Fri Sep 11, 2026 | 09:53 PM IST

Expert

प्रेगनेंसी में मूली खाने के 5 फायदे, कुछ नुकसान और जरूरी सावधानियां

गर्भवती महिलाओं के लिए मूली कितनी फायदेमंद है और कितनr नुकसानदेह, इसके बारे में पता होना जरूरी है। जानते हैं सेवन करते वक्त बरतने वाली सावधानी

हर घर में मूली का इस्तेमाल सलाद के रूप में, सब्जी के रूप में या जूस के रूप में किया जाता है। यह न केवल पाचन क्रिया के लिए अच्छी होती है बल्कि शरीर को कई समस्याओं से दूर रखने में भी उपयोगी है। बता दें कि मूली के अंदर प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन ए, विटामिन के आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं तो सेहत को कई समस्याओं जैसे त्वचा की समस्या, बालों की समस्या, कमजोर इम्यूनिटी, कब्ज की समस्या, उच्च रक्तचाप की समस्या, लिवर संबंधित समस्या, किडनी स्टोन संबंधित समस्या आदि से बचाव में उपयोगी हैं। लेकिन यहां हमारा सवाल यह है कि क्या प्रेगनेंसी के दौरान मूली का सेवन किया जा सकता है। आज का हमारा लेख भी इसी सवाल पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि मूली के सेवन से गर्भवती महिलाओं को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही नुकसान और जरूरी सावधानियों के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( Nutritionist and wellness expert varun katyal) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

बता दें कि प्रेगनेंसी के दौरान मूली का सेवन सुरक्षित है या असुरक्षित, यह कहना थोड़ा सा मुश्किल है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस पर कई शोध सामने आते हैं, जिनमें कुछ शोध इसे सुरक्षित मानते हैं तो कुछ शोधों के मुताबिक प्रेगनेंसी के दौरान मूली का सेवन नहीं किया जाता। एनसीबीआई का मूली से संबंधित एक शोध पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस शोध के मुताबिक प्रेगनेंसी के दौरान मूली का सेवन नहीं करना चाहिए। 

अगर महिलाएं मूली का सेवन कर भी रही हैं तो महिलाओं को अपने डॉक्टर की सलाह पर ही मूली को अपनी डाइट में जोड़ना चाहिए। हालांकि कुछ डॉक्टर्स मानते हैं कि सीमित मात्रा में मूली का सेवन गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं। ऐसे में महिलाओं को डॉक्टर से इसकी सीमित मात्रा का ज्ञान लेना भी जरूरी है।

इसे भी पढ़ें- प्रेगनेंसी में केसर खाने के फायदे, नुकसान और सावधानियां

प्रेगनेंसी के दौरान मूली से होने वाले फायदे

गर्भावस्था के दौरान यदि गर्भवती महिलाएं मूली का सेवन सीमित मात्रा में करती हैं तो इससे उनकी सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। ये फायदे निम्न प्रकार हैं-

1 - पाचन तंत्र की समस्या को तंदुरुस्त बनाने में मूली आपके बेहद काम आ सकती है। बता दें कि मूली के अंदर फाइबर पाया जाता है जो कब्ज, गैस आदि की समस्या के जोखिम को कम कर सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए मूली का सेवन कर सकती हैं।

2 - बता दें कि मूवी के सेवन से यूरिनरी इंफेक्शन से बचा जा सकता है। ऐसे में महिलाएं यौन संबंधित समस्या को दूर करने के लिए मूली को अपनी डाइट में जोड़ सकती हैं।

3 - ध्यान दें कि मूली न केवल तनाव को दूर करने में उपयोगी है बल्कि इसके अंदर एंटीमाइक्रोबॉयल गुण पाए जाते हैं जो बैक्टीरिया को जड़ से खत्म कर सकते हैं। ऐसे महिलाएं चिंता को दूर करने और बैक्टीरिया से राहत पाने में मूली का सेवन कर सकते हैं।

4 - जैसा कि हमने पहले भी बताया मूली के सेवन से त्वचा संबंधित कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। क्योंकि मूली के अंदर विटामिन सी पाया जाता है ऐसे में महिलाएं फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से खुद को बचाने के लिए मूली का सेवन कर सकती हैं।

5 - हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मूली गर्भवती महिलाओं के बेहद काम आ सकती है। बता दें कि मूली के अंदर भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है जो न केवल रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है बल्कि मूली के अंदर पाए जाने वाला मैग्नीज नर्व फंक्शन और दिमाग की कार्यप्रणाली के कार्य में सुधार ला सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान मूली के नुकसान

जैसा कि हमने पहले भी बताया कई शोध मूली को अच्छा मानते हैं तो कई शोधों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान मूली नुकसानदेह हो सकती है। लेकिन अगर मूली का सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो कई नुकसानों का सामना उठाना पड़ सकता है। यह नुकसान निम्न प्रकार हैं- 

1 - प्रेगनेंसी के दौरान मूली के सेवन से पेट फूलने की समस्या का जोखिम बढ़ सकता है।

2 - बता दें कि मूली के अंदर पोटेशियम पाया जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं यदि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करें तो उनके रक्त में पोटेशियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे किडनी की समस्या, हृदय संबंधित समस्या आदि हो सकती है।

3 - बता दें कि मूली के अंदर फाइबर भी पाया जाता है। ऐसे में यदि महिलाएं फाइबर का अधिक सेवन करें तो पेट फूलने की समस्या, ऐंठन, गैस आदि समस्याएं हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें- प्रेगनेंसी में शिमला मिर्च खाने के 4 फायदे, जानें कुछ सावधानियां और ज्यादा शिमला मिर्च खाने के नुकसान

मूली का सेवन करते वक्त बरतने वाली सावधानी

1 - मूली का सेवन साफ पानी से धोकर ही करना चाहिए।

2 - गर्भवती महिलाओं को मूली ताजी अपनी डाइट में जोड़नी चाहिए।

3 - मूली को अच्छे से पकर कर ही खाना चाहिए।

4 - गर्भवती महिलाएं कच्ची मूली के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि गर्भवती महिलाओं के लिए मूली नुकसान से भी हो सकती है और फायदेमंद भी, दोनों से संबंधित शोध हुए हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में मूली को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी है। इससे अलग मूली की अधिकता गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह हो सकती है ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। किसी के कहने पर गर्भवती महिलाएं अपनी डाइट में किसी भी तरीके का बदलाव ना करें।

Read Next

क्या सच में ब्रेस्ट को प्रेस करने से बढ़ता है उनका आकार? स्तनों से जुड़े 6 मिथकों की सच्चाई जानें डॉक्टर से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Garima Garg

Garima Garg

सब-एडिटर

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में सब एडिटर पद पर काम कर रही गरिमा गर्ग को डिजिटल मीडिया में 2 साल से अधिक का अनुभव है। वह जर्नलिज्‍म में पिछले 3 साल से सक्रिय हैं। गरिमा को एजुकेशन के साथ-साथ हेल्‍थ और फिटनेस से जुड़ी खबरों और फीचर लेखन की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 3 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिख रही हैं। इससे पहले गरिमा अमर उजाला और दैनिक जागरण की सखी मैगजीन में लेखन का कार्य कर चुकी हैं। गरिमा चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 22, 2021 15:35 IST

    Published By : Garima Garg

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content