इंदौर के बाद अब गुजरात के गांधीनगर में दूषित से 100 से ज्यादा लोग बीमार, बढ़ रहे टाइफाइड के मामले

गुजरात के गांधीनगर में टाइफाइड के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। दूषित पानी को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।
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इंदौर के बाद अब गुजरात के गांधीनगर में दूषित से 100 से ज्यादा लोग बीमार, बढ़ रहे टाइफाइड के मामले

हाल में ही मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से 20 से ज्यादा लोगों के जान जाने की खबर अभी बासी भी नहीं हुई थी कि अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर से भी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के कई इलाकों में अचानक टाइफाइड के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों में 100 से ज्यादा संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीने के पानी की सप्लाई में गंदा पानी मिलने की वजह से यह संक्रमण फैला है।


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मामला गांधीनगर के सेक्टर 24, 26, 28 और आसपास के रिहायशी इलाकों से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में लोगों को तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी और उल्टी जैसी शिकायतों के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक दर्ज किए गए मामलों में कई मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि कुछ का इलाज अभी जारी है। राहत की बात यह है कि ज्यादातर मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

कैसे फैला संक्रमण?

जांच में सामने आया है कि शहर की पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिल गया था। बताया जा रहा है कि कुछ इलाकों में पानी की नई पाइपलाइन और सीवरेज लाइन एक-दूसरे के काफी पास हैं। कहीं-कहीं लीकेज के कारण गंदा पानी सीधे पीने के पानी के नेटवर्क में पहुंच गया, जिससे टाइफाइड फैलने की आशंका बढ़ गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई की जांच की गई और क्लोरीनेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही लोगों को फिलहाल उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जा रही है।

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स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीमें तैनात की हैं, जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। लोगों को क्लोरीन टैबलेट और ORS पैकेट दिए जा रहे हैं ताकि डिहाइड्रेशन और संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। साथ ही जरूरत पड़ने पर 24 घंटे ओपीडी सेवाएं भी शुरू की गई हैं।

टाइफाइड क्या है और क्यों होता है?

टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो ज्यादातर दूषित पानी या खाने के जरिए फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, थकान और भूख न लगना शामिल हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में।

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खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

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  • हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं
  • बाहर का खुला खाना खाने से बचें
  • हाथों की सफाई पर खास ध्यान दें
  • पानी की टंकी और स्टोरेज की नियमित सफाई कराएं

कुल मिलाकर जिस तरह से अचानक दूषित पानी से बीमारी के मामले सामने लगे हैं, आपको सावधान रहना चाहिए- फिर आप किसी भी शहर में रह रहे हों। आपका खाना और पानी साफ हो, इस बात का ध्यान आपको जरूर रखना चाहिए।

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  • Jan 05, 2026 18:39 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Jan 05, 2026 18:39 IST

    Published By : Anurag Gupta

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