गंदगी के कारण फैलता है टाइफाइड बुखार, जानें टाइफाइड होने के लक्षण, कारण और बचाव के लिए जरूरी टिप्स

हाइजीन का ख्याल ना रखने की वजह से टाइफाइड फीवर होने का खतरा ज्यादा रहता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Dec 11, 2020Updated at: Dec 11, 2020
गंदगी के कारण फैलता है टाइफाइड बुखार, जानें टाइफाइड होने के लक्षण, कारण और बचाव के लिए जरूरी टिप्स

टाइफाइड (Typhoid) एक खतरनाक बैक्टीरियल बीमारी है। यह साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से लोगों में फैलती है। यह पाचनतंत्र और ब्लड स्ट्रीम पर हमला करता है। यह बैक्टीरिया गंदे पानी, दूषित खाना, संक्रमित जूस इत्यादि चीजों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। शरीर में बैक्टीरिया के प्रवेश करने से टाइफाइड के लक्षण महसूस होने लगते हैं। टाइफाइड से ग्रसित मरीजों के शरीर में काफी कमजोरी महसूस होती है। मनीपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर कुणाल दास बताते हैं कि टाइफाइड का बैक्टीरिया काफी लंबे समय तक पानी और मल में जीवित रह सकता है। इन संक्रमित पानी या फिर खाद्य पदार्थों के सेवन से टाइफाइड होने का खतरा ज्यादा रहता है। इससे बचाव के लिए हमें हाइजीन का विशेष ख्याल रखना होता है। यदि आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं, तो बाहर की चीजों को खाने से बचें। खासतौर पर खुले में बिक रही चीजों के सेवन से टाइफाइड होने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में इन चीजों को खाने से बचें। आइए जानते हैं टाइफाइड फीवर (Typhoid Fever) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी- 

टाइफाइड फीवर के लक्षण (Symptoms of typhoid Fever)

टाइफाइड फीवर में शरीर का तापमान 1 से 2 सप्ताह तक काफी ज्यादा रहता है। इस बीमारी से पूरी तरह ठीक होने में मरीज को करीब 3 से 4 सप्ताह का समय लगता है। आइए जानते हैं टाइफाइड फीवर के लक्षण क्या-क्या हैं? 

  • टाइफाइड से ग्रसित व्यक्ति को लगभग 102 से 104 डिग्री तक बुखार रहता है।
  • पेट में दर्द की शिकायत होना। 
  • शरीर में जैसे-जैसे संक्रमण फैलता है, वैसे-वैसे भूख कम लगने लगती है। 
  • सिर में तेज दर्द होनाष
  • काफी ज्यादा ठंड महसूस होना।
  • शरीर में दर्द होना।
  • सीने में जमाव महसूस होना।
  • आलस और सुस्ती महसूस होना।
  • कमजोरी महसूस होना।
  • कुछ-कुछ मरीजों को दस्त होने लगता है।
  • शिशुओं को कब्ज या दस्त होना।
  • कफ होना। 
समय से पहले टाइफाइड फीवर का इलाज जरूरी है। अगर समय पर इलाज ना किया गया, तो यह गंभीर रूप धारण कर सकता है। ऐसे में अगर आपको इसके लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें। इन समस्याओं को नजरअंदाज करना आपके लिए भारी हो सकता है।

टाइफाइड फीवर के कारण (Causes of Typhoid Fever)

टाइफाइड फीवर फैलने का मुख्या कारण मल या मूत्र होता है। मल और मूत्र के जरिए हमारे शरीर में बैक्टीरिया फैलता है, जिसके कारण टाइफाइड होने का खतरा ज्यादा रहता है। आइए जानते हैं टाइफाइड फीवर के कारण- 

  • साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से टाइफाइड फैलता है। 
  • मूत्र या मल त्यागने के बाद हाथ ना होना टाइफाइड फीवर का प्रमुख कारण हो सकता है।
  • नदी या नाले का पानी पीना। 
  • दूषित पानी पीना
  • खुले पानी का इस्तेमाल करना।
  • बाजार में रखे खुले चीजों का सेवन करना।
  • सब्जी या फल कच्चा खाने से।
  • ओरल सेक्स या एनल सेक्स के कारण
  • दूषित दूध पीने से।
  • दूषित जूस का सेवन करने से।
  • सीवेज में कार्य करना वालों को।

टाइफाइड फीवर का निदान (Diagnosis of typhoid fever)

ब्लड टेस्ट - ब्लड टेस्ट के जरिए टाइफाइड फीवर का पता लगाने की कोशिश की जाती है। 

मल और मूत्र का टेस्ट - ब्लड टेस्ट के साथ-साथ कुछ रोगियों के मल और मूत्र का भी टेस्ट किया जाता है, जिससे डॉक्टर टाइफाइड फीवर का पता लगाने की कोशिश करते हैं।

टाइफाइड फीवर का इलाज (Treatment of Typhoid Fever)

  • टाइफाइड फीवर का पता लगने के बाद डॉक्टर 1 से 2 सप्ताह तक एंटीबायोटिक दवाइयां लेने की सलाह देते हैं। इससे मरीजों को काफी हद तक आराम मिलता है। 
  • इसके अलावा डॉक्टर अधिक से अधिक तरह पदार्थों को सेवन करने की सलाह देते हैं।
  • अगर टाइफाइड का समय पर इलाज ना कराया गया, तो आंत्र में छेद होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति आने पर डॉक्टर्स ऑपरेशन करने की सलाह देते हैं।
  • शिशुओं को टाइफाइड फीवर से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। टीका लगाने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

टाइफाइड फीवर का बचाव (Prevention of typhoid Fever)

टाइफाइड फीवर से बचने के लिए हाइजीन का विशेष ख्याल रखें।

  • कच्चे खाद्य पदार्थों के सेवन से पहले उसे उबले पानी से अच्छी तरह साफ करें। ध्यान रहे कि नल का पानी भी दूषित हो सकता है। ऐसे में इन पानी से ब्रश करना या फिर फलो और सब्जियों को धोना भी आपके लिए खतरनाक हो सकता है। 
  • हमेशा उबले हुए पानी का सेवन करें।
  • बोलतबंद या फिर रासायनिक रूप से कीटाणुरहित पानी का सेवन करें।
  • कच्चे भोजन को खाने से बचें।
  • किसी भी चीजों को अच्छी तरह से उबालकर खाएं।
  • बच्चों को कोई भी चीज मुंह में ना लेने लें।
  • घर के सामान को साफ रखें। 
  • फर्श पर कीटाणु ना पनपने दें। फर्श को साफ करने के लिए बैक्टीरिया को मारने वाले फिनायल का इस्तेमाल करें।
  • मल या मूत्र त्यागने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
  • गर्म भोजन करें।
  • टाइफाइड होने पर हैवी डाइट लेने से बचें और ज्यादा पेट भरकर ना खाएं। 
  • तेल, घी, मिर्च जैसे आहार को लेने से बचें।
  • बाजार की खुली चीजों को खाने से बचें।
  • धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
  • किसी भी खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।
  • अधिक मसालेदार आहार का सेवन ना करें।

टाइफाइड फीवर का घरेलू उपचार (Home Remedies for Typhoid Fever)

तुलसी का सेवन

टाइफाइड फीवर से बचने के लिए आप तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल टाइफाइड फीवर को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसके लिए सूरजमुखी और तुलसी के पत्तों का रस 1-1 चम्मच लें। इसे अच्छी तरह मिक्स करके पिएं। इससे टाइफाइड फीवर ठीक होने की संभावना होती है। आयुर्वेदिक दवाई लेने से पहले एक्सपर्ट से जरूर संपर्क करें।

सेब के रस का सेवन (Apple Juice for Typhoid Fever)

सेब का रस पीने से भी टाइफाइड फीवर का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए 1 सेब लें। इसका रस निकालें, इसमें आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर इसे पिएं। सेब का रस पीने से टाइफाइड फीवर से आपको राहत मिल सकता है। 

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लहसुन से टाइफाइड का करें इलाज (Garlic to Get Relief from Typhoid Fever)

लहसुन में प्राकृतिर एंटीबायोटिक गुण पाया जाता है। टाइफाइड फीवर होने पर आप लहसुन की कलियां का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन करने के लिए 5 से 8 लहसुन की कलियां लें। इसे अच्छी तरह पीसें और इसमें एक चुटकी सेंधा नमक मिलाएं। इस पेस्ट का सेवन करने से टाइफाइड फीवर से राहत मिल सकती है।

लौंग से हो सकता है टाइफाइड का इलाज (Colve for Typhoid Fever)

लौंग के सेवन से भी आप टाइफाइड फीवर का इलाज कर सकते हैं। इसका सेवन करने के लिए 1 लीटर पानी लें। इसमें 6 से 8 लौंग डालें। इस पानी को अच्छी तरह उबालें। पानी को उबालने के बाद इसे छान लें। अब पूरे दिन इस पानी का सेवन करें। 1 सप्ताह लगातर इस पानी का सेवन करने से टाइफाइड फीवर में होने वाली कमजोरी को दूर किया जा सकता है।

 

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