पहली बार मैंने शिमला में कीवी खाया था, इससे पहले मुझे कीवी के बारे में कुछ भी पता नहीं था। कीवी का खट्टा स्वाद मुझे पसंद नहीं आया, लेकिन मां ने बताया कि बहुत हेल्दी होता है, तो मैंने कुछ कहे बगैर उसे खा लिया था। जब मैं जयपुर में रहती थी, तो यह फल मुझे कभी मंडी में दिखाई नहीं दिखा, अब तो लगभग हर फल के ठेले पर कीवी नजर आ सकता है। पहले के दिनों में कीवी एक्जॉटिक फल (Exotic Fruit) कहलाता था, यह आसानी से देखने को नहीं मिलता था, पर अब एवोकाडो हो या कीवी, लोकल मार्केट में सब कुछ मिल जाता है। मेरे घर के पास स्थित एक मॉल में मैंने गोल्डन और हरी दोनों कीवी देखी, तब जाकर मुझे दोनों के बारे में पता चला। मुझे लगता था कि कीवी का रंग केवल हरा हो सकता है। अच्छी सेहत के लिए यह जानना जरूरी है कि हरी और गोल्डन कीवी के रंग में ही अंतर है इनके बीच कोई और अंतर भी है जो हेल्थ को फायदे या नुकसान पहुंचा सकता है? इस लेख में जानेंगे कि हरे और ग्रीन कीवी में से सेहत के लिए क्या ज्यादा हेल्दी है?
हरी और गोल्डन कीवी दोनों ही हैं सेहत के हीरो
Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया कि हरी और गोल्डन दोनों कीवी में कैलोरी की मात्रा लगभग एक जैसी होती हैं। दोनों ही कीवी में विटामिन सी, ई, पोटेशियम, फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। दोनों ही हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। दोनों ही प्रकार के कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, तो आप इसे वेट लॉस डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। दोनों कीवी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
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हरी कीवी में फाइबर ज्यादा होता है
- हरी कीवी में गोल्डन कीवी के मुकाबले फाइबर ज्यादा होता है।
- ज्यादा फाइबर के कारण यह पाचन, कब्ज और आंतों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा असरदार मानी जाती है।
गोल्डन कीवी में शुगर ज्यादा होती है
- गोल्डन कीवी का स्वाद हरी कीवी से ज्यादा मीठा होता है क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। साथ ही ग्रीन कीवी के मुकाबले, इसमें फाइबर की मात्रा कम होती है।
- गोल्डन कीवी में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है।
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हरी या गोल्डन कीवी: क्या है ज्यादा हेल्दी?- Green Vs Golden Kiwi

Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि कीवी हरी हो या गोल्डन दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। अगर पाचन सुधारना है और फाइबर चाहिए, तो ग्रीन कीवी चुनें और अगर कीवी का मीठा स्वाद ज्यादा पसंद है, तो गोल्डन कीवी चुनें। दोनों की कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसे खाकर शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। किसी भी कीवी को चुनने से भी ज्यादा जरूरी है यह जानना कि आप कैसे कीवी को चुन रहे हैं? अगर कीवी स्मूद दिख रहा है और उसकी स्किन पर ज्यादा दाग नहीं है, तो मतलब कीवी फ्रेश और हेल्दी है। अगर कीवी छूने पर सख्त लगे, तो मतलब वह कच्चा है। कच्चे कीवी से खुशबू नहीं आएगी और इसे खाकर पेट दर्द हो सकता है इसलिए पका हुआ कीवी ही खाएं।
निष्कर्ष:
हरी या गोल्डन दोनों कीवी ही सेहत केे लिए फायदेमंद हैं। गोल्डन कीवी में शुगर ज्यादा होता है और हरी कीवी में फाइबर ज्यादा होता है। दोनों का ही ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे कीवी को चुनें जो ताजा हो और छूने पर ज्यादा सख्त न हो।
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FAQ
एक दिन में कितने कीवी खा सकते हैं?
दिनभर में एक से दो कीवी खा सकते हैं। कीवी विटामिन सी और फाइबर से भरपूर होता है, सर्दियों में इसे खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है।कीवी खाने का सही समय क्या है?
कीवी को सुबह या दोपहर के समय खा सकते हैं। कुछ लोगों को इसे खाकर पाचन की समस्या होती है इसलिए इसे खाली पेट खाने से बचना चाहिए।कीवी खाने के क्या फायदे हैं?
कीवी खाने से पाचन सुधरता है, हार्ट डिजीज का खतरा दूर होता है, हाई बीपी की समस्या कम होती है और प्लेटलेट काउंट बेहतर होता है।
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Feb 20, 2026 16:40 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 20, 2026 16:40 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 20, 2026 16:40 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha