क्यों माना जाता है डेंगू को खतरनाक? जानें डेंगू बुखार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

इन दिनों डेंगू के मामले फिर से तेजी से बढ़ गए हैं। कई राज्यों में खासकर बच्चे बड़ी संख्या में इसका शिकार हो रहे हैं। जानें डेंगू के लक्षण, कारण, उपचार

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 15, 2018Updated at: Sep 13, 2021
क्यों माना जाता है डेंगू को खतरनाक? जानें डेंगू बुखार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

डेंगू एक ऐसी बीमारी है, जो हर साल बारिश के आसपास आती है और हजारों लोगों की जान ले लेती है। ये बीमारी आमतौर पर मच्छरों के कारण फैलती है। डेंगू वायरस से छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है, जिसके कारण व्यक्ति के शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की कमी होने लगती है।

डेंगू के कारण पिछले कई सालों में हजारों लोगों की मौतें हुई हैं। आमतौर पर यह रोग बरसात के मौसम में तेजी से फैलता है। आपको या आपके पड़ोसी को अगर डेंगू बुखार हो जाता है, तो इससे बचने के उपाय अपनायें। सबसे पहले रक्त जांच करायें और अपने आसपास मच्छरों से सुरक्षा के उपाय अपनायें। 

डेंगू बुखार के लक्षण

डेंगू बुखार के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि बुखार किस प्रकार है। सामान्यत: डेंगू बुखार के लक्षण कुछ ऐसे होते हैं:

  • ठंड के साथ अचानक तेज बुखार होना।
  • ब्लड प्रेशर का सामान्य से बहुत कम हो जाना।
  • मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
  • सरदर्द होना।
  • अत्यधिक कमजो़री महसूस होना, भूख कम लगना।
  • गले में दर्द होना।
  • शरीर पर रैशेज़ भी हो सकते हैं। 
  • डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक रहता है। 

डेंगू कैसे फैलता है

  • डेंगू बुखार उस मच्छर के काटने से होता है जिसने पहले से ही किसी डेंगू के मरीज़ को काटा है। यह मच्छर बरसात के मौसम में ज्यादा फैलते हैं और यह उन जगहों पर तेज़ी से फैलते हैं जहां पानी जमा हो । 
  • यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता लेकिन उस मच्छर के काटने से होता है जिसने किसी संक्रमित व्यक्ति को काटा है। 
  • डेंगू उन लोगों को जल्दी प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यह भी हो सकता है कि डेंगू बुखार एक ही व्यक्ति को कई बार हो जाये। लेकिन ऐसी स्‍थिति में बुखार के प्रकार भिन्न होंगे ।
  • मलेरिया की तरह डेंगू बुखार भी मच्छरों के काटने से फैलता है। इन मच्छरों को 'एडीज मच्छर' कहते हैं और यह दिन में काटते हैं।

डेंगू का उपचार

  • डेंगू वायरल संक्रमण है और इसलिए यह बीमारी स्वयं ही एक से दो हफ्तों में ठीक हो जाती है।
  • बीमारी का इलाज इससे होने वाली समस्या‍ओं को कम करके ही किया जा सकता है।
  • सामान्य बुखार की स्थिति में पैरासिटामाल दिया जा सकता है।

डेंगू से बचने के उपाय

  • डेंगू से बचने के लिए सबसे ज़रूरी है मच्छरों से बचना जिनसे कि डेंगू का वायरस फैलता है।
  • ऐसे क्षेत्र जहां डेंगू फैल रहा है, वहां पानी को जमा ना होने दें। कूलर का पानी बदलें, गमले या सड़कों पर पानी जमा ना होने दें। 
  • बरसात में या ऐसे क्षेत्रों में जहां मच्छर हों वहां मच्छरों से बचने का हर संभव प्रयास करें। 

आप जिस क्षेत्र में रह रहे हैं वहां मच्छर अधिक हैं तो मास्कीटो रिपेलेंट का प्रयोग ज़रूर करें। अपने घर, बच्चों के स्कूल और आफिस की साफ सफाई पर भी नज़र रखें।

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