सेप्सिस एक तरह की मेडिकल कंडीशन है। सेप्सिस होन का मतलब है कि संक्रमण इतना फैल गया है, वह शरीर के अंगों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अंग सही तरह से काम करना बंद कर देते हैं। इसका असर मरीज की ओवर ऑल हेल्थ पर पड़ता है। सरल शब्दों में आप कह सकते हैं कि सेप्सिस एक ऐसी कंडीशन है, जिसका समय पर ट्रीटमेंट न किया जाए, तो शरीर के कई अंग धीरे-धीरे शिथिल हो जाते हैं और काम करने योग्य नहीं रह जाते हैं। आमतौर पर सेप्सिस दो तरह के होते हैं। सामान्य सेप्सिस और सीवियर सेप्सिस। इन दोनों में क्या फर्क होता है और इनमें क्या-क्या लक्षण नजर आते हैं। आइए, Gr. Noida West स्थित सर्वोदय अस्पताल में Consultant - Internal Medicine डॉ. पंकज रेलन से जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
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सेप्सिस क्या है?- Sepsis Causes And Symptoms In Hindi
American Thoracic Society के अनुसार, "सेप्सिस तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरल या फंगल संक्रमण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। इसके लक्षणों की बात करें, तो सेप्सिस होने पर मरीज की हार्ट बीट बढ़ जाती है, बुखार हो जाता है और सांसों की गति बढ़ जाती है।" यही नहीं, सेप्सिस के कारण मरीज को फोकस करने में दिक्कत आती है, उल्टी और मतली, शरीर में दर्द, पसीना अधिक आना और पेशाब कम आना। सेप्सिस जैसी बीमारी होने मरीज को डायरिया की शिकायत भी हो सकती है और थकान, कमजोरी तथा स्किन रैशेज की दिक्कत भी होने लगती है। आमतौर पर सेप्सिस बहुत कम उम्र के लोगों या बुजुर्गों में देखने को मिलता है। इसके अलावा, जिन्हें किसी तरह की गंभीर बीमारी रही है या सर्जरी हुई है, उन्हें इसका जोखिम अधिक रहता है।
सीवियर सेप्सिस क्या है?- Severe Sepsis Causes And Symptoms In Hindi
American Thoracic Society के मुताबिक, "सीवियर सेप्सिस तब विकसित होता है जब संक्रमण से अंग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।’ इसे आप एक तरह का इमर्जेंसी मेडिकल कंडीशन कह सकते हैं।" इस बीमारी के तहत संक्रमण के कारण शरीर में काफी ज्यादा सूजन आ जाती है। हालांकि, इसके लक्षण भी आपको सेप्सिस के जैसे ही नजर आते हैं। जैसे बुखार, हाइपोथर्मिया, हार्ट बीट का तेज होना, सांस लेने में दिक्कत, कंफ्यूजन आदि। सीवियर सेप्सिस में आपको जो अन्य लक्षण नजर आते हैं, वे और भी गंभीर हैं। इनमें स्किन कलर बदलना, सिरदर्द, सिर का भारी होना, बातचीत में दिक्कत आना, ब्लड प्रेशर कम होना, कॉन्शसनेस खो बैठना। अगर किसी को सीवियर सेप्सिस होता है, तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है।
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सेप्सिस और सीवियर सेप्सिस से बचाव के तरीके- Prevention Tips Of Sepsis And Severe Sepsis In Hindi
सेप्सिस और सीवियर सेप्सिस से बचने के लिए जरूरी है कि आप किसी भी तरह का इंफेक्शन न होने दें। अगर कोई संक्रमण हुआ है, तो समय रहते उसका ट्रीटमेंट करवाएं। पूरा इलाज करवाना ही सेप्सिस या सीवियर सेप्सिस से बचने का एकमात्र तरीका है। इसके अलावा, अगर कभी संक्रमण हो जाए, तो उस समय हाइजीन का ध्यान रखें, जरूरी वैक्सींस लगाएं। यही नहीं, सेप्सिस और सीवियर सेप्सिस से बचाव के लिए आवश्यक है कि आप हेल्दी लाइफस्टाइल मैनेज करें, ताकि किसी भी तरह की क्रॉनिक डिजीज को मैनेज किया जा सके और जब भी जरूरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। सेप्सिस और सीवियर सेप्सिस होने की स्थिति में लापरवाही करना जानलेवा साबित हो सकता है, इस बात का पूरा ध्यान रखें।
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