लोगों के खाली पेट में जलन, एसिडिटी या मतली जैसी परेशानियां दे सकता है।
  • मुंह में जलन होना - अगर रोजाना बहुत ज्यादा लौंग चबाया जाए, तो कुछ लोगों को मुंह में जलन या इरिटेशन जैसा महसूस हो सकता है।
  • ब्लड थिनर दवा लेने वाले मरीजों के लिए - लौंग में यूजेनॉल प्लेटलेट्स के फंक्शन को प्रभावित कर सकता है। लौंग लेने से इंटरनल ब्लीडिंग भी हो सकती है। इससे प्लेटलेट्स पर असर देखा गया है। इसलिए अगर कोई मरीज लौंग का तेल या अर्क इस्तेमाल करना चाहता है, तो डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
  • लौंग का तेल बच्चों को न दें - कई लोग साबुत लौंग और लौंग के तेल को एक ही समझ लेते हैं। इन दौनों में काफी फर्क होता है। इसलिए बच्चों को लौंग का तेल बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल न दें। इसे देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है।

लौंग लेते समय किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

Dr. Chetan Sharma कहते हैं कि कुछ लोगों को लौंग या लौंग का तेल दूसरों के सुझाव पर कतई नहीं लेना चाहिए। इससे कई बार पेट या लिवर की बीमारी से जूझ रहे लोगों को परेशानी हो सकती है।

  • ब्लड थिनर दवा लेने वाले लोगों को लौंग लेने से बचना चाहिए।
  • जिन मरीजों को बार-बार ब्लीडिंग की समस्या होती है।
  • जो लोग गंभीर एसिडिटी या पेट की समस्याओं से परेशान हैं।
  • लिवर की बीमारी के मरीजों को लौंग से जुड़ा कोई भी हर्बल प्रोडक्ट नहीं लें।
  • जिन मरीजों की सर्जरी होने वाली है।
  • प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग वाली महिलाओं को लौंग का तेल या अर्क लेने से बचना चाहिए।

रोज सुबह खाली पेट एक लौंग खाना कितना फायदेमंद?

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “लौंग एक मसाले की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसे दवा नहीं समझना चाहिए। इसलिए जो स्वस्थ लोग हैं और उन्हें खाने के बाद कोई परेशानी नहीं होती, तो सुबह के समय एक लौंग खाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इससे शरीर को फायदे ही मिलते हैं, लेकिन इसे इम्यूनिटी बूस्टर या डिटॉक्स की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहि।”

निष्कर्ष
लौंग में कई तरह के महत्वपूर्ण कम्पाउंड्स मिलते हैं, जिनसे इसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि रोजाना एक साबुत लौंग लेने और लौंग का तेल लेने में अंतर है। इसलिए लौंग का तेल या अर्क लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। अगर लौंग खाने के बाद पेट और मुंह में जलन हो . तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • लौंग चबाने का सही तरीका क्या है ताकि इसका ज्यादा लाभ मिले?

    सुबह एक फूल वाली लौंग लें, उसे कुछ देर मुंह में रखकर हल्का दबाएं ताकि उसका रस निकले, फिर धीरे-धीरे चबाकर ऊपर से एक गिलास गुनगुना पानी पी लें।
  • क्या लौंग का पानी पीना सीधे लौंग चबाने से ज्यादा बेहतर है?

    जिन्हें एसिडिटी या पेट में जलन की शिकायत रहती है, उनके लिए एक लौंग को रातभर पानी में भिगोकर सुबह लौंग का पानी पीना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

Read Next

→ पीरियड्स में अश्वगंधा लेना कितना सही, आयुर्वेदाचार्य से जानें फायदे और किन्हें बचना चाहिए?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 05, 2026 19:06 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma