Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या रोज ब्लूबेरी खाने से सच में कैंसर का खतरा कम होता है? जानें एक्सपर्ट की राय

ब्लूबेरी छोटे आकार का फल होता है जो कि एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और फाइबर से भरपूर है। यहां जानिए, क्या रोज ब्लूबेरी खाने से सच में कैंसर का खतरा कम होता है?

कैंसर आज के समय की सबसे डराने वाली बीमारियों में से एक है। बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, अनहेल्दी खानपान और तनाव इसकी बड़ी वजह माने जाते हैं। ऐसे में लोग फूड्स की तलाश में रहते हैं, जो नेचुरल हों और शरीर को अंदर से मजबूत बना सकें। ब्लूबेरी इसी तलाश में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है, क्योंकि इसे एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस कहा जाता है। ब्लूबेरी का गहरा नीला रंग ही इसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। यही वजह है कि इसे इम्यूनिटी बढ़ाने, दिल को हेल्दी रखने और उम्र से जुड़ी बीमारियों को कम करने वाला फल भी कहा जाता है लेकिन जब बात कैंसर की आती है, तो सवाल और भी गंभीर हो जाता है कि क्या रोज ब्लूबेरी खाना सच में कैंसर के खतरे को कम कर सकता है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से बात की-

क्या रोज ब्लूबेरी खाने से सच में कैंसर का खतरा कम होता है? - Does eating blueberries daily reduce cancer risk

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ब्लूबेरी पोषण से भरपूर फल है, इसमें एंथोसायनिन्स (Anthocyanins) नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो इसे नीला रंग देते हैं। इसके अलावा ब्लूबेरी में विटामिन C, विटामिन K, फाइबर और मैंगनीज भी अच्छी मात्रा (What is the miracle fruit for cancer) में होते हैं। ये सभी तत्व मिलकर शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का एक बड़ा कारण माने जाते हैं।

इसे भी पढ़ें: स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है ब्लूबेरी, एक्सपर्ट से जानें इसमें मौजूद पोषक तत्व, फायदे और नुकसान

  • कैंसर की शुरुआत अक्सर तब होती है जब शरीर की कोशिकाएं फ्री रेडिकल्स के कारण डैमेज होने लगती हैं।
  • ये फ्री रेडिकल्स डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि होती है।
  • अर्चना जैन बताती हैं कि ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स इन फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करने में मदद करते हैं।
  • इस तरह, ब्लूबेरी कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है, लेकिन इसे कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

क्या रोज ब्लूबेरी खाने से कैंसर नहीं होगा? - Do blueberries fight cancer cells

डाइटिशियन अर्चना जैन साफ तौर पर कहती हैं कि कोई भी एक फूड अकेले कैंसर को रोक नहीं सकता। ब्लूबेरी जरूर कैंसर-प्रिवेंटिव डाइट का हिस्सा हो सकती है, लेकिन यह कोई जादुई फल नहीं है। रोज ब्लूबेरी खाने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और सेल डैमेज का खतरा कम हो सकता है, जिससे कैंसर का रिस्क घटता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ ब्लूबेरी खाने से कैंसर नहीं होगा।

रिसर्च क्या कहती है?

American institute of cancer research की एक रिसर्च के अनुसार, ब्लूबेरी में कई फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व होते हैं जो लेबोरेटरी स्टडीज में कैंसर-रोधी असर दिखाते हैं। कई स्टडीज में पाया गया है कि ब्लूबेरी खाने से खून में एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी बढ़ती है और साथ ही यह DNA को होने वाले नुकसान को रोकने में भी मददगार हो सकती है।

does blueberries reduce cancer risk

इसे भी पढ़ें: बेरी या जामुन: सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? एक्सपर्ट से जानें पोषक तत्व

ब्लूबेरी खाने का सही तरीका क्या है? - What is the healthiest way to eat blueberries

ब्लूबेरी को फ्रेश रूप में खाना सबसे बेहतर माना जाता है। आप इसे नाश्ते में ओट्स, दही या स्मूदी में शामिल कर सकते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि रोज आधा से 1 कप ब्लूबेरी पर्याप्त होती है। ज्यादा मात्रा में लेने से पेट फूलना या गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डायबिटीज मरीजों को भी इसकी मात्रा पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसमें नेचुरल शुगर होती है।

निष्कर्ष

रोज ब्लूबेरी खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है और यह कैंसर के खतरे को कुछ हद तक कम करने में सहायक भूमिका निभा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। हालांकि, डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ब्लूबेरी को कैंसर का इलाज या सुरक्षा कवच नहीं माना जाना चाहिए। इसे बैलेंस डाइट, हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित हेल्थ चेक-अप के साथ शामिल करना ही सही तरीका है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • कैंसर किसकी वजह से होता है?

    धूम्रपान, शराब का सेवन, प्रदूषण, अनहेल्दी डाइट, मोटापा, लंबे समय तक स्ट्रेस, जेनेटिक कारण कैंसर के मुख्य कारण माने जाते हैं।
  • शरीर में कैंसर होने पर सबसे पहले क्या लक्षण दिखते हैं?

    कई बार शुरुआती स्टेज में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। वजन का अचानक कम होना, लगातार थकान, गांठ, ब्लीडिंग या दर्द जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • क्या कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

    अगर कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो इलाज के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। नियमित जांच और समय पर डॉक्टर से सलाह बेहद जरूरी है।

Read Next

नारियल पानी या नींबू पानी: किडनी डिटॉक्स करने के लिए क्या है बेहतर? एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 09, 2026 16:09 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 09, 2026 16:09 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content