मछली के साथ दूध पीने से हो सकता है ल्यूकोडर्मा नामक गंभीर रोग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 16, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मछली हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी आहार है।
  • ये दोनों चीजें ल्यूकोडर्मा रोग का कारण बनती है। 
  • बादाम दूध में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बिल्‍कुल भी नही होती है।

मछली हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी आहार है। मछली में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो हमें जबरदस्त फायदे देते हैं। डॉक्टर भी हर व्यक्ति को कम से कम सप्ताह में 2 बार मछली खाने की सलाह देते हैं। मछली में पाये जाने वाले लो सेचुरेटेड फैट, अधिक मात्रा में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड के कारण मछली का सेवन सेहत के लिए स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होता है। मछली में विटामिन, मिनरल और कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं इसलिए मछली को खाने से शरीर को सभी आवश्‍यक पोषक तत्‍व मिलते हैं। जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं। मछली खाने से केवल कैंसर ही नहीं बल्कि कई सामान्य बीमारियां भी दूर होती हैं। डायबिटीज रोगियों के लिए मछली बहुत फायदेमंद है। अगर ऊर्जावान बनना चाहते हैं तो अपने लंच और डिनर में मछली को शामिल कीजिए। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका साथ में सेवन करना जहर समान होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि मछली के साथ दूध का सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं है।

इसे भी पढ़ें : आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारी है क्रोंस डिजीज, ये हैं लक्षण और कारण

मछली के साथ दूध पीने के नुकसान

मछली हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी आहार है। मछली में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो हमें जबरदस्त फायदे देते हैं। लेकिन यदि मछली के बाद दूध का सेवन किया जाए तो यह जहर भी साबित हो सकता है। ये दोनों शरीर में असंतुलन की भावना बढ़ सकती है। यह रक्त में कुछ रासायनिक बदलावों को जन्म देती है। जिसकी वजह से हमें स्किन पिगमेंटेशन या ल्यूकोडर्मा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि न्यूट्रिशस कविता देवगन का कहना है कि मछली के बाद दूध का सेवन ना करने के पीछे कोई सांइटिफिक रिजन नहीं है और ना ही इस बारे में कोई रिसर्च विख्यात है। लेकिन ऐसा कहते हैं कि यदि मछली के बाद दूध का सेवन किया जाए तो पाचन संबंधी (जैसे फूड पॉइजिनिंग, पेट दर्द आदि) दिक्कत तो होती है साथ ही स्किन पर सफेद धब्बे भी हो सकते हैं।

क्या कहता है आयुर्वेद

अगर आयुर्वेद की मानें तो रोजाना मछली खाना स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक नहीं है। लेकिन अगर आप मछली खाने के बाद रोजाना दूध पीने हैं तो ये जरूर आपके लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है। ये दोनों चीजें ल्यूकोडर्मा रोग का कारण बनती है। ल्यूकोडर्मा यानि कि एक ऐसी स्थिेति जिसमें त्वचा पर सफेद चकत्ते पड़ जाते हैं। इसके अलावा मछली के साथ दही खाना भी नुकसानदेह होता है। आयुर्वेद में दूध के साथ और उसके बाद खाने-पीने की कई चीजों से परहेज करने की सलाह दी गई है। इस तरह ज्यादातर लोगों का मानना है कि दूध और मछली एक साथ खाना हानिकारक है। ऐसे में याद रखें कि अगर आप मछली खा रहे हैं तो उसके साथ दूध या फिर दूध से बनी चीजों का सेवन न करें।

इसे भी पढ़ें : किचन में कभी न करें इन 5 चीजों का इस्तेमाल, मानसिक स्वास्थ्य होगा प्रभावित

दूध पीने के फायदे

  • बादाम दूध में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बिल्‍कुल भी नही होती है। हेल्‍दी फैट की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। इसमें मौजूद ओमेगा फैटी एसिड ह्रदय के लिए काफी बेहतर माना जाता है।
  • बादाम दूध आपका वजन कम करने में मदद करता है। एक कप दूध में 60 कैलोरी होती है। इसे आप रोजाना पीकर अपने वजन को बढ़ने से रोक सकते हैं।
  • इस दूध में विटमिन डी की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। इससे हड्डियों को कैल्शियम सोखने में मदद मिलती है। बादाम दूध पीने से अर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा नही होता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
  • बादाम दूध मसल्‍स बढ़ाने में मदद करता है। जिम जाने वालों के लिए यह बेहतर आहार हो सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्‍व बॉडी को एनर्जी देते हैं।
  • आंखों के लिए बादाम दूध बहुत अच्‍छा माना जाता है क्‍योंकि इसमें मौजूद विटमिन ए आंखों को सीधे पोषण प्रदान करता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES692 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर