आज के समय में लोग मानसिक तनाव, एंग्जायटी और मानसिक थकान जैसी मानसिक समस्याओं से काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधीयों का इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य के लिए किसी खजाने से कम नहीं माना जाता है। आयुर्वेद में शंखपुष्पी का सेवन सेहत के लिए काफी प्रभावी माना गया है। खासकर, जब बात मानसिक स्वास्थ्य की आती है तो शंखपुष्पी का सेवन किसी वरदान से कम नहीं होता है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, शंखपुष्पी एक नेचुरल जड़ी-बूटी है, जो दिमाग को तरोताजा करके याददाश्त, एकाग्रता बढ़ाने और सीखने की क्षमता को तेजी से बढ़ाने में मदद करती है। यह न सिर्फ कॉर्टिसोल लेवल को कंट्रोल कर सकती है, बल्कि दिमाग को शांत करने में भी अहम भूमिका निभाती है।
दिमाग पर शंखपुष्पी का क्या असर होता है?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं, "शंखपुष्पी शीत वीर्य यानी ठंडी तासीर वाली होती है और थोड़ी निद्राजनक भी होती है। यह एक बहुत अच्छा ब्रेन टॉनिक है जो ब्रेन को स्ट्रेंथ और मजबूती देती है, यही इसका सबसे बड़ा फायदा है। यह आमतौर पर ओवरऑल कॉग्निटिव स्किल्स को इम्प्रूव करती है।"
शंखपुष्पी में कई एक्टिव तत्व पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और न्यूरोप्रोटेक्टिव यानी नर्व सेल्स को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इसके कुछ तत्व दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ये न्यूरोट्रांसमीटर दिमाग के सेल्स के बीच संदेश पहुंचाने का काम करते हैं।
साल 2022 में Evidence-Based Complementary and Alternative Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, आयुर्वेद में मेध्य केमिकल (nootropic) के रूप में शंखपुष्पी का इस्तेमाल तनाव, एंग्जाइटी, डिप्रेशन और तंत्रिका संबंधी विकारों को मैनेज किया जाता है।
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शंखपुष्पी लेने के फायदे
डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, शंखपुष्पी के सेवन से सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं, जैसे-
1. याददाश्त को बेहतर बनाए
आयुर्वेद में शंखपुष्पी का इस्तेमाल याददाश्त और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इसके सेवन से याददाश्त में सुधार हो सकता है।
2. एकाग्रता बढ़ाने में मददगार
जिन लोगों को किसी काम पर लंबे समय तक ध्यान लगाने में परेशानी होती है, उनके लिए शंखपुष्पी को उपयोगी माना जाता है। इसके कुछ तत्वों का दिमाग की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
3. मानसिक थकान से राहत
लगातार काम करने, नींद पूरी न होने और तनाव के कारण मानसिक थकान महसूस हो सकती है। शंखपुष्पी को आयुर्वेद में मानसिक शांति और आराम से जोड़कर देखा जाता है।
4. बेहतर नींद में फायदेमंद
शंखपुष्पी को दिमाग को शांत करने और अच्छी नींद के लिए जाना जाता है। ऐसे में यह माना जाता है कि इसका असर कुछ लोगों में रिलैक्सेशन से जुड़ा हो सकता है।
5. ब्रेन सेल्स को सुरक्षा देने की संभावना
शंखपुष्पी में मौजूद कुछ तत्वों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। ब्रेन सेल्स पर भी इसके सकारात्मक प्रभाव डाल सकते है।
शंखपुष्पी का सेवन कैसे किया जाता है?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि शंखपुष्पी का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे-
- शंखपुष्पी चूर्ण को पानी या दूध में मिलाकर पीया जा सकता है।
- शंखपुष्पी सिरप भी आप पी सकते हैं।
- शंखपुष्पी टैबलेट और कैप्सूल भी मार्केट में मौजूद है, जिसे आप डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।
शंखपुष्पी का सेवन करते समय रखें ये सावधानियां
डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, शंखपुष्पी नेचुरल जड़ी-बूटी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित होता है।
- प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- लो ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों को खास ध्यान रखना चाहिए।
- नींद की दवाएं, एंग्जायटी की दवाएं या अन्य नियमित दवाएं लेने वाले लोग डॉक्टर से कंसल्ट करें।
- इसका सेवन करने के बाद ज्यादा नींद या सुस्ती महसूस हो तो इस्तेमाल करना बंद कर दें और डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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स्ट्रेस कम करने के लिए शंखपुष्पी के साथ अपनाएं ये आदतें
डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अगर आप मानसिक तनाव और बेचैनी से परेशान हैं तो सिर्फ किसी जड़ी-बूटी पर निर्भर रहने के बजाय अपने रूटीन में भी बदलाव करें।
- रोजाना 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लें।
- सुबह या शाम 20 से 30 मिनट टहलने की आदत डालें।
- रोजाना कुछ मिनट मेडिटेशन और गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
- कैफीन और ज्यादा चाय-कॉफी के सेवन से बचने की कोशिश करें।
- संतुलित डाइट लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लें और मोबाइल का इस्तेमाल सीमित करें।
निष्कर्ष
शंखपुष्पी आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए किया जाता रहा है। लेकिन, अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या किसी तरह की दवा ले रहे हैं तो शंखपुष्पी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है।
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FAQ
क्या शंखपुष्पी का सेवन रोजाना किया जा सकता है?
हां, सामान्य स्वास्थ्य और मानसिक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए सीमित मात्रा में शंखपुष्पी का सेवन किया जा सकता है।क्या शंखपुष्पी लेने से कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है?
सामान्य मात्रा में शंखपुष्पी लेना पूरी तरह सुरक्षित होता है। हालांकि, इसकी ठंडी प्रकृति के कारण कफ या सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।
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Oct 31, 2026 20:44 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
