Fri Sep 11, 2026 | 10:46 PM IST

आंख से कीचड़ आना हो सकता है इन 5 बीमारियों का संकेत, जानें कैसे करें आंखों की सफाई

आंखों में कीचड़ आना एक सामान्य समस्या दिख सकती है। लेकिन कुछ-कुछ परिस्थिति में यह लक्षण गंभीर बीमारी का कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में

आंखों से पीला, चिपचिपा या पपड़ीदार पदार्थ को आंखों का कीचड़ कहा जाता है। यह एक बहुत ही सामान्य समस्या हो सकती है। यह समस्या किसी भी उम्र और वर्ग के लोगों को हो सकती है। हम में से कई लोग इस परेशानी से जूझ चुके होंगे। लेकिन अगर यह परेशानी लंबे समय तक आंखों से कीचड़ आना गंभीर परेशानी का कारण हो सकती है। जी हां, अगर आपकी आंखों में लंबे समय से या फिर ज्यादा कीचड़ आ रहा है, तो यह कई बीमारियों का कारण हो सकती है। आज हम इस लेख में आंखों में कीचड़ आना किन बीमारियों का संकेत होता है, इसके बारे में जानेंगे।

1. कंजंक्टिवाइटिस ( Conjunctivitis )

आंखा आना यानि कंजंक्टिवाइटिस की वजह से आपकी आंखों में कीचड़ की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आपकी आंखों में कीचड़ आने के साथ-साथ आंखों में लालिमा और जलन भी हो सकता है। आंख आने पर ऐसा लगता है कि जैसे आपकी आंखों में कुछ चला गया है। कंजंक्टिवाइटिस की समस्या वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी की वजह से हो सकता है। अधिकतर लोगों को  कंजंक्टिवाइटिस कमजोर इम्यूनिटी और वायरस के कारण होता है। इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने की जरूरत होती है।

इसे भी पढ़ें - शिशुओं की आंखे लाल होने के क्या कारण हो सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें इसे ठीक करने के सुरक्षित घरेलू उपाय

2. ब्लेफेराइटिस (Blepharitis)

ब्लेफेराइटिस आंखों में होने से भी आपको आंखों में कीचड़ आ सकती है। यह समस्या बैक्टीयल इन्फेक्शन की वजह से होता है। इस समस्या की वजह से पलकों के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है और आंखों से पीले रंग का पस निकलता है। बैक्टीरिया की वजह से अगर कंजंक्टिवाइटिस होता है, जो इस परेशानी को पिंक आई (Pink eye) भी कहते हैं। इसकी वजह से आपकी आंखें गुलाबी, दर्दनाक और सूजी हुई दिखती है। 

3. गुहेरी 

आंखों में मौजूद ग्रंथियां बंद होने की वजह से गुहेरी की समस्या होती है। इसकी वजह से आंखों में सूजन, उभार, खुजली और दर्द की परेशानी हो सकती है। हालांकि, गर्म सिंकाई करने पर गुहेरी की परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

4. आंखों में चोट 

कॉर्निया में चोट करने या फिर निशान पड़ने जैसी समस्याओं की वजह से भी आपकी आंखों में कीचड़ की परेशानी हो सकती है। इसमें कीचड़ आने के साथ-साथ आंखों में  सूज और खुजली भी हो सकती है। इस परेशानी से ग्रसित व्यक्ति को ऐसा अनुभव होता है, जैसे कि आंखों में कुछ चला गया है। जब आंख में चोट लगने संक्रमण फैलता है, तो इसकी वजह से गाढ़ा रिसाव हो सकता है।

5. अश्रु नलिका की रुकावट

आंसू की नलिका में रुकावट (Blocked tear duct) की वजह से आंखों में चिपचिपा और गाढ़ा रिसाव हो सकता है। इस वजह से आपके आंखों के आसपास दर्द की परेशानी भी हो सकती है। 

इसे भी पढ़ें -  सुबह उठने पर आंखों में सूजन होने के क्या कारण हो सकते हैं? जानें इसके लिए उपचार

आंखों में कीचड़ आने पर कैसे करें साफ 

आंखों में कीचड़ होने पर ठंडे पानी की बजाय गुनगुने पानी से आंखों की सफाई करेँ। इसके लिए 1 बर्तन में गुनगुना पानी लें। अब इस पानी से कॉटन के कपड़े को भिगो दें। इसके बाद इस कपड़े से अपने आंखों की सफाई करें। इसके अलावा आप गुलाबजल की मदद से भी आंखों की सफाई कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आंखों में किसी तरह की परेशानी होने पर मेकअप न करें।  

आंखों में कीचड़ की परेशानी कई कारणों से हो सकती है। ऐसे में अगर आपको इस तरह के लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि समय रहते आपका इलाज किया जा सके। अपने आंखों में किसी तरह के धूल-मिट्टी न जानें दें। इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

Read Next

क्या पीलिया में दूध पी सकते हैं या पीलिया कितने पॉइंट होना चाहिए? जानें इस रोग से जुड़े ऐसे 8 सवालों के जवाब

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Kishori Mishra

Kishori Mishra

सब एडिटर

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर सब एडिटर काम कर रही किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया में 4 साल का अनुभव है। किशोरी को हेल्थ के साथ-साथ करियर और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 4 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। किशोरी ने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से हिन्दी जर्नजिल्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 14, 2021 00:00 IST

    Published By : Kishori Mishra

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content