पैकेटबंद मीठी चीजों में होता है आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल, जानें इससे सेहत को होने वाले नुकसान

आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत के लिए अच्छे नहीं होते है। इन्हें खाने से मेटॉबालिक रेट में दिक्कत और कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasPublished at: Jun 15, 2022Updated at: Jun 25, 2022
पैकेटबंद मीठी चीजों में होता है आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल, जानें इससे सेहत को होने वाले नुकसान

इन दिनों लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। सही वक्त पर खाना, दिन में पर्याप्त पानी पीना, एक्सरसाइज, योग हेल्दी रहने के लिए लोग और भी कई चीजों को अपने रोजमर्रा के जीवन में शामिल कर रहे हैं। यहां तक की हेल्दी रहने के चक्कर में कई लोग महंगे डाइटिशियन से चार्ट बनाते हैं, लेकिन बाजार में मिलने वाली पैकेटबंद मीठी चीजों का सेवन जारी रखते हैं। उनका मानना होता है कि खूबसूरत पैकेट में मिलने वाली चीजें सेहत के लिए अच्छी है।

इसके अलावा लोग चीनी की बजाय बाजार में मिलने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर (Artificial Sweeteners) का इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं। इतना ही नहीं पैकेटबंद मीठी चीजों में भी आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल हमारे शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो इससे कैंसर, डायबिटीज जैसी ताउम्र चलने वाली बीमारियों का खतरा रहता है।

क्या है आर्टिफिशियल स्वीटनर? (What is Artificial Sweeteners)

आर्टिफिशियल स्वीटनर मूल रूप से कुछ खाद्य पदार्थ और केमिकल्स को मिलाकर बनाया जाता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर की एक छोटी सी गोली एक चम्मच या उससे भी ज्यादा मिठास दे सकती है। आर्टिफिशियल स्वीटनर में ऐसे खाद्य पदार्थों को मिलाकर बनाया जाता है, जिससे शरीर में 0 कैलोरी जाए।

आर्टिफिशियल स्वीटनर के नुकसान (Side effects of artificial sweeteners)

आज के दौर में लोग बिना कुछ सोचे समझें आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इस बात से अनजान होते हैं कि इसको बनाने के लिए पूरी तरह से सिंथेटिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर को बनाने में किसी भी तरह के प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग नहीं किया जाता है। अगर नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह शरीर में कई बीमारियों का कारण बन सकती है।

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कैंसर का खतरा

फ्रेंच नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ की एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों ने चीनी की बजाय आर्टिफिशियल स्वीटनर को अपनी रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा माना उनमें से 37 फीसदी लोग कैंसर से ग्रसित हो गए।

हार्ट प्रॉब्लम और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

जो लोग दिन में दो बार से ज्यादा आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट से संबंधित समस्याओं को खतरा सामान्य के मुकाबले ज्यादा रहता है।

डायबिटीज का खतरा भी बढ़ाता है

कई लोगों का मानना है कि डायबिटीज के मरीजों को चीनी का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। हालांकि वो आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं। कई शोध में यह बात सामने आ चुकी है आर्टिफिशियल स्वीटनर से मेटाबॉलिज्म डिस्टर्ब हो जाता है। अगर कोई शख्स प्रतिदिन मेटाबॉलिज्म डिस्टर्ब का इस्तेमाल करता है कि तो उसे डायबिटीज का खतरा हो सकता है।

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वजन बढ़ सकता है

आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करने से भूख बढ़ती है। यह आंत के बैक्टीरिया को प्रभावित करता है जिससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। मेटाबॉलिज्म के कम होने से वजन का बढ़ना लाजिमी है। खासकर बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद मीठी चीजों में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जिसकी वजह से भी वजन बढ़ सकता है।

 
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