क्या रूखेपन के कारण आपकी त्वचा भी दिखने लगी मछली के स्किन जैसी? डॉक्टर से जानें इससे बचाव के उपाय

fish scale on skin : सर्दी में त्वचा काफी रूखी और बेजान होने लगती है, जो फिश स्केल का कारण बनती है। इसे मेडिकल टर्म में इक्थियोसिस कहा जाता है।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Nov 29, 2021Updated at: Nov 29, 2021
क्या रूखेपन के कारण आपकी त्वचा भी दिखने लगी मछली के स्किन जैसी? डॉक्टर से जानें इससे बचाव के उपाय

क्या ड्रायनेस या सूखापन आपके शरीर पर मछली के आकार की त्वचा का कारण बनता है? सर्द मौसम त्वचा के प्रतिकूल होता है। इस मौसम में स्किन ड्राय, रूखी और बेजान (dry skin) नजर आने लगती है। इसलिए आपको सर्दियों के मौसम में अपनी त्वचा की अधिक देखभाल (skin care tips) की जरूरत होती है। अगर आप सर्दी में लंबे समय तक त्वचा की देखभाल न करें, तो त्वचा पर मछली जैसे आकार नजर (fish scales on skin) आने लगता है। त्वचा पर अत्यधिक सूखापन इक्थियोसिस वल्गरिस या फिश स्केल त्वचा की समस्या नामक स्थिति को जन्म दे सकता है। यह त्वचा विकारों का एक समूह है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने मणिपाल हॉस्पिटल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड के सलाहकार-त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सचिथ अब्राइम (Dr Sachith Abraham, Consultant - Dermatology, Manipal Hospital Old Airport Road) से बातचीत की।

इक्थियोसिस वल्गरिस को फिश स्केल स्किन डिजीज भी कहा जाता है। यह एक तरह का त्वचा विकार है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। यह समस्या सर्दी के मौसम में ड्राय स्किन की वजह से होती है। इसमें त्वचा का सूखापन और स्केलिंग हो सकती है, इस स्थिति में त्वचा की स्थिति खराब हो सकती है।

fish scales

डॉक्टर सचिथ अब्राइम बताते हैं कि सर्दी के मौसम में त्वचा का रूखा या ड्राय होना बेहद सामान्य है। सर्द मौसम में सभी की त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है। सर्दी में ड्राय स्किन, कठोर साबुन और लोशन का इस्तेमाल इस समस्या का कारण बन सकता है। 

फिश स्केल के लक्षण (fish scales symptoms)

  • त्वचा में लालिमा
  • फफोले होना
  • त्वचा पर पपड़ी उतरना
  • खुलजी
  • त्वचा का रूखा होना
  • हथेलियों पर तलवों पर दरारें पड़ना
  • त्वचा में दर्द
  • त्वचा पर खुजली के साथ खून आना

फिश स्केल के कारण (causes of fish scales)

  • फिश स्केल या इक्थियोसिस एक आनुवंशिक रोग है, जो जीन के जरिए माता-पिता से बच्चों में आता है। अगर किसी के माता-पिता को यह समस्या है, तो उनके खराब जीन की वजह से बच्चों में भी यह समस्या हो सकती है।
  • प्रत्येक मामले में इक्थियोसिस आनुवंशिक नहीं होता है। कुछ मामलों में यह किसी अन्य समस्या के कारण भी हो सकता है। एक्वायर्ड इक्थियोसिस कहा जाता है। अंडरएक्टिव थायराइड, किडनी रोग और एचआईवी संक्रमण के कारण भी फिश स्केल की समस्या पैदा हो सकती है।
  • सर्दी के मौसम में अत्यधिक शुष्कता की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। सर्दी में त्वचा रूखी या ड्राय हो जाती है, जिसकी वजह से फिश स्केल की समस्या देखने को मिलती है।
fish scales

फिश स्केल से बचाव के उपाय (prevention tips for fish scales)

  • सर्दी के मौसम में फिश स्केल से बचाव के लिए आपकी अपनी त्वचा का अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। त्वचा की देखभाल करके काफी हद तक इस समस्या से बचाव किया जा सकता है।
  • रूखी त्वचा से बचने के लिए त्वचा पर हाइड्रेटिंग क्रीम, लोशन लगाएं। अगर बहुत अधिक ड्राय स्किन है, तो दिन में दो बार लोशन लगाएं।
  • रोजाना हल्के गर्म पानी में नमक डालकर नहाएं। बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें, इससे स्किन ड्रायनेस की समस्या बढ़ सकती है।
  • त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। यह तरीका ड्रायनेस से छुटकारा दिलाने में मददगार है।
  • अपनी डाइट में फलों और सब्जियों को शामिल करें। त्वचा को हाइड्रेट रखने की पूरी कोशिश करें।

जरूरी नहीं है कि फिश स्केल आनुवंशिक ही हो। दूसरे कारणों की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। अगर आपको फिश स्केल के कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही इस समस्या से निजात पाने के लिए अपनी त्वचा की अधिक देखभाल करनी चाहिए। त्वचा में नमी को बरकरार रखना चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखें और अच्छा आहार लें।

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