अक्सर हम अपने पूरे शरीर की देखभाल करते हैं, लेकिन पैरों की देखभाल करना भूल जाते हैं। ऐसे में रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर उसमें थोड़ी देर पैर भिगोना काफी फायदेमंद होता है। दिनभर की थकान या चलने के बाद पैरों में होने वाले दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए गर्म पानी में नमक डालकर सिकाई करना लाभकारी माना जाता है। इस पानी में पैर डालकर बैठने से पैरों को आराम मिलता है। आइए इस बारे में विस्तार से मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि नमक वाले गुनगुने पानी में पैर भिगोने के क्या फायदे हैं?
नमक वाले गुनगुने पानी में पैर भिगोने के फायदे
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, नियमित रूप से गुनगुने पानी में नमक डालकर पैर डालकर रखने से कई फायदे मिल सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. थके हुए पैरों को आराम
दिनभर चलने, खड़े रहने या शारीरिक मेहनत करने के बाद पैरों में थकान और भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे समय में गुनगुने पानी में पैर डलने से पैरों को गर्माहट मिलती है और आराम महसूस हो सकता है। इससे-
- पैरों की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
- पैरों का दर्द और जकड़न कुछ समय के लिए कम महसूस हो सकती है।
- सोने से पहले पैरों को पानी में भिगोने से शरीर को रिलैक्स मिल सकता है।
2. पैरों की जकड़न से राहत
गर्म पानी पैरों के आस-पास के टिश्यू को गर्माहट देता है। इससे हल्की जकड़न या थकान से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है। खासकर लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या खड़े रहने के बाद इस उपाय को करने से आराम महसूस हो सकता है। ध्यान रखें कि अगर पैर में लगातार दर्द, सूजन या चलने में परेशानी है तो सिर्फ गर्म पानी में पैर भिगोना काफी नहीं है।
3. पैरों की सफाई में फायदेमंद
गर्म पानी पैरों की स्किन को मुलायम करने में मदद करता है। इससे पैरों पर जमी गंदगी और डेड स्किन सेल्क को बाद में साफ करना आसान हो सकता है। पैर भिगोने के बाद-
- पैरों को हल्के हाथ से साफ करें
- एड़ियों को हल्के हाथ से साफ करें
- साफ तोलिए से पैरों की अच्छी तरह सुखाएं
- उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सूखा रखें।
बता दें कि नम वातावरण में लंबे समय तक रहने से स्किन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, पैरों को भिगोने के बाद अच्छी तरह सुखानी जरूरी है।
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4. सूखी और कठोर त्वचा को मुलायम करना
अगर आपकी एड़ियां ड्राई और सख्त हैं तो गुनगुने पानी में कुछ देर पैर रखने से स्किन मुलायम हो सकती है। इसके बाद मॉइश्चराइजर या फुट क्रीम लगाने से स्किन की नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। बहुत ज्यादा कठोर स्किन या फटी एड़ियों को काटने या किसी सख्त चीज से रगड़ने से बचें।
5. तनाव कम करने में लाभकारी
पैरों को गर्म पनी में रखा कई लोगों के लिए आराम देने वाली रूटीन का हिस्सा हो सकती है। दिनभर व्यस्त रहने के बाद कुछ मिनट शांत बैठने से मानसिक रूप से भी दिमाग को शांत महसूस हो सकता है। इसे सोने से पहले हल्की रिलैक्सेशन रूटीन के रूप में अपनाया जा सकता है।

क्या कहती है स्टडी?
साल 2023 में Complementary Therapies in Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, पेनफुल डायबिटिक पेरीफेरल न्यूरोपैथी (DPN) से पीड़ित मरीजों के लिए गुनगुने नमक के पानी में पैर भिगोना दर्द को कम करने में असरदार साबित हुआ है। इस स्टडी में मरीजों को 5 लीटर सहने योग्य गर्म पानी में 250 ग्राम पिसा हुआ नमक (mineral salt) मिलाकर, एक महीने तक रोजाना रात को सोने से पहले 15 मिनट के लिए पैरों को भिगोने को कहा गया था। एक महीने के इलाज के बाद, नमक वाले गर्म पानी के इस्तेमाल से मरीजों के दर्द में कमी आई है।
साल 2022 में Comprehensive Nursing Journal में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं के पैरों की सूजन को कम करने के लिए गुनगुने नमक के पानी में पैर भिगोना एक प्रभावी उपाय है। इस स्टडी में 20 प्रेग्नेंट महिलाओं के नतीजों को देखा गया कि पैरों को नमक के पानी में भिगोने से सूजन का लेवल कम हो सकता है।
पैर कितनी देर और कैसे भिगोएं?
आमतौर पर 10 से 15 मिनट तक गुनगुने पानी में पैर रखना काफी हो सकता है। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि ज्यादा गर्म पानी स्किन को जला सकता है या जलन पैदा कर सकता है। पैरों को पानी में भिगोने के लिए-
- एक टब या बाल्टी में गुनगुना पानी लें।
- उसमें थोड़ी मात्रा में नमक डालें।
- इस पानी में पैर लगभग 10 से 15 मिनट तक रखें।
- इसके बाद पैरों को साफ पानी से धोना चाहते हैं तो धो लें।
- तौलिए से पैरों को पूरी तरह सुखाएं।
- स्किन अच्छी तरह सुखाने पर मॉइस्चराइजर लगाएं।
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किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
डॉ. किरण बताती हैं कि हर व्यक्ति के लिए पैर भिगोना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों को खास ध्यान रखना चाहिए। खासकर डायबिटीज से मरीज या पैरों में संवेदना कम होने की समस्या वाले लोगों को गर्म पानी से सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि तापमान का सही अंदाजा न होने पर जलने का खतरा हो सकता है। इन स्थितियों में भी पैरों को पानी में भिगोने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है-
- पैरों में घाव या कट लगा हो।
- स्किन इंफेक्शन, रेडनेस या पस हो।
- पैरों में असामान्य या लगातार सूजन हो।
- पैरों में संवेदना कम हो।
- डायबिटीज में ब्लड शुगर हाई रहती हो।
- पैरों में तेज या लगातार दर्द हो।
निष्कर्ष
गर्म नमक वाले पानी में पैर भिगोना एक आसान और आरामदायक घरेलू रूटीन का हिस्सा हो सकती है। इससे थके पैरों को कुछ समय के लिए आराम, स्किन को मुलायम बनाने और पैरों की सफाई में मदद मिल सकती है। हालांकि, नमक वाला पानी फंगल इंफेक्शन, गंभीर दर्द, सूजन या कुछ मेडिकल समस्याओं का इलाज नहीं है। इन समस्याओं से राहत पाने केलिए आप डॉक्टर से कंसल्ट करें। ध्यान रखें कि पानी हमेशा गुनगुना हो और पैरों को लंबे समय तक न भिगोएं और बाद में अच्छी तरह पैरों को सुखा लें।
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FAQ
गर्म पानी में पैर रखने के क्या नुकसान हैं?
गर्म पानी में ज्यादा देर पैर रखने से त्वचा के प्राकृतिक तेल खत्म हो जाते हैं और स्किन ड्राई व बेजान हो सकती है।पैरों में सूजन होने के क्या कारण हैं?
पैरों में सूजन मुख्य रूप से शरीर में टिश्यू में फ्लूड या पानी जमा होने के कारण होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना, ज्यादा नमक का सेवन, प्रेग्नेंसी और मोटापा।
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Sep 17, 2026 11:20 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta