आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, इनमें पेट फूलना और गैस बनना सबसे आम समस्या है। कई लोगों को खाना खाने के बाद पेट भारी लगने लगता है, डकारें आने लगती हैं और पेट में अजीब सी सूजन महसूस होती है। कभी-कभी यह समस्या इतनी असहज हो जाती है कि व्यक्ति ठीक से बैठ भी नहीं पाता। अक्सर लोग इसे छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार पेट फूलना इस बात का संकेत हो सकता है कि डाइजस्टिव सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। आयुर्वेद के अनुसार, पेट फूलने की वजह हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती, शरीर में मौजूद वात, पित्त और कफ नामक दोषों का असंतुलन अलग-अलग प्रकार की पाचन समस्याएं पैदा कर सकता है। इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, पेट फूलने की समस्या में कौन सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी असरदार है?
पेट फूलने की समस्या में कौन सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी असरदार है?
आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन प्रमुख दोष होते हैं वात, पित्त और कफ। जब इनमें से कोई भी दोष असंतुलित हो जाता है तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं। पेट फूलना और गैस बनना मुख्य रूप से वात और कफ दोष के असंतुलन से जुड़ा होता है। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का पेट फूलना वात दोष के कारण हो रहा है तो कुछ खास आयुर्वेदिक मसालों और जड़ी-बूटियों का उपयोग बहुत फायदेमंद हो सकता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं हींग, अजवाइन और जीरा।
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1. हींग को आयुर्वेद में गैस और पेट दर्द के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। यह पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ आंतों में बनने वाली गैस को कम करने में मदद करती है। वहीं अजवाइन भी पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। इसमें मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करते हैं और गैस बनने से रोकते हैं।
2. जीरा भी पाचन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। भोजन में जीरे का उपयोग करने से पेट हल्का रहता है और गैस की समस्या कम होती है। इन तीनों का नियमित और संतुलित उपयोग वात के कारण होने वाली पेट फूलने की समस्या में राहत दे सकता है।
3. वात दोष के कारण होने वाली गैस और पेट फूलने की समस्या में पुदीना और धनिया का उपयोग भी काफी लाभदायक माना जाता है। पुदीना में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन तंत्र को शांत करते हैं और पेट की ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं।
4. वहीं धनिया भी पाचन तंत्र के लिए काफी लाभकारी होता है। धनिया के बीजों का पानी या धनिया की चाय पाचन को बेहतर बनाती है और पेट में बनने वाली गैस को कम करने में मदद करती है।
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कफज के कारण पेट फूलने की समस्या में उपयोगी जड़ी-बूटियां
अगर पेट फूलने की समस्या अपच या कफ दोष के कारण हो रही है तो इसके लिए कुछ अलग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां उपयोगी मानी जाती हैं। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार ऐसी स्थिति में हींग, वच और हरड़ का उपयोग किया जा सकता है।
1. हींग पाचन को सुधारने में मदद करती है, जबकि वच (Acorus calamus) को आयुर्वेद में पाचन तंत्र को सक्रिय करने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। यह पेट में जमा कफ को कम करने और अपच की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकती है।
2. हरड़ भी आयुर्वेद की जरूरी औषधियों में से एक है। इसे पाचन सुधारने, कब्ज कम करने और पेट को साफ रखने के लिए उपयोग किया जाता है। हरड़ का नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट की समस्याओं में राहत मिल सकती है।
3. कफ दोष से जुड़ी पेट की समस्याओं में सोंठ, पिपली और काली मिर्च का उपयोग भी बेहद लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद में इन तीनों को मिलाकर बनने वाले संयोजन को पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए जाना जाता है।
4. सोंठ यानी सूखी अदरक शरीर में गर्माहट पैदा करती है और पाचन क्रिया को तेज बनाती है। यह पेट में जमा कफ को कम करने और गैस को बाहर निकालने में मदद करती है। पिपली को आयुर्वेद में अग्नि को बढ़ाने वाली औषधि कहा गया है। यह पाचन शक्ति को मजबूत करती है और अपच की समस्या को कम करने में मदद करती है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि पेट फूलने की समस्या से बचने के लिए सिर्फ जड़ी-बूटियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ लाइफस्टाइल और खान-पान में भी सुधार करना जरूरी है। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए। खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। अगर पेट फूलने की समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है।
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Mar 06, 2026 18:28 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Mar 06, 2026 18:28 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma