बालों के झड़ने की समस्या किसी को भी हो सकती है। इसके पीछे कई तरह के कारक जिम्मेदा होते हैं, जैसे हार्मोनल बदलाव, मौसमी परिवर्तन, प्रदूषण और बालों की साफ-सफाई न रखना। कई लोग हेयर फॉल को कम करने के लिए भृंगराज तेल का उपयोग करते हैं, तो कुछ आंवला के तेल को बेहतर समझते हैं। इसलिए, यह सवाल जरूर उठता है कि हेयर फॉल में इन दोनों तेलों में से ज्यादा बेहतर क्या है? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
भृंगराज बनाम आंवला तेलः हेयर फॉल कम करने के लिए किसे चुनें?
| भृंगराज | आंवला | |
| मुख्य लाभ |
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| किस प्रकार के हेयर फॉल में फायदेमंद? |
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| मिलने वाले पोषक तत्व | फ्लेवोनॉयड्स, फाइटोस्टेरॉल का अच्छा स्रोत। |
विटामिन C, टैनिन, अमीनो एसिड और शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत। |
| कब चुनें? |
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हेयर फॉल कम करने के लिए भृंगराज तेल के फायदे
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बालों के विकास में प्रभावशाली
International Journal of Sciences and Innovation Engineering (IJSCI) में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध पत्र के अनुसार, भृंगराज बालों के फॉलिकल्स को सक्रिय करता है, हेयर साइकिल की अनागेन (बढ़ने वाली) अवस्था को लंबा करता है और बालों के झड़ने की समस्या को कम करता है।
बालों को नाॅरिश करना
भृंगराज को ‘रूलर ऑफ हेयर’ भी कहा जाता है। असल में, बालों की बेहतर ग्रोथ के लिए सदियों से भृंगराज का उपयोग किया जा रहा है। यह बालों की जड़ों को मजबूती देता है, नाॅरिश करता है। इस तरह हेयर फॉल को भी कम करने में मदद करता है।
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ब्लड सर्कुलेशन में सुधार
भृंगराज तेल से स्कैल्प की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ऑक्सीजन सप्लाई में सुधार होता है। जाहिर है, ऐसे में बालों की जड़ों तक जरूरी पोषक तत्व पहुंचते हैं, जिससे हेयर फॉल में कमी आती है।
डैंड्रफ से राहत
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जिन लोगों के सिर में डैंड्रफ है, उन्हें भी हेयर फॉल का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर आप भृंगराज तेल से बालों की चंपी करते हैं, तो इसमें मौजूद एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल तत्व डैंड्रफ और इचिंग की समस्या को दूर करते हैं। इससे हेयर फॉल भी कंट्रोल में आता है। यही नहीं, स्कैल्प में आई सूजन भी कम होती है।
तनाव में कमी
कहने की जरूरत नहीं है कि कई बार बढ़ते तनाव के कारण भी हेयर फॉल होता है। दरअसल, तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है, जिसका प्रभाव समग्र स्वास्थ्य पर पड़ता है। बालों पर भी इसका नकारात्मक असर दिखता है। भृंगराज तेल से सिर की मसाज करने पर स्ट्रेस रिलीज होता है और दिमाग शांत होता है। नतीजतन, हेयर फॉल भी कम होता है।
हेयर फॉल कम करने के लिए आंवला के तेल के फायदे
जड़ों को मजबूती
आंवला के तेल फैटी एसिड पाया जाता है, जिससे बालों की जड़ों को मजबूती मिलती है। नियमित रूप से आंवला के तेल से स्कैल्प की मसाज करने से बालों को नाॅरिशमेंट मिलती है, जिससे बालों का झड़ना कम होता है। यही नहीं, Skin Appendage Disorders में प्रकाशित शोध के अनुसार, आंवला सहित रोजमेरी, प्याज का रस कद्दू के बीज का तेल, आंवला और अश्वगंधा जैसे हर्बल उपाय विभिन्न प्रकार के बाल झड़ने को रोकने में प्रभावी साबित हुई हैं।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में कमी
आंवला के तेल में विटामिन सी बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। यह एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है, जो बालों को फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसानों को कम करता है और हेयर फॉलिक को डैमेज होने से रोकता है। इस तरह, बालों के झड़ने की समस्या में भी कमी आती है।
ब्लड सर्कुलेशन में सुधार
आंवला के तेल से भी जब आप सिर की मसाज करते हैं, तो ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और हेयर फॉलिकल्स को सपोर्ट मिलता है। साथ ही, बालों की ग्रोथ भी बेहतर होती है। यही नहीं, आंवला के तेल का उपयोग करने से बालों के टूटने का जोखिम भी कम होता है।
स्कैल्प में सुधार
आंवला में एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व भी पाए जाते हैं, जो कि स्कैल्प में आई सूजन, इचिंग और डैंड्रफ की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद करता है। यही नहीं, आंवला में मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प के pH स्तर को भी संतुलित रखने में सहायक साबित होता है।
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भृंगराज और आंवला का तेलः हेयर फॉल में क्या है बेहतर?
विशेषज्ञ की मानें, तो दोनों ही तेल बालों के झड़ने को रोकने के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, आपको समझना होगा कि किसी बीमारी, अनुवांशिक समस्या या स्किन कंडीशन के कारण हो रहे हेयर फॉल को दोनों में से कोई भी तेल नहीं रोक सकता है। हां, जीवनशैली के कारण हो रहे फॉल को रोकने के लिए भृंगराज तेल फायदेमंद है, तो स्कैल्प की ड्राईनेस, डैंड्रफ से राहत दिलाने के लिए आंवला के तेल को उपयोगी माना जा सकता है। दरअसल, अपनी जरूरत के अनुसार अपने लिए तेल का उपयोग किया जा सकता है।
एक्सपर्ट की सलाह
दोनों ही तरह के तेलों का उपयोग कई सौ सालों से किया जा रहा है। इसके बावजूद, इस बात का ध्यान रखा जाना जरूरी है कि क्या यह तेल आपके लिए उपयोगी है? अगर किसी को स्कैल्प से जुड़ी समस्या है, स्कैल्प में सूजन की दिक्कत है या गंजेपन की शिकायत है, तो उन्हें इनमें से किसी भी तेल का इस्तेमाल खुद से अपने स्कैल्प पर न करें। इसके बजाय, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से सलाह लेकर सही मात्रा में उपयोग करने के सही तरीके के बारे में जान लेना चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आप कह सकते हैं कि दोनों ही तेल अपने-अपने विशेष क्वालिटी के जाने जाते हैं। दोनों का ही इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। इसी तरह, हेयर फॉल के कारणों को जानकर आप अपने लिए सही तेल का चुनाव कर सकते हैं। हां, अगर आपको इससे एलर्जी हो, तो बेहतर है कि आप इसका उपयोग करने से बचें। साथ ही, यह भी समझें कि अगर आपको किसी मेडिकल कंडीशन या दवाओं के प्रभाव के कारण हेयर फॉल हो रहा है, तो इस संबंध में डाॅक्टर से राय ले लें।
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FAQ
क्या भृंगराज या आंवला के तेल को रात भर लगाकर छोड़ना स्कैल्प के लिए नुकसानदायक हो सकता है?
कफ प्रकृति वाले लोगों या संवेदनशील स्कैल्प वालों के लिए रात भर तेल लगाकर छोड़ना सिरदर्द, सर्दी या पोर्स के बंद होने का कारण बन सकता है।क्या तिल का तेल भृंगराज तेल के साथ मिक्स करके लगाने से फायदा होता है?
हां, तिल का तेल तासीर में गर्म होता है और वात-कफ दोष को नियंत्रित करता है, इसलिए यह भृंगराज के साथ मिलकर नए बाल उगाने में ज्यादा मदद करता है।
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Sep 14, 2026 16:34 IST
Modified By : Meera Tagore Sep 14, 2026 16:34 IST
Modified By : Meera TagoreSep 14, 2026 16:34 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
