आपको सच में ज्यादा भूख लगती है या ये 'इमोशनल क्रेविंग' है? इन तरीकों से पहचानें दोनों में अंतर

फिजिकल भूख (हंगर) में आप क्या खा रहे हैं कितना खा रहे हैं? पूरी तरह से सचेत होते हैं। लेकिन इमोशनल हंगर में आपको इन बातों का ध्यान नहीं रहता।

 
Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Aug 15, 2021 10:30 IST
आपको सच में ज्यादा भूख लगती है या ये 'इमोशनल क्रेविंग' है? इन तरीकों से पहचानें दोनों में अंतर

क्या आपका कभी कभी मीठा या चॉकलेट खाने का बहुत मन करता है, ऐसा आपने कभी महसूस किया है? ऐसा अक्सर हम सब के साथ तब होता है जब हम किसी वजह से बहुत ज्यादा परेशान या स्ट्रेस में हों। इसके विपरीत क्या कभी आपने महसूस किया है कि आप खाना खाते खाते रुक गए हो और अंदर से खाने की इच्छा न रही हो या ज्यादा खाने से आपको उल्टी और पेट दर्द महसूस हो रहा हो। दरअसल यही फिजिकल भूख (Physical Hunger) है। इसमें आपका शरीर उतना ही लेता है जितनी आपको जरूरत है।  पर बहुत से लोग इसी फिजिकल हंगर और इमोशनल हंगर के बीच फर्क नहीं (Difference between physical and emotional hunger) कर पाते हैं। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं इन दोनों का फर्क

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एक्सपर्ट की राय

न्यूट्रीशनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट डॉक्टर वरुण कत्याल बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि फिजिकल हंगर(Physical Hunger) में कुछ लोग ओवर ईटिंग नहीं करते। लेकिन सबसे ज्यादा ओवर ईटिंग का कारण इमोशनल हंगर होती है। आपको किसी भी प्रकार के स्ट्रेस को कम करने का एक अच्छा माध्यम खाना लगता है। लेकिन यह आपके शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक है। इसलिए अच्छा होगा यदि आप तनाव के समय या जब आपका मन अशांत हो तो, किसी दोस्त से बात करें या किसी और एक्टिविटी में मन लगाएं।

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फिजिकल हंगर या भूख (Physical Hunger)

जबकि फिजिकल हंगर में हमारी बॉडी हमको संकेत देती है कि, 'अब भूख लग रही है कुछ खाया जाए!'  फिजिकल भूख(हंगर) में आप सुबह शाम या दोपहर को मील खाते हैं और जब आपका पेट भर जाता है तो आप रुक जाते हैं। इस तरह की भूख के दौरान आप ओवर ईटिंग नहीं करते। अगर आप भूखे होते हैं तो आपके पेट में दर्द या गड़गड़ होने लगती है और अगर आप इस भूख को संतुष्ट नहीं करते तो आपको कमजोरी महसूस होने लगती है अथवा आपका ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है। 

फिजिकल हंगर के लक्षण (Symptoms of Physical Hunger)

  • फिजिकल भूख धीरे धीरे लगती है और इसका एक फिक्स समय होता है।
  • फिजिकल हंगर आपके शरीर की जरूरत होती है और किसी भी प्रकार का खाना इसे संतुष्ट कर सकता है।
  • अगर आपको फिजिकल भूख लगी होगी तो आपका पेट भरने के बाद आप रुक जायेंगे और अधिक खाना नहीं खायेंगे ।
  • फिजिकल भूख को शांत करने के बाद आपको किसी तरह का दोष महसूस नहीं होता। आप इस भूख को शांत करके अपने शरीर की ही जरूरत को पूरी करते हैं।

इमोशनल भूख (हंगर) (Emotional Hunger)

इस तरह की भूख आपके शरीर की जरूरत नहीं है। इस दौरान आप जो महसूस कर रहे होते हैं उस स्थिति या उस इमोशन से बाहर निकलने के लिए जो चीज आपको सबसे अधिक पसंद होती है इसका सेवन करते हैं। काम से जुड़ी या किसी भी तरह की स्ट्रेस इमोशनल ईटिंग का कारण होती है। इन चीजों में अधिकतर जंक फूड और शुगर से युक्त ड्रिंक्स या चीजें शामिल होती हैं जो आपको अन हेल्दी भी बना सकती हैं।

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इमोशनल भूख (Symptoms Of Emotional Hunger)

  • इमोशनल हंगर किसी भी समय महसूस हो सकती है और यह अचानक से आती है।
  • इमोशनल ईटिंग केवल जंक फूड जैसे पिज्जा, आइस क्रीम, चॉकलेट और बर्गर आदि से ही संतुष्ट होता है।
  • अगर आपको इमोशनल भूख लगी होगी तो आपका पेट भरा होने के बाद भी आप नहीं रुकेंगे और ओवर ईटिंग करते जायेंगे।
  • इमोशनल हंगर में आप अधिक खा लेते हैं जिसके कारण आपको बाद में गिल्टी महसूस होता है।

एक टेस्ट जो बताएगा दोनों भूख में अंतर

जब आप भूख महसूस कर रहे हों तब आप एक सेब लें और खुद से पूछें क्या आप इस सेब को खाना चाहते हैं? अगर आपका जवाब हां है तो इसका अर्थ है कि आप वाकई भूखे हैं। यदि आपकी सेब खाने की इच्छा नहीं होगी तो इसका मतलब है कि आप इमोशनली भूखे हैं और आपको कुछ क्रेविंग की इच्छा हो रही है।

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हालांकि इमोशनल ईटिंग आपकी स्ट्रेस और अन कंफर्टेबल स्थितियों से आपको राहत दिलाने के लिए जरूरी होती है। लेकिन यह आपके शरीर के लिए हानिकारक होती है। क्योंकि इसमें जंक फूड शामिल होता है। आप इस अवस्था में अधिक मात्रा में खा लेते हैं। जो केवल आपके शरीर को हानि ही पहुंचाता है। इसलिए अगर आप इमोशनल हो कर भी कुछ खाते हैं तो उस की भी मात्रा का पूरा ध्यान रखें। अन्यथा आपको बाद में पछताना पड़ सकता है।

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