कब आती है मांसपेशियों में कमजोरी? जानें कारण, लक्षण और उपाय

मांसपेशियों में कमजोरी आने से अकसर हमारी कार्यक्षमता में भी रुकावट आने लगती है। ऐसे में जानते हैं इनके लक्षण, कारण और बचाव...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jan 04, 2021Updated at: Jan 04, 2021
कब आती है मांसपेशियों में कमजोरी? जानें कारण, लक्षण और उपाय

मांसपेशियों में कमजोरी आना यानी मांसपेशियों की गतिविधियों का ठीक से काम ना करना। यह समस्या एक आम समस्या है जो उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो ज्यादा काम करने के कारण या शरीर में ताकत ना होने के कारण होती है। जब किसी व्यक्ति की मांसपेशियों में कमजोरी आती है तो उसके शरीर में गिरावट, जलन, शरीर में मरोड़, ऐंठन आदि लक्षण महसूस होते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मांसपेशियों की कमजोरी के क्या कारण हैं? कैसे बचाव किया जा सकता है? इसके लक्षण क्या हैं? पढ़ते हैं आगे...

muscles weakness

मांसपेशियों में कमजोरी के लक्षण (Symptoms of Muscles Weakness) 

मांसपेशियों की कमजोरी के लक्षण निम्न प्रकार हैं

1- सांस लेने में दिक्कत।

2- चलने में तकलीफ महसूस होना।

3- चेहरे की हादसा बदलने में परेशानी।

4- लेटने के बाद सिर को ना उठा पाना।

5- बोलने में दिक्कत महसूस करना।

6- चलाने में परेशानी महसूस करना।

7- निगलने में परेशानी होना।

8- मांसपेशियों में दर्द होना।

9- मांसपेशियों में ऐंठन महसूस करना।

10- मांसपेशियों में ऊर्जा का ना रहना।

बता दें कि मांसपेशियों में कमजोरी होना ही सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।

मांसपेशियों की कमजोरी से किन बीमारियों का सामना करना पड़ता है 

1- शरीर में खून की कमी होना।

2- पोलियो हो जाएगा।

3- स्ट्रोक का खतरा।

4- थायराइड का बढ़ना।

5- बहुत लंबे समय तक कोई शारीरिक गतिविधि का ना करना।

6- हर वक्त थकान महसूस करना यानी क्रॉनिक फॉटिग सिंड्रोम।

7- नसों का दर्द यानी न्यूरोलॉजिया।

8- शरीर में कैल्शियम की कमी होना यानी हाइपर्कैल्सीमिया।

9- मांसपेशियों में खिंचाव की कमी आ जाना यानी हाइपोटोनिया।

क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द (causes of muscles weakness)

मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द निम्न कारणों से हो सकता है-

1- किसी व्यक्ति को किसी बीमारी का शिकार हो जाने पर या एक्सीडेंट होने पर गतिविधियों के ना कर पाने की स्थिति में यह दर्द उत्पन्न हो सकता है।

2- कोई व्यक्ति गलत आहार जैसे कि विटामिंस, मिनरल्स की कमी आदि के कारण भी मांसपेशियों में दर्द का शिकार हो जाता है।

3- अधिक मात्रा में परिश्रम करते हैं भी इस समस्या का शिकार हो जाते हैं।

4- दिमागी रोग जैसे कि डिप्रेशन आदि के कारण मस्तिष्क में कमजोरी आ जाती है।

5- खेल के दौरान चोट लगने से मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है।

मांसपेशियों में कमजोरी के बचाव( precautions of muscles weakness)

1- ज्यादातर जो लोग गतिविधियां करते हैं वे अपनी मांसपेशियों को आराम दें। साथ ही जब भी वह हाथों की एक्सरसाइज करें तो थोड़ी देर बाद हाथों को स्ट्रेच करना ना भूलें। जब तक शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है तब तक काम बिल्कुल ना करें।

2- कुछ लोगों को मांसपेशियों के गलत तरीके से उपयोग करने पर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में उनकी मांसपेशियों में कमी आ जाती है। जब भी आप भारी सामान उठाएं तो सही तरीके का इस्तेमाल करें। ताकि मांसपेशियों में मोच आने की संभावना कम हो जाए। खासकर कंधे की मांसपेशियों का ज्यादा ध्यान रखें।

3- अगर आप हाथों की ताकत को बनाए रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से व्यायाम करें। अपनी दिनचर्या में हल्की वजन उठाने वाली एक्सरसाइज को डालें। और इसकै वजन धीरे-धीरे बढ़ाते रहें, जिससे कि हाथों की ताकत भी बड़े।

4- जब आप मांसपेशियों को अच्छे से स्ट्रेच करते हैं तो उनमें खून का प्रभाव सही प्रकार से होता है। ऐसे में मांसपेशियों की ना केवल मरम्मत होती है बल्कि उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है।

5- अगर हाथों की मांसपेशियां कमजोर है तो इसके लिए फिजियोथैरेपी की मदद ले सकते हैं। 

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मांसपेशियों के लिए होने वाला परीक्षण (Test for Muscles Weakness)

1- डॉक्टर कमजोर मांसपेशियों का पता लगाने के लिए शारीरिक परीक्षण की मदद लेते हैं। इसके लिए वे मांसपेशियों को दबाकर या उन्हें चला कर देखते हैं, जिससे उनमें सूजन या दर्द का पता चलता है।

2- जब इस प्रकार के लक्षण दिखते हैं तो मांसपेशियों के लिए डॉक्टर सेंट्रल नर्वस सिस्टम की जांच करते हैं।

3- संक्रमण और समस्या की जांच के लिए ब्लड टेस्ट भी होता है।

4- इसके अलावा डॉ इलेक्ट्रोमायोग्राफी की मदद से मांसपेशियों में तंत्रिकाओं के कार्य की जांच करते हैं।

5- सीटी स्कैन और एमआरआई के माध्यम से शरीर के अंदरूनी भागों की जांच की जाती है।

6- तंत्रिकाओं के काम को देखने के लिए उनका परीक्षण किया जाता है।

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मांसपेशियों में कमजोरी का इलाज क्या है-

अंडे का सेवन

अंडे के अंदर प्रोटीन पाया जाता है, जिससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। ऐसे में नाश्ते में रोज अंडे खाना मांसपेशियों की कमजोरी को दूर कर सकता है।

पानी की सही मात्रा बनाए रखना

शरीर में पानी की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। ऐसे में अगर आप मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो रोजाना 10 गिलास पानी पिएं और फलों में तरबूज और खरबूज खाएं।

केले का सेवन

केले के अंदर भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जिससे मांसपेशी की समस्या दूर हो सकती है। ऐसे में नियमित रूप से दो केले खाएं, जिससे शरीर में पोटेशियम की मात्रा पूरी हो सके।

व्यायाम के माध्यम से

अगर आपने पैदल चलेंगे या टहलने की आदत डालेंगे, तैरने, जोगिंग, साइकिल चलाएंगे तो मांसपेशियों में कमजोरी आती है। साथी व्यायाम करने से इन्हें मजबूती मिलती है।

नोट- मांसपेशियों में अधिक मात्रा में कमजोरी आ जाती है तो डॉक्टर फिजिकल थेरेपी के अलावा ऑक्यूपेशनल थेरेपी की भी सलाह देते हैं। इससे ना केवल मांसपेशियों में मजबूती आती है बल्कि खोई हुई ताकत भी वापस लौट आती है। ऐसे में अगर आपको लगे कि आपकी मांसपेशियों में ज्यादा कमजोरी आ रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

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