Tue Oct 20, 2026 | 04:11 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

पसीने की बदबू से हैं परेशान? आजमाएं ये 10 असरदार आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद‍ में मंजिष्ठा, पंचवल्कल जैसी कई जड़ी-बूट‍ियां हैं ज‍िनका इस्‍तेमाल शरीर या पसीने की बदबू को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है। आइए जानते हैं ऐसे 10 आयुर्वेद‍िक उपाय जो बदबू को कंट्रोल कर सकते हैं।
पसीने की बदबू से हैं परेशान? आजमाएं ये 10 असरदार आयुर्वेदिक उपायपसीने की बदबू से हैं परेशान? आजमाएं ये 10 असरदार आयुर्वेदिक उपाय

पसीने की बदबू दूर करने के ल‍िए आयुर्वेद में कई उपाय बताए गए हैं ज‍िनकी मदद से शरीर की दुर्गंध को दूर कर सकते हैं। अंडरआर्म्स, पैरों और शरीर के उन हिस्सों में जहां पसीना ज्यादा जमा होता है, दुर्गंध महसूस हो सकती है। इसे दूर करने के ल‍िए कई आयुर्वेद‍िक जड़ी बूट‍ियां जैसे पंचवल्‍कल, नीम की पत्तियां, गुलाब जल, मुलेठी, मंजिष्ठा, चंदन, एलोवेरा जेल, तुलसी, पान का पत्ता, कस्‍तूरी हल्‍दी मौजूद हैं। आपको बता दें क‍ि पसीने में बदबू नहीं होती है, शरीर में मौजूद बैक्‍टीर‍िया जब पसीने के संपर्क में आते हैं, तो बदबू पैदा करते हैं। आयुर्वेद‍िक एक्‍सपर्ट से जानें शरीर की बदबू दूर करने के ल‍िए इन आयुर्वेद‍िक उपायों का इस्‍तेमाल कैसे करें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

पसीने की बदबू दूर करने के आयुर्वेद‍िक उपाय  
1. पंचवल्‍कल (पांच वृक्षों की छाल) 2. नीम की पत्तियां
3. गुलाब जल 4. मुलेठी
5. मंजिष्ठा 6. चंदन 
7. एलोवेरा जेल 8. तुलसी
9. पान का पत्ता 10. कस्‍तूरी हल्‍दी

1. पंचवल्कल में पांच वृक्षों की छाल का इस्‍तेमाल

पंचवल्कल, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का एक पारंपरिक मिश्रण है, जिसमें पांच पेड़ों की छाल शामिल होती हैं। इसकी छालों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो ठंडक देते हैं, बैक्‍टीर‍िया के ख‍िलाफ लड़ते हैं और पसीने की बदबू को दूर करने में मदद करते हैं। पंचवल्कल में पांच वृक्षों की छाल का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है ज‍िसमें वट, गूलर, पीपल, पाकड़, पीपल शाम‍िल हैं। इनके संयोजन से बने म‍िश्रण से शरीर की बदबू को दूर करने में मदद म‍िल सकती है।

साल 2014 में Ayu में प्रकाश‍ित एक अध्‍ययन के मुताब‍िक, पंचवल्कल में एंटीमाइक्रोब‍ियल गुण होते हैं। इसका प्रभाव हर्बल क्रीम के रूप में घाव पर देखा गया। अध्ययन में पाया गया कि पंचवल्कल क्रीम के इस्तेमाल के बाद घाव में सूजन, रेडनेस, दर्द, स्राव और बदबू कम हुई।

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2. नीम की पत्तियां

नीम की पत्तियां में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके इस्‍तेमाल से सूजन और शरीर की बदबू को कम करने में मदद म‍िल सकती है। नीम की पत्तियां को साफ पानी में उबालकर ठंडा कर लें। इसके बाद इसे स्‍प्रे बोतल में भरकर शरीर पर लगा सकते हैं।

3. गुलाब जल

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गुलाब जल की मदद से बैक्‍टीर‍ियल ग्रोथ को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और शरीर की बदबू दूर होती है। गुलाब की पंखुड़ि‍यों को पानी में उबालकर अर्क तैयार करें और उसे स्‍प्रे बाेतल में भरकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। बाजार में म‍िलने वाले गुलाब‍ जल का इस्‍तेमाल बदबू को दूर करने के ल‍िए नहीं करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि उसमें केमि‍कल्‍स मौजूद होते हैं।

4. मुलेठी

मुलेठी एक पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसमें मौजूद कुछ यौगिकों के रोगाणुरोधी गुणों की मदद से शरीर की बदबू को दूर करने में मदद म‍िलती है। मुलेठी के अर्क से बनने वाले पानी का इस्‍तेमाल शरीर की बदबू को दूर करने के ल‍िए क‍िया जा सकता है।

साल 2010 में Iranian Journal Of Pharmaceutical Research में प्रकाश‍ित एक अध्‍ययन के मुताब‍िक, मुलेठी की पत्तियों और जड़ों के अर्क की मदद से पसीने की बदबू को दूर करने में मदद म‍िलती है। संक्रमण में मुलेठी का इस्‍तेमाल असरदार बताया गया है।

5. मंजिष्ठा

मंजिष्ठा का आयुर्वेद में पारंपरिक इस्तेमाल होता है। इसके अर्क से पसीने की बदबू को दूर करने के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। मंजिष्ठा के पाउडर को नहाने के पानी में म‍िला सकते हैं या इसके पानी को छानकर त्‍वचा के उस ह‍िस्‍से में लगा सकते हैं जहां से पसीने की बदबू ज्‍यादा आती है।

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6. चंदन का इस्तेमाल करें

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चंदन का पारंपरिक इस्तेमाल त्वचा की देखभाल और सुगंध के लिए होता है। इसकी खुशबू ताजगी का एहसास दे सकती है। चंदन के लेप को त्‍वचा पर लगा सकते हैं या चंदन के पाउडर को नहाने के पानी में म‍िलाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

7. एलोवेरा जेल लगाएं

एलोवेरा का इस्तेमाल त्वचा को नमी देने के लिए किया जाता है। यह त्वचा की ड्राईनेस को कम करता है और पसीने की बदबू को दूर करता है। एलोवेरा जेल को त्‍वचा पर लगाने से सूजन कम होती है, ठंडक म‍िलती है और त्‍वचा की बदबू दूर करने में मदद म‍िलती है।

8. तुलसी का इस्‍तेमाल करें

तुलसी आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख वनस्पतियों में से एक है। तुलसी के अर्क में एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं ज‍िससे बैक्‍टीर‍ियल ग्रोथ को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। तुलसी को नहाने के पानी में म‍िलाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं या इसके अर्क से बने पानी को त्‍वचा पर स्‍प्रे कर सकते हैं।

9. पान का पत्ता

आयुर्वेद में पान के पत्तों का इस्‍तेमाल पसीने की बदबू को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है। इसमें एंटीमाइक्रोब‍ियल गुण पाए जाते हैं। पानी के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी को नहाने के पानी में म‍िला सकते हैं या पान के पत्ते का पानी स्‍प्रे बोतल में भरकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

10. कस्तूरी हल्दी

कस्तूरी हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। हल्दी में सूजनरोधी और एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं। कस्तूरी हल्दी से पसीने की बदबू दूर होती है।

न‍िष्‍कर्ष:

पसीने की बदबू को दूर करने के ल‍िए आयुर्वेद में कई उपाय बताएं गए हैं जैसे पंचवल्‍कल यानी पांच वृक्षों की छाल का इस्‍तेमाल, नीम की पत्तियां, गुलाब जल, मुलेठी, मंजिष्ठा, चंदन, एलोवेरा जेल, तुलसी, पान का पत्ता, कस्‍तूरी हल्‍दी वगैरह। इन जड़ी-बूटि‍यों का अर्क, पाउडर और लेप का इस्‍तेमाल कई तरीकों से शरीर की दुर्गंध दूर करने के ल‍िए क‍िया जा सकता है। अगर त्‍वचा से संबंध‍ित कोई बीमारी है, तो डॉक्‍टर की सलाह के बगैर इन आयुर्वेद‍िक उपायों का इस्‍तेमाल न करें।

image credit: magnific

FAQ

  • पैरों से पसीने की बदबू क्यों आती है?

    पैरों में पसीने की ग्रंथियां ज्‍यादा होती हैं। बंद जूते और मोजे पहनने से नमी बनी रह सकती है जिससे बैक्टीरिया बढ़ने और बदबू आने की संभावना होती है।
  • क्या दवाओं के कारण पसीने से बदबू आ सकती है?

    कुछ दवाएं पसीना बढ़ा सकती हैं या शरीर की गंध में बदलाव ला सकती हैं। अगर क‍िसी नई दवा का सेवन शुरू करने के बाद ऐसा होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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    Oct 20, 2026 14:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Oct 20, 2026 14:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma