HIIT vs LIIT : हाई-इंटेंसिटी या लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग? जानें कौन सा वर्कआउट है आपके लिए बेस्‍ट

क्‍या आप भी फिटनेस के प्रति उत्‍साही हैं? आइए यहां हम आपको हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)और लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग(LIIT)के बीच का फर्क। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Feb 07, 2020Updated at: Feb 07, 2020
HIIT vs LIIT : हाई-इंटेंसिटी या लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग? जानें कौन सा वर्कआउट है आपके लिए बेस्‍ट

दुनिया भर में फिटनेस को ध्‍यान में रखते हुए लोग नियमित रूप से हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) के करते हैं और उसके मिलने वाले फायदों का लाभ उठाते हैं।  हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग को सबसे प्रभावी वर्कआउट्स में से एक माना गया है, जो कि तेजी से फैट बर्न करने और मसल्‍स बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन क्‍या आप लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग करने का विचार करते हैं? अगर नहीं, तो अब कीजिए क्‍योंकि इसे सही ढंग से अगर किया जाए, तो यह उतना ही प्रभावी है।

हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)और लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग(LIIT) दोनों ही काफी अच्‍छे वर्कआउट हैं, लेकिन ये एक दूसरे से काफी विपरीत हैं। यदि किसी कारण से आपको तेजी  वाली कसरत करने में परेशानी होती है या आपको पसीने से तर होना अच्‍छा नहीं लगता, तो आप लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग चुनें। आइए यहां हम आपको हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग और लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग के बीच का प्रमुख अंतर और फायदे बताएंगे।

हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)

HIIT

हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग में रिकवरी पीरियड्स के साथ वैकल्पिक रूप से तेजी के साथ वर्कआउट सेशन किए जाते हैं। आप हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग में किसी भी तरह का व्यायाम कर सकते हैं, आपको बस अपना अधिकतम प्रयास तब करना होगा, जब आप चरम पर हों और फिर 5 मिनट का ब्रेक लें। इस तरह की कसरत आपके हार्ट रेट को बढ़ाती है, जिससे आपके शरीर को कैलोरी बर्न करने में तेजी से मदद मिलती है। हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है, जो कम समय में अधिकतम कैलोरी बर्न करना चाहते हैं। 3व मिनट की रोजाना एक्‍सरसाइज आपको कई फायदे पहुंचाएगी। 

लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग(LIIT)

LIIT

लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग, हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग के ही समान है, फर्क बस यह कम तीव्रता से किया जाता है। लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग को करने में अधिक समय लगता है और रिकवरी का समय लंबा होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह कम प्रभावी है। लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग व्‍यक्ति की गतिशीलता को बढ़ाने, ताकत और हृदय की धीरज में सुधार करने में मददगार है।

हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग बनाम लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग

हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग और लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग मे सबसे बड़ा अंतर है कि   LIIT वर्कआउट से  HIIT के समान परिणाम प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक अभ्‍यास की जरूरत होती है। लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग में आपको हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग की तुलना में वर्कआउट की स्‍पीड को कम रखना पड़ता है। HIIT में आप स्प्रिंट कर सकते हैं, जबकि LIIT में आप जॉगिंग कर सकते हैं।

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कौन सा वर्कआउट है ज्‍यादा फायदेमंद? 

1. हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग करने से कई बार आपकी मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और इससे शरीर में कोर्टिसोल का उत्पादन बढ़ सकता है और आप जल्दी थक सकते हैं। इसलिए कुछ गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति वाले लोगों के लिए लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग ज्‍यादा फायदेमंद है। हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग कुछ मामलों में जोड़ों के दर्द और अन्‍य मुद्दों को जन्‍म दे सकता है। यदि आपको जोड़ों में दर्द की समस्‍या है, तो आप लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग ही चुनें। 

2. HIIT एक एथलीट वर्कआउट है, जो कि एथलीट को बेहतर प्रदर्शन में मदद करता है। हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट आपकी मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। लेकिन यह मांसपेशियों की सूजन का कारण भी बन सकता है। 

3. HIIT और LIIT दोनों को बिना किसी उपकरण के साथ की जाती हैं, लेकिन वे आपके शरीर को अलग तरह से चुनौती देती हैं। हाल के एक अध्ययन के अनुसार, लो-इंटेंसिटी एक्‍सरसाइज करना आपको एरोबिक अवस्था में डालता है, जो एनारोबिक एक्‍सरसाइज की तुलना में फैट को तेजी से बर्न करता है। यदि आप तनाव से पीड़ित हैं तो HIIT आपके लिए हानिकारक हो सकता है, यह कोर्टिसोल उत्पादन को बढ़ाएगा, इसलिए LIIT एक सुरक्षित विकल्प है।

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4. HIIT और LIIT दोनों ही समान कैलोरी बर्न करते हैं, बस इनके समय और गति में केवल फर्क है। यदि आप 30 मिनट के लिए HIIT करते हैं, तो एक घंटे के लिए LIIT करने के से आपको समान परिणाम मिलेंगे। 

आप अपनी सुविधा और सेहत के अनुसार अपने वर्कआउट को चुनें क्‍योंकि यह आपकी सेहत पर ही निर्भर करता है कि आपके लिए कौन सा वर्कआउट बेस्‍ट है। 

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