Fri Sep 11, 2026 | 09:59 PM IST

Dengue: डेंगू के कारण किडनी फेल होने से छात्रा की मौत, जानें किडनियों के लिए क्यों खतरनाक है डेंगू?

डेंगू वायरस के कारण किडनी फेल होने से 19 साल की एक लड़की की मौत हो गई। जानें डेंगू किस तरह करता है किडनियों को प्रभावित और क्या हैं डेंगू के खतरनाक लक्षण, जिनसे रहना चाहिए सावधान।

बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर डेंगू की शुरुआत बुखार से होती है, जिसे शुरुआत में लोग नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप भी डेंगू को सामान्य बीमारी समझते हैं, तो सावधान हो जाएं। सोमवार को डेंगू को कारण किडनी फेल होने से एक 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई। युवती देहरादून के हिमालयन अस्पताल में भर्ती थी। देहरादून में इन दिनों डेंगू का कहर जारी है। रिपोर्ट के अनुसार इसी साल 650 से ज्यादा मरीजों में इसकी पुष्टि की जा चुकी है। इसके अलावा दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड आदि राज्यों में डेंगू मॉनसून में एक बड़ी समस्या के रूप में उभर आता है।

डेंगू के कारण शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं, जिनमें से एक आपकी किडनियां भी हैं। गंभीर स्थिति में डेंगू व्यक्ति की किडनियों को फेल कर सकता है और उसकी मौत हो सकती है। आइए आपको बताते हैं डेंगू के कारण किडनियों पर कैसे होता है असर और कैसे कर सकते हैं इससे बचाव।

डेंगू खराब कर सकता है आपकी किडनियां (Dengue and Kidney Diseases)

डेंगू मच्छरों के कारण फैलने वाली बीमारी है। इसका सबसे पहला और सामान्य लक्षण बुखार है। मगर डेंगू शरीर को कई तरह से प्रभावित करता है। आमतौर पर डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है, जिसके कारण मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। डेंगू का असर आपकी किडनियों पर भी पड़ता है। डेंगू का सही समय पर इलाज न कराने पर किडनी से संबंधित निम्न समस्याएं हो सकती हैं-

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  • किडनी फेल्योर (Acute Kidney failure)- गंभीर स्थिति में मरीज की किडनियां फेल हो सकती हैं, जिसके कारण व्यक्ति की अचानक मौत हो सकती है।
  • किडनी में सूजन (Glomerulonephritis)- ग्लोमेरुलोनेफराइटिस एक ऐसी समस्या है, जिसमें व्यक्ति की किडनियों में सूजन आ जाता है, जिसके कारण ये ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।
  • प्रोटीन्यूरिया (Proteinuria)- इस समस्या के होने पर व्यक्ति के शरीर का प्रोटीन पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलने लगता है।
  • हेमाट्यूरिया (Hematuria)- इस समस्या में व्यक्ति के पेशाब के साथ रेड ब्लड सेल्स निकलने लगते हैं, जिसके कारण पेशाब का रंग लाल या भूरा दिखाई देता है।

क्यों खतरनाक हैं किडनी की ये बीमारियां

किडनी की ये सभी बीमारियां खतरनाक होती हैं और तुरंत इलाज न कराने पर व्यक्ति की जान ले सकती हैं। ये तो आपको भी बता होगा कि किडनियां हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनका काम शरीर में मौजूद तरल पदार्थों (खून भी) को छानकर उन तत्वों को अलग करना है, जो शरीर के लिए काम के नहीं हैं। इन्हें टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थ) कहते हैं। किडनियां इन टॉक्सिन्स को अलग करके पेशाब के रूप में बाहर निकाल देती हैं। अब जब व्यक्ति की किडनियां ठीक से काम नहीं करती हैं या काम करना बंद कर देती हैं, तो खून फिल्टर नहीं हो पाता है और टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिसके कारण व्यक्ति के दूसरे अंग प्रभावित होते हैं और उसकी मौत हो जाती है।

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डेंगू के खतरनाक लक्षण (Early Symptoms of Dengue)

  • लगातार कई दिनों तक बुखार आना या बुखार के साथ ठंड लगना
  • बेचैनी महसूस होना
  • पेट या पीठ में तेज दर्द होना (क्योंकि किडनियां इसी के बीच होती हैं)
  • त्वचा पर चकत्ते आना
  • सिर दर्द होना
  • पेशाब के साथ लाल या सफेद पदार्थ निकलना
  • बुखार के साथ ब्लड प्रेशर कम होना
  • दिल की धड़कनों का घटना-बढ़ना

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Anurag Gupta

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Deputy Editor

अनुराग गुप्ता एक अनुभवी हेल्थ जर्नलिस्ट हैं, जो पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 8 से अधिक वर्षों से स्वास्थ्य विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों टीमों की संपादकीय जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने 2017 में OnlyMyHealth में सब एडिटर के रूप में अपने हेल्थ जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ वह संपादकीय टीम में वरिष्ठ भूमिका में पहुंचे और आज वेबसाइट की कंटेंट स्ट्रैटेजी, आइडिया अप्रूवल, कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल, टीम मैनेजमेंट और एडिटोरियल प्लानिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। OnlyMyHealth पर प्रकाशित हेल्थ आर्टिकल्स जिस एडिटोरियल और मेडिकल रिव्यू प्रोसेस से गुजरते हैं, उसकी निगरानी भी वही करते हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि हर लेख प्रमाणित मेडिकल स्रोतों, रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार हो, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे। अनुराग की खासियत है जटिल मेडिकल रिसर्च, हेल्थ डेटा और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समय-समय पर OnlyMyHealth के लिए लेख भी लिखते हैं। OnlyMyHealth से पहले वह Guftagu Print Magazine और ScoopWhoop के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने फीचर और डिजिटल पत्रकारिता में अनुभव हासिल किया। Editorial Policy: अनुराग द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 04, 2019 12:30 IST

    Published By : Anurag Gupta

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