प्रेगनेंसी में हीमोग्लोबिन कम होना हो सकता है शिशु के लिए खतरनाक, जानें इसका महत्व और बढ़ाने के उपाय

हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जरूरी है। प्रेगनेंसी में हीमोग्लोबिन की कमी का बच्चे के विकास पर असर पड़ता है। 

 
Monika Agarwal
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: Oct 09, 2021
प्रेगनेंसी में हीमोग्लोबिन कम होना हो सकता है शिशु के लिए खतरनाक, जानें इसका महत्व और बढ़ाने के उपाय

गर्भावस्था के दौरान एनीमिया (Anemia) होना साधारण बात है। लेकिन ज्यादा आयरन और पोषक तत्वों की कमी के कारण यह स्थिति गंभीर हो सकती है। जिसकी वजह से आप कमजोरी व थकान महसूस कर सकती हैं। असल में जब गर्भवती महिला को एनीमिया (Anemia) होता है तो उसके शरीर में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की कमी हो जाती है। हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) फेफड़ों (Lungs) से ऑक्सीजन आपके पूरे शरीर तक फैलाता है। गर्भ काल के दौरान बच्चे तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाना भी हीमोग्लोबिन का ही काम होता है। इसलिए डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान आपके हीमोग्लोबिन लेवल (Hemoglobin Level) को जरूर चेक करते रहते है। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, सीनियर कंसल्टेंट एंड गाइनेकोलॉजिस्ट, डॉ रंजना बेकन के मुताबिक पहले और तीसरे तिमाही में गर्भवती महिला में 11 g/dl से अधिक हीमोग्लोबिन होना चाहिए। यदि महिला का हीमोग्लोबिन लेवल (Hemoglobin Level) कम होगा तो बच्चा वजन में कम हो सकता है या समय से पहले बच्चे का जन्म भी हो सकता है। इसलिए ऐसे में हीमोग्लोबिन लेवल का ध्यान रखना चाहिए।

हीमग्लोबिन लेवल कम होने के कुछ लक्षण (Symptoms Of Low Hemoglobin Level)

अगर आप गर्भवती हैं तो आपको इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि ये सब आपको चेतावनी देते हैं कि आपका हीमोग्लोबिन लेवल कम है।

  • स्किन और मसूड़ों का पीला हो जाना
  • मसल्स में कमजोरी आना और शरीर में जान न महसूस होना
  • बार बार सिर में दर्द होता रहना
  • धड़कन का अनियमित हो जाना
  • किसी भी चीज में ध्यान लगाने में समर्थ न हो पाना
  • सांस लेने में बहुत साहस लगना।

अगर आप यह सब लक्षण देख पा रही हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए। 

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हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने के सही तरीके (Healthy Ways To Improve Hemoglobin Level)

  • आयरन से युक्त खाने को अपनी डाइट में शामिल करें
  • अगर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल कम हो गया हैं तो आपको वह चीजें खानी शुरू कर देनी चाहिए जो आयरन से भरपूर हो। 
  • इसके लिए आप फल और सब्जियां जैसे स्प्राउट, मटर, ब्रोकली, टमाटर का सेवन करें। 
  • कुछ ड्राई फ्रूट जैसे लें किशमिश, पीनट, बादाम, खजूर आदि खायें।
  • कुछ अनाज जैसे गेहूं, बाजरा, ओट्स, जौ आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

विटामिन सी से युक्त खाद्य पदार्थ

विटामिन सी आप जो चीजें खा रही हैं उनके अंदर मौजूद आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है। इससे आपके शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल भी बढ़ता है। इसके कुछ अच्छे स्रोत हैं, फूल गोभी, हरी मिर्च, कीवी, स्ट्रा बेरी, पालक, आलू और टमाटर का रस आदि।

दवाइयां और सप्लीमेंट

आपके डॉक्टर आपके हीमोग्लोबिन लेवल को चेक करने के बाद अगर हीमोग्लोबिन लेवल कम पाते हैं तो गर्भवती को आयरन की कुछ दवाइयां और कुछ सप्लीमेंट्स खाने की सलाह देते हैं। जो आपको रोजाना खानी होंगी।

विटामिन्स का सेवन करें

कुछ विटामिन्स भी आपके शरीर के लिए जरूरी होते हैं, जो आपके हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं, जैसे विटामिन बी 12। इन सभी विटामिन्स का सेवन करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आयरन की कमी के कारण इन सब आवश्यक विटामिन की भी आप के शरीर में कमी होनी शुरू हो जाती है। इसलिए आपको इस प्रकार के विटामिन्स की लिस्ट अपने डॉक्टर से बनवा लेनी चाहिए ताकि आप समय समय पर पर्याप्त खाना खा पाएं और सारे पोषण की कमी पूरी कर पाएं।

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इंजेक्शन के माध्यम से

बहुत सी महिलाएं ओरल सप्लीमेंट ले नहीं पाती हैं और प्रेग्नेंसी के लक्षण जैसे उल्टी, दस्त आदि के कारण उनका सारा आयरन वापिस बाहर निकल जाता है। इसलिए ऐसी महिलाओं को इंजेक्शन के माध्यम से भी आयरन सप्लीमेंट दिया जा सकता है। ताकि एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सके।

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अगर आपका हीमोग्लोबिन लेवल कम है तो यह आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए आपको थोड़े बहुत लक्षण दिखते ही डॉक्टर के पास जरूर चेक करवाना चाहिए। अपने लिए एक अलग से डाइट चार्ट बनवा लेना चाहिए ताकि आप दोनों सुरक्षित रह सकें। आप को इस स्थिति में अपने खान पान का ही विशेष ध्यान रखना होता है। इस तरह से आप एनीमिया से भी बच सकती है।

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