मेरे घर में अदरक का सूप शौक से पिया जाता है। हमारे यहां, अदरक को सलाद में भी शामिल किया जाता है। मेरे दादाजी अदरक के पानी का सेवन करते थे और दादी लड्डू बनाते वक्त उसमें थोड़ा सा अदरक मिला देती थीं। अदरक में मौजूद जिंजरोल, पाचन एंजाइम को एक्टिव करते हैं। सही मात्रा में अदरक का सेवन पेट को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में बेहद फायदेमंद हो सकता है। अदरक में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, यह गले की खराश, सर्दी और खांसी में असरदार माना जाता है। पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए भी इसके फायदे बेमिसाल हैं।
Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया कि अदरक का वैज्ञानिक नाम जिंगिबर ऑफिसिनेल (Zingiber Officinale) है। आयुर्वेद में इसे शुंठी कहा जाता है। इसे गिलोय और त्रिफला से भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह बहुत सारी बीमारियों में काम आता है। अदरक दीपनीय (भूख बढ़ाने वाली) और पाचनीय (भोजन पचाने वाली) हर्ब है। इसे खाकर भूख बढ़ती है और यह रुचिकर माना जाता है।
1. अपच, भारीपन दूर करता है अदरक
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक, अदरक का सेवन करने से खाना पेट में जल्दी पचता है। इससे अपच, पेट में भारीपन, ब्लोटिंग जैसी समस्याएं दूर होती हैं। अदरक में मौजूद जिंजरोल कंपाउंड से पेट की मांसपेशियों को एक्टिव करने में मदद मिलती है जिससे पाचन बेहतर होता है। जिन लोगों को बहुत ज्यादा अपच होती है, उनमें अदरक के फायदे देखे गए हैं।
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2. कब्ज से राहत दिलाता है अदरक
अदरक पाचन प्रक्रिया को तेज करता है। इससे मल त्याग आसान होता है और कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। अदरक का नियमित और सीमित मात्रा में सेवन पाचन तंत्र को एक्टिव बनाता है।
3. पेट की सूजन और जलन कम करता है

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट की सूजन और जलन को कम करने में मदद करते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को शांत करता है और एसिडिटी के लक्षणों को कम कर सकता है।
4. गैस और पेट फूलने की समस्या कम करता है
पेट में गैस बनने से दर्द, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है। अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गैस बनने की प्रक्रिया को कम करते हैं और पेट को आराम देते हैं। अदरक की चाय या गुनगुने पानी में अदरक लेना इस समस्या में फायदेमंद हो सकता है।
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5. मतली और उल्टी में राहत
अदरक का इस्तेमाल मतली और उल्टी की समस्या में किया जाता रहा है। यह पेट की नसों को शांत करता है और उल्टी की इच्छा को कम करने में मदद करता है। यात्रा के दौरान होने वाली मतली से बचने के लिए भी अदरक फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेदाचार्य ने बताया अदरक की कितनी मात्रा है सुरक्षित?

- जो पित्त प्रकृति वाला व्यक्ति है या जिसे पेट की दिक्कत या ब्लीडिंग होती है उसे 500 एमजी तक अदरक दे सकते हैं।
- नॉर्मल पित्त प्रकृति वाला व्यक्ति एक से डेढ़ ग्राम तक का सेवन कर सकते हैं।
- कफ प्रकृति वाले व्यक्ति को तीन से चार ग्राम दे सकते हैं।
- वात प्रकृति वाले व्यक्ति को डेढ़ से दो ग्राम की मात्रा दे सकते हैं।
अदरक का सेवन करने का सही तरीका- How To Consume Ginger
- सुबह गुनगुने पानी में अदरक डालकर पी सकते हैं।
- अदरक की चाय बनाकर सेवन करें।
- सब्जियों और दाल में अदरक मिलाएं।
- भोजन से पहले थोड़ा ताजा अदरक लें।
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किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?- Who Should Avoid Ginger
- जिन लोगों को ज्यादा एसिडिटी या अल्सर है।
- गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से ही अदरक खाएं।
- ब्लड थिनर दवा लेने वाले लोग।
- जिनको अदरक से एलर्जी हो।
निष्कर्ष:
अदरक एक प्राकृतिक उपाय है, जो अपच, गैस, कब्ज, मतली और पेट की सूजन जैसी कई समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से अदरक का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट स्वस्थ रहता है।
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Feb 26, 2026 18:44 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 26, 2026 18:44 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 26, 2026 18:44 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma