Mon Oct 19, 2026 | 04:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

नट्स और सीड्स को खाने से पहले भिगोना क्यों जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें कारण और सेवन का सही तरीका

ज्यादातर घरों में दादी-नानी नट्स और ड्राई फ्रूट्स को भ‍िगोकर खाने की सलाह देती हैं, लेकिन क्या कभी सोचा है क‍ि यह क्‍यों जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें इसके पीछे की असली वजह।
नट्स और सीड्स को खाने से पहले भिगोना क्यों जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें कारण और सेवन का सही तरीकानट्स और सीड्स को खाने से पहले भिगोना क्यों जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें कारण और सेवन का सही तरीका

नट्स और सीड्स को कई लोग भ‍िगोए बगैर ही खा लेते हैं, लेक‍िन ऐसा करना सेहतमंद नहीं माना जाता है। पुराने समय से नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने की परंपरा है। इस परंपरा के पीछे साइंट‍िफ‍िक कारण भी है। भिगोने और अंकुरित करने से कुछ बीजों में फाइटेट और दूसरे प्राकृतिक यौगिकों की मात्रा बदल सकती है। कुछ लोगों को नट्स और सीड्स खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन की शिकायत हो सकती है। भिगोने से उनकी बनावट नरम हो जाती है और उन्हें चबाना आसान हो सकता है। आइए जानते हैं नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने के फायदे। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

नट्स और सीड्स  कितनी देर भिगोएं? रोजाना कितनी मात्रा खाएं?
बादाम  7 से 8 घंटे  4 से 5 
अखरोट 7 से 8 घंटे  1 अखरोट 
चिया सीड्स ओवरनाइट या 6 से 8 घंटे 1 चम्‍मच 
अलसी बीज भ‍िगोना जरूरी नहीं माना जाता है 1 चम्‍मच 
कद्दू के बीज 4 से 6 घंटे 1 चम्‍मच 
सूरजमुखी के बीज 4 से 6 घंटे 1 चम्‍मच 
तिल 4 से 6 घंटे 1 चम्‍मच 
सब्जा सीड्स  ओवरनाइट  1 छोटा चम्‍मच 
खरबूज और तरबूज के बीज 4 से 6 घंटे 1 चम्‍मच 
खसखस ओवरनाइट  1 छोटा चम्‍मच 

नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से फाइट‍िक एस‍िड की मात्रा कम हो जाती है

नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने से इनमें मौजूद फाइट‍िक एस‍िड की मात्रा को कुछ हद तक कम क‍िया जा सकता है। नट्स और सीड्स में फाइट‍िक एस‍िड मौजूद होता है जो शरीर के पोषक तत्‍वों के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभाव‍ित कर सकता है। यह आयरन, ज‍िंक, कैल्‍श‍ियम जैसे पोषक तत्‍वों के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया पर असर डाल सकता है। यह भी समझना जरूरी है क‍ि फाइटिक एसिड पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं होता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। फाइटिक एसिड को पूरी तरह खत्म करना जरूरी नहीं है।

साल 2020 में Food Chemistry में प्रकाश‍ित एक अध्‍ययन में शोधकर्ताओं ने नट्स को भिगोने या अंकुरित करने की प्रक्रिया का उनके पोषण पर असर देखा। इस प्रक्रिया को 'एक्टिवेटिंग' कहा जाता है। इसमें बादाम, हेजलनट्स, मूंगफली और अखरोट जैसे नट्स का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि नट्स को भिगोने या एक्टिवेट करने से उनमें मौजूद फाइटेट (Phytate) की मात्रा में थोड़ी ही कमी आई। इस अध्ययन के अनुसार, नट्स को भिगोने से उनकी पोषण गुणवत्ता में कोई खास सुधार होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

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पचाना आसान हो जाता है

नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने से उसे पचाना आसान होता है। नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से आयरन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स शरीर में आसानी में एब्‍जॉर्ब हो जाते हैं। कुछ लोगों के ल‍िए कच्चे नट्स और बीज खाने के बाद पेट भारी होने, गैस बनने या पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। ऐसे में इन्हें भिगोने से ये नरम हो जाते हैं और चबाना आसान हो सकता है।

प्रोटीन को पचाने में मदद म‍िलती है

नट्स, सीड्स और दालें प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। दालों पर किए गए कुछ अध्ययनों में पाया गया कि उन्हें भिगोने से प्रोटीन की पाचन क्षमता बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि कुछ परिस्थितियों में दाल, नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से प्रोटीन को पचाना आसान हो सकता है।

आयुर्वेद भी देता है नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने की सलाह

आयुर्वेदि‍क एक्‍सपर्ट के अनुसार, नट्स और ड्राई फ्रूट्स को रातभर भिगोकर खाने से उनके पोषण संबंधि‍त फायदे बढ़ जाते हैं। नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से इनकी गर्म तासीर कम होती है, इन्हें पचाना आसान होता है और शरीर के तीन दोषों को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

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नट्स और सीड्स को क‍ितनी देर भ‍िगोना चाह‍िए?

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  • बादाम, अखरोट और अन्‍य ट्री नट्स को गुनगुने पानी में 7 से 8 घंटे तक भ‍िगोएं।
  • बीजों को 6 से 8 घंटे तक पानी में भ‍िगोएं।
  • साबुत अनाज और दालों को गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक डालकर 8 से 10 घंटे तक भिगोएं।
  • चिया सीड्स को पर्याप्त पानी में भिगोएं और जेल बनने के बाद खाएं। इन्हें सूखा निगलने से बचें।

नट्स ओर सीड्स भिगोने से पहले जानें जरूरी सावधानि‍यां

  • नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से पहले अच्‍छी तरह धो लें। इससे गंदगी हट जाएगी।
  • नट्स और सीड्स को भ‍िगोने के ल‍िए साफ और फ‍िल्‍टर क‍िए हुए पानी का इस्‍तेमाल करें।
  • हर 12 घंटे में भिगोने का पानी बदलें और नट्स, सीड्स या अनाज को अंकुरित होने दें।

कच्चे नट्स और सीड्स को कैसे भिगोएं?

  • एक बर्तन में नट्स और सीड् को डाल दें।
  • इन्हें फिल्टर किए हुए पानी में डालें।
  • पानी इतना होना चाहिए कि नट्स और सीड्स पूरी तरह डूब जाएं।
  • बर्तन को ढककर लगभग 7 घंटे या रातभर के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद नट्स को पानी से निकालकर अच्छी तरह धो लें। फिर इन्हें खा सकते हैं।

इस लेख में नट्स और सीड्स को भ‍िगाने और खाने की मात्रा पर दी गई जानकारी एक्‍सपर्ट की राय के मुताब‍िक दी गई है। अगर आप क‍िसी क्रॉन‍िक बीमारी के मरीज हैं, तो डॉक्‍टर की सलाह लेकर ही इसे अपनाएं। नट्स और सीड्स का सेवन एक्‍सपर्ट की राय ल‍िए बगैर नहीं करना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से उनमें मौजूद फाइट‍िक एस‍िड की मात्रा कम हो सकती है। इससे आयरन, ज‍िंक और कैल्‍श‍ियम जैसे पोषक तत्‍वों के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया पर बुरा असर पड़ता है। हालांक‍ि, फाइट‍िक एस‍िड पूरी तरह से सेहत के ल‍िए नुकसानदायक नहीं होते हैं और इन्‍हें पूरी तरह से खत्‍म करना जरूरी नहीं है। नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने से उन्‍हें पचाना आसान हो जाता है। नट्स और सीड्स में प्रोटीन होता है। इसे भ‍िगोकर खाने से प्रोटीन बेहतर ढंग से शरीर में एब्‍जॉर्ब होता है। आयुर्वेद के मुताब‍िक भी नट्स और सीड्स को भ‍िगोकर खाने से उनके गुण बढ़ जाते हैं और वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुल‍ित करने में मदद म‍िलती है। नट्स और सीड्स को भ‍िगोने से पहले अच्‍छी तरह धो लें। नट्स और सीड्स को भ‍िगोने के ल‍िए साफ और फ‍िल्‍टर क‍िए पानी का इस्‍तेमाल करें। नट्स को पानी में 7 से 8 घंटे तक भ‍िगो सकते हैं। सीड्स को 6 से 8 घंटे तक भ‍िगो सकते हैं। दालों को 8 से 10 घंटे तक भ‍िगो सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या काजू को भिगोकर खाना जरूरी है?

    नहीं, काजू को भिगोना जरूरी नहीं है। इसे भ‍िगोए बगैर भी खाया जा सकता है। भिगोने पर काजू मुलायम हो जाता है इसलिए कुछ ड‍िशेज में इसका इस्तेमाल आसान हो जाता है।
  • क्या नट्स को भिगोने से उनकी कैलोरी कम हो जाती है?

    नहीं। नट्स को भिगोने से उनकी कुल कैलोरी में कोई खास कमी नहीं देखी गई है। वेट लॉस के दौरान भ‍िगोए हुए नट्स खाने की ही सलाह दी जाती है। 

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    Oct 19, 2026 14:09 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh